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ओएमआर के मूल्यांकन पर भी छात्रों को नहीं एतबार
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आगरा। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय की शैक्षणिक सत्र 2020-21 की परीक्षा में फेल होने या नंबर कम आने पर छात्रों को ओएमआर शीट आधारित परीक्षा के मूल्यांकन पर भी भरोसा नहीं है। वह अपनी ओएमआर शीट देखना चाहते हैं। विश्वविद्यालय के समाज विज्ञान संस्थान में उच्चस्तरीय समिति की ओर से लगाए जा रहे हेल्प डेस्क पर 308 छात्रों ने प्रार्थनापत्र देकर ओएमआर शीट दिखाने की मांग की है।
उच्चस्तरीय समिति की ओर से 11 अक्तूबर से हेल्प डेस्क लगाई जा रही है। 15 अक्तूबर तक कुल 499 प्रार्थनापत्र हेल्प डेस्क प्राप्त हुए। 188 प्रार्थनापत्र मार्क्स वेटिंग से संबंधित हैं। 308 ने ओएमआर शीट दिखाने के लिए प्रार्थनापत्र दिए हैं। तीन अन्य मामले हैं। उच्चस्तरीय समिति 18 अक्तूबर तक हेल्प डेस्क लगाएगी। छात्र संगठनों ने धरना-प्रदर्शन के माध्यम से सत्र 2020-21 की मुख्य परीक्षा में बड़ी संख्या में छात्रों के फेल होने पर रोष जाहिर किया था। छात्रों को पास किए जाने की भी मांग की गई। ओएमआर शीट भी दिखाने के लिए कहा गया। इसी कड़ी में कमेटी प्रार्थनापत्र ले रही है।
उच्चस्तरीय समिति के सदस्य प्रो. मनोज श्रीवास्तव और प्रो. ब्रजेश रावत का कहना है कि जिन छात्रों ने मांग की है, उन्हें ओएमआर शीट दिखाने के लिए प्रभारी कुलपति से संस्तुति की जाएगी। इससे छात्र-छात्राएं संतुष्ट भी हो जाएंगे। तमाम छात्रों ने ई-मेल के माध्यम से अपनी समस्या तो भेज दी है, उसके साथ जरूरी प्रमाणपत्र नहीं लगाए हैं। खासतौर पर मार्क्स वेटिंग वाले प्रकरण में ऐसा अधिक है।
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विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस बार छात्रों को सूचना अधिकार अधिनियम (आरटीआई) के तहत कॉपी (ओएमआर शीट) देखने का अवसर नहीं दिया है। इससे छात्र-छात्राएं अधिक परेशान हैं। गत वर्ष में आरटीआई के तहत कॉपी देखने के बाद ही छात्र-छात्राएं चुनौती मूल्यांकन के लिए आवेदन करते थे।
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उच्चस्तरीय समिति की ओर से 11 अक्तूबर से हेल्प डेस्क लगाई जा रही है। 15 अक्तूबर तक कुल 499 प्रार्थनापत्र हेल्प डेस्क प्राप्त हुए। 188 प्रार्थनापत्र मार्क्स वेटिंग से संबंधित हैं। 308 ने ओएमआर शीट दिखाने के लिए प्रार्थनापत्र दिए हैं। तीन अन्य मामले हैं। उच्चस्तरीय समिति 18 अक्तूबर तक हेल्प डेस्क लगाएगी। छात्र संगठनों ने धरना-प्रदर्शन के माध्यम से सत्र 2020-21 की मुख्य परीक्षा में बड़ी संख्या में छात्रों के फेल होने पर रोष जाहिर किया था। छात्रों को पास किए जाने की भी मांग की गई। ओएमआर शीट भी दिखाने के लिए कहा गया। इसी कड़ी में कमेटी प्रार्थनापत्र ले रही है।
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उच्चस्तरीय समिति के सदस्य प्रो. मनोज श्रीवास्तव और प्रो. ब्रजेश रावत का कहना है कि जिन छात्रों ने मांग की है, उन्हें ओएमआर शीट दिखाने के लिए प्रभारी कुलपति से संस्तुति की जाएगी। इससे छात्र-छात्राएं संतुष्ट भी हो जाएंगे। तमाम छात्रों ने ई-मेल के माध्यम से अपनी समस्या तो भेज दी है, उसके साथ जरूरी प्रमाणपत्र नहीं लगाए हैं। खासतौर पर मार्क्स वेटिंग वाले प्रकरण में ऐसा अधिक है।
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विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस बार छात्रों को सूचना अधिकार अधिनियम (आरटीआई) के तहत कॉपी (ओएमआर शीट) देखने का अवसर नहीं दिया है। इससे छात्र-छात्राएं अधिक परेशान हैं। गत वर्ष में आरटीआई के तहत कॉपी देखने के बाद ही छात्र-छात्राएं चुनौती मूल्यांकन के लिए आवेदन करते थे।