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जांच के लिए भटके मरीज
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 02 Sep 2016 12:31 AM IST
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इंडियन रेडियोलॉजिकल एंड इमेजिंग एसोसिएशन की हड़ताल रही
- फोटो : अमर उजाला
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जिले के अधिकतर अल्ट्रासाउंड, एक्सरे, एमआरआई, सीटी स्कैन सेंटर बंद रहे। मरीजों को जांच कराने के लिए भटकना पड़ा। जिन हास्पिटलों में सुविधा है, उसमें पहुंचने वाले मरीजों की जांच हो गई। बाहर जांच नहीं हो पाई, कुछ सेंटर खुले थे, लेकिन उसमें पुरानी रिपोर्ट ही दी जा रही थी।
इंडियन रेडियोलॉजिकल एंड इमेजिंग एसोसिएशन के बैनर तले पीसी एंड पीएनडीटी अधिनियम में संशोधन सहित छह मांगों के संबंध में देश व्यापी हड़ताल गुरुवार को शुरू हुई। आगरा में इसका ठीकठाक असर रहा। घोषित हड़ताल से कुछ मरीज जांच कराने पहुंचे ही नहीं। वहीं डाक्टरों ने भी संबंधित जांचें कम लिखीं। हड़ताल जारी रही तो दिक्कतें बढ़ जाएंगी।
सुबह 10 बजे रेडियोलॉजिस्ट आईएमए भवन पर एकत्र हुए और सभा हुई। एसोसिएशन के आगरा चैप्टर के अध्यक्ष अरविंद गुप्ता ने कहा कि एक्ट की आड़ में ऐसे ईमानदार रेडियोलॉजिस्ट का भी उत्पीड़न किया जाता हैै। मांगे न मानी जाने पर दो सितंबर से अनिश्चितकाल के लिए अल्ट्रासाउंड सेंटर बंद रहेंगे।
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रेडियोलॉजिस्ट सीएमओ कार्यालय भी पहुंचें। सीएमओ बीएस यादव को ज्ञापन सौंपा। शाम को स्पीड कलर लैब से लेकर शहीद स्मारक तक कैंडल मार्च निकाला। एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष वनज माथुर, संयुक्त सचिव डा. पंकज नगाइच, डा. मुनीश्वर गुप्ता, डा. अजय बुलागन, डा. एमबी जैन, डा. पीके तिवारी, डा. संजना अरोरा आदि मौजूद रहे।
इन समस्याओं का सामना कर रहे डाक्टर
आगरा। डाक्टरों का कहना है कि फार्म-एफ को भरने के दौरान कोई गलती होने, एप्रिन न पहनने, एक्ट बुकलेट न होने पर डाक्टर को एक्ट के तहत अपराधी मान लिया जाता है। करीब 10.5 लाख रुपये की मशीन तीन वर्ष के लिए सील कर दी जाती है। जबकि ऐसे तमाम मामलों के नतीजे डाक्टरों के पक्ष में हुए हैं। डाक्टरों को गर्भवती महिला का अल्ट्रासाउंड करने पर प्रशासन को आनलाइन जानकारी उपलब्ध करानी होती है। हार्ड कापी के रूप में फार्म-एफ में 26 सवाल भरने होते हैं, रजिस्टर भी मेंटेन करना होता है। इसमें परेशानी होती है।
जांच सेंटर रोजाना होने वाली जांचें
अल्ट्रासाउंड 300 5000
एक्सरे 50 1500-2000
एमआरआई 12 50-60
सीटी स्कैन 20 200 से 250
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इंडियन रेडियोलॉजिकल एंड इमेजिंग एसोसिएशन के बैनर तले पीसी एंड पीएनडीटी अधिनियम में संशोधन सहित छह मांगों के संबंध में देश व्यापी हड़ताल गुरुवार को शुरू हुई। आगरा में इसका ठीकठाक असर रहा। घोषित हड़ताल से कुछ मरीज जांच कराने पहुंचे ही नहीं। वहीं डाक्टरों ने भी संबंधित जांचें कम लिखीं। हड़ताल जारी रही तो दिक्कतें बढ़ जाएंगी।
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सुबह 10 बजे रेडियोलॉजिस्ट आईएमए भवन पर एकत्र हुए और सभा हुई। एसोसिएशन के आगरा चैप्टर के अध्यक्ष अरविंद गुप्ता ने कहा कि एक्ट की आड़ में ऐसे ईमानदार रेडियोलॉजिस्ट का भी उत्पीड़न किया जाता हैै। मांगे न मानी जाने पर दो सितंबर से अनिश्चितकाल के लिए अल्ट्रासाउंड सेंटर बंद रहेंगे।
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रेडियोलॉजिस्ट सीएमओ कार्यालय भी पहुंचें। सीएमओ बीएस यादव को ज्ञापन सौंपा। शाम को स्पीड कलर लैब से लेकर शहीद स्मारक तक कैंडल मार्च निकाला। एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष वनज माथुर, संयुक्त सचिव डा. पंकज नगाइच, डा. मुनीश्वर गुप्ता, डा. अजय बुलागन, डा. एमबी जैन, डा. पीके तिवारी, डा. संजना अरोरा आदि मौजूद रहे।
इन समस्याओं का सामना कर रहे डाक्टर
आगरा। डाक्टरों का कहना है कि फार्म-एफ को भरने के दौरान कोई गलती होने, एप्रिन न पहनने, एक्ट बुकलेट न होने पर डाक्टर को एक्ट के तहत अपराधी मान लिया जाता है। करीब 10.5 लाख रुपये की मशीन तीन वर्ष के लिए सील कर दी जाती है। जबकि ऐसे तमाम मामलों के नतीजे डाक्टरों के पक्ष में हुए हैं। डाक्टरों को गर्भवती महिला का अल्ट्रासाउंड करने पर प्रशासन को आनलाइन जानकारी उपलब्ध करानी होती है। हार्ड कापी के रूप में फार्म-एफ में 26 सवाल भरने होते हैं, रजिस्टर भी मेंटेन करना होता है। इसमें परेशानी होती है।
जांच सेंटर रोजाना होने वाली जांचें
अल्ट्रासाउंड 300 5000
एक्सरे 50 1500-2000
एमआरआई 12 50-60
सीटी स्कैन 20 200 से 250