फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   STF gets clues in teacher recruitment scam mathura

शिक्षक भर्ती घोटाला: एसटीएफ के हाथ लगे ऐसे सुराग, अन्य नौकरियों पर भी उठे सवाल

Wed, 18 Jul 2018 06:06 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला मथुरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला मथुरा Updated Wed, 18 Jul 2018 06:06 AM IST
विज्ञापन
STF gets clues in teacher recruitment scam mathura
प्रतीकात्मक तस्वीर
शिक्षक भर्ती घोटाले की जांच कर रही एसटीएफ के हाथ कुछ ऐसे सुराग लगे हैं जिससे कई सरकारी महकमों की नौकरियों में फर्जी डिग्रियों के इस्तेमाल की पूरी संभावना व्यक्त की गई है। 
विज्ञापन


मथुरा में शिक्षक भर्ती में ही 150 डिग्रियां जाली मिल चुकी हैं। एसटीएफ का मानना है कि फर्जी डिग्री बनाने वाले रैकेट की गिरफ्तारी के बाद बड़ा खुलासा हो सकती है। 
विज्ञापन


प्रदेश भर में बीएड, बीटीसी, टीईटी के साथ बीए, बीएससी, इंटर-हाईस्कूल के जाली प्रमाण पत्र बड़ी संख्या में बनाए गए हैं। मथुरा शिक्षक भर्ती घोटाले का खुलासा हुआ तो यह गड़बड़झाला सामने आया। 
विज्ञापन
विज्ञापन

जांच में पता चला कि एक पूरा रैकेट है जो फर्जी डिग्रियां बना रहा है। इनका इस्तेमाल शिक्षक भर्ती के साथ कई दूसरे विभागों की भर्तियों में भी हुआ है। मैरिट में स्थान बनाने के लिए फर्जी डिग्रियां तैयार कराई गई हैं। 

कई जिलों से पहुंच रहीं शिकायतें

एसटीएफ के पास कई जिलों से इस प्रकार की शिकायतें पहुंच रही हैं, जिसमें सरकारी विभागों में फर्जी डिग्री से नौकरी हासिल करने के मामले बताए जा रहे हैं। झांसी, गोरखपुर, कानपुर, आजमगढ़, इलाहाबाद, बरेली, मुरादाबाद, मेरठ, सहारनपुर के साथ ही कई जिलों से जांच एजेंसियों के पास गोपनीय पत्र पहुंच रहे हैं। एसटीएफ इसकी पड़ताल में लग गई है। 

माना जा रहा है कि रैकेट की गिरफ्तारी के बाद पूरा खुलासा हो सकता है। एसटीएफ के एसपी आलोक प्रियदर्शी का कहना है कि जिन जिलों से शिकायतें आ रही हैं वहां जांच कराई जा रही है। जिस तरह के सुराग मिल रहे हैं उससे लगता है कि दूसरे विभागों की नौकरियों में भी जाली सर्टिफिकेट लगाए गए होंगे।

फर्जी शिक्षक घोटाले को दबाने में लगे अफसर

फर्जी शिक्षक घोटाले को अफसर दबाने में लगे हैं। 110 फर्जी शिक्षक पाए जा चुके हैं, लेकिन अभी तक इनमें से किसी के खिलाफ शिक्षा विभाग मुकदमा दर्ज नहीं करा सका है। वहीं रैकेट से जुड़े जो सात लोग फरार चल रहे हैं उनकी भी गिरफ्तारी नहीं की जा रही है।

एसटीएफ के खुलासे के बाद पुलिस ने आगे कोई कार्रवाई अभी तक नहीं की है। स्थिति यह है कि अब तो कहीं दबिश भी नहीं दी जा रही है। एसएसपी प्रभाकर चौधरी के समय में जरूर पुलिस ने तेजी दिखाई थी, लेकिन उनके तबादले के बाद इस घोटाले की जांच को पुलिस ने होल्ड कर दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed