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छात्र संघ चुनावः लापता छात्र पहुंचा थाने, एनएसयूआई ने घटना को बताया साजिश

Thu, 12 Oct 2017 05:45 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला आगरा
टीम डिजिटल/अमर उजाला आगरा Updated Thu, 12 Oct 2017 05:45 PM IST
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student missing after taking back name from election in agra
छात्र संघ चुनाव - फोटो : अमर उजाला
डा. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा के छात्र संघ चुनाव के बीच खलबली मच गई। गुरुवार को संयुक्त सचिव पद से नाम वापसी के बाद विवि का छात्र लापता हो गया। मामले में पुलिस ने एनएसयूआई कार्यकर्ता को हिरासत में लिया। हालांकि कुछ देर बाद छात्र ने थाने पहुंच सारी बात पुलिस को बताई। 
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बता दें कि आगरा विश्वविद्यालय में छात्र संघ चुनाव की प्रक्रिया चल रही है। इसी क्रम में गुरुवार को नाम वापसी का दिन था। इसमें संयुक्त सचिव पद के लिए नामांकन करने वाले विवि के इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के छात्र आनंद कुमार ने अपना नाम वापस ले लिया। 
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वह एनएसयूआई कार्यकर्ता के दीप आशुतोष विमल के साथ अपना नाम वापस लेने आया था। आरोप है कि दीप आशुतोष विमल उसे जबरन आगरा विवि के खंदारी कैंपस में जेपी सभागार में नाम वापसी के लिए लाया। इसके बाद उसका कुछ पता नहीं चला। 
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रिपोर्ट दर्ज कराने पहुंचे विवि के अधिकारी

जैसे ही छात्रों ने आनंद के गायब होने सूचना विवि के अधिकारियों को दी तो हड़कंप मच गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने एनएसयूआई के दीप आशुतोष विमल को हिरासत में ले लिया। विश्वविद्यालय के अधिकारी भी न्यू आगरा थाने रिपोर्ट दर्ज कराने पहुंच गए।

इधर बात पुलिस तक पहुंचते ही आनंद कुमार के कहीं बैठकर खाना खाने की सूचना दी गई। इस पर पुलिस ने उसे भी थाने आने को कहा है। थाने पहुंचकर आनंद ने पुलिस को बताया कि उसने अपनी मर्जी से नाम वापस लिया था। किसी ने उस पर दबाव नहीं डाला। 

विपक्षियों की साजिश

छात्र के वापस पहुंचने के बाद पुलिस द्वारा ‌हिरासत में लिए गए एनएसयूआई कार्यकर्ता दीप आशुतोष विमल ने पूरी घटना को विपक्षी दलों की साजिश बताया। उन्होंने कहा कि वे आनंद के साथ गए जरूर थे लेकिन उस पर कोई दबाव नहीं डाला। 

नाम वापसी के बाद वह अपनी मर्जी से गया था। उसके साथी छात्रों और विपक्षी दलों ने उसे फंसाने के लिए झूठा आरोप लगा दिया। मामले में पुलिस ने छात्र आनंद कुमार से प्रार्थना पत्र लेने के बाद एनएसयूआई कार्यकर्ता को भी छोड़ दिया।  
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