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कोचिंग या मौत के सेंटर: लखनऊ में जिंदा जले 15 छात्र, इन संस्थानों में भी खतरा; नियमों की उड़ रहीं धज्जियां
Tue, 23 Jun 2026 08:15 AM IST
आगरा ब्यूरो
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: आगरा ब्यूरो
Updated Tue, 23 Jun 2026 08:15 AM IST
सार
लखनऊ के कोचिंग अग्निकांड में 15 छात्रों की मौत के बाद आगरा के कोचिंग सेंटरों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। शहर में अधिकांश कोचिंग और लाइब्रेरी बिना पर्याप्त अग्नि सुरक्षा इंतजाम और फायर एनओसी के संचालित हो रही हैं, जिससे हजारों छात्रों की जान जोखिम में है।
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कोचिंग सेंटर
विस्तार
लखनऊ के कोचिंग सेंटर में आग लगने से 15 छात्रों की मौत की घटना ने हर किसी को झकझोर दिया है। आगरा में गली-मोहल्लों से लेकर व्यावसायिक भवनों तक में कोचिंग संस्थान चल रहे हैं। प्रशासन, शिक्षा, अग्निशमन विभाग के जिम्मेदार अधिकारी और कर्मचारी भी इनकी कोई सुध नहीं ले रहे हैं। ऐसे में विद्यार्थियों की जिंदगी दांव पर है। सैंया में लाइब्रेरी में आग लगने की घटना के बाद चेकिंग अभियान भी खानापूर्ति ही बनकर रह गया।
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शहर में पंजीकृत कोचिंग सेंटर की संख्या 130 के आसपास है, जबकि घरों, दुकानों में बिना पंजीकरण के भी बड़ी संख्या में कोचिंग और लाइब्रेरी चल रही हैं। न्यू आगरा क्षेत्र में ही इनकी संख्या 50 से अधिक है। इनमें कुछेक को छोड़कर बाकी का शायद ही कभी किसी विभाग ने निरीक्षण किया होगा। ज्यादातर में विद्यार्थियों की संख्या भी 50 से अधिक है। कई कोचिंग में तो यह संख्या 200 से 500 के पार तक भी है। इसके बावजूद आग से बचाव के इंतजाम नाकाफी हैं।
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यह है हाल
खंदारी चौराहे के पास सर्विस सड़क पर एक चार मंजिला व्यावसायिक भवन में कोचिंग के अलावा दो और कार्यालय बने हैं। इस भवन में आने-जाने के लिए एक ही रास्ता है। आग लगने की स्थिति में बचाव कार्य और लोगों के बाहर निकलने में असुविधा का सामना करना पड़ सकता है।
सर्विस सड़क पर ही दो मंजिला एक कॉम्प्लेक्स में कोचिंग संचालित है। इसमें भी लोगों के आने जाने का एक ही रास्ता है। कोचिंग में विद्यार्थियों की संख्या भी सौ से अधिक है।
नगला पदी के कई घरों में बड़ी संख्या में अवैध तरीके से लाइब्रेरी संचालित हो रही हैं। इनका शिक्षा विभाग में पंजीकरण भी नहीं है। विद्यार्थियों के मुताबिक, घरों में भूतल पर लाइब्रेरी चल रही हैं, जबकि दूसरी मंजिल पर परिवार रहते हैं।
भगवान टाकीज चौराहे के पास कई व्यावसायिक भवन हैं। इनमें दुकान, शोरूम, होटल के साथ ही कोचिंग संस्थान भी संचालित हो रहे हैं। इनमें से किसी की फायर एनओसी भी नहीं है।
खंदारी चौराहे के पास सर्विस सड़क पर एक चार मंजिला व्यावसायिक भवन में कोचिंग के अलावा दो और कार्यालय बने हैं। इस भवन में आने-जाने के लिए एक ही रास्ता है। आग लगने की स्थिति में बचाव कार्य और लोगों के बाहर निकलने में असुविधा का सामना करना पड़ सकता है।
सर्विस सड़क पर ही दो मंजिला एक कॉम्प्लेक्स में कोचिंग संचालित है। इसमें भी लोगों के आने जाने का एक ही रास्ता है। कोचिंग में विद्यार्थियों की संख्या भी सौ से अधिक है।
नगला पदी के कई घरों में बड़ी संख्या में अवैध तरीके से लाइब्रेरी संचालित हो रही हैं। इनका शिक्षा विभाग में पंजीकरण भी नहीं है। विद्यार्थियों के मुताबिक, घरों में भूतल पर लाइब्रेरी चल रही हैं, जबकि दूसरी मंजिल पर परिवार रहते हैं।
भगवान टाकीज चौराहे के पास कई व्यावसायिक भवन हैं। इनमें दुकान, शोरूम, होटल के साथ ही कोचिंग संस्थान भी संचालित हो रहे हैं। इनमें से किसी की फायर एनओसी भी नहीं है।
तीन कोचिंग सेंटर के पास ही फायर एनओसी
मुख्य अग्निशमन अधिकारी देवेंद्र सिंह ने बताया कि फायर एनओसी के लिए ऑनलाइन आवेदन करने पर निरीक्षण किया जाता है। मानक पूरे होने पर ही एनओसी जारी की जाती है। विभाग की ओर से समय-समय पर अभियान चलाया जाता है। अग्निशमन विभाग के दायरे में जो बिल्डिंग नहीं आती हैं, उनमें भी अग्नि सुरक्षा के इंतजाम देखे जाते हैं। संचालकों को अग्निशमन उपकरण लगाने के लिए जागरूक किया जाता है। शहर में तीन कोचिंग के पास ही फायर एनओसी हैं। यह कोचिंग न्यू आगरा और सिकंदरा क्षेत्र में हैं। यह व्यावसायिक भवनों में संचालित हो रही हैं। अभियान चलाकर कोचिंग सेंटर में चेकिंग की जाएगी।
मुख्य अग्निशमन अधिकारी देवेंद्र सिंह ने बताया कि फायर एनओसी के लिए ऑनलाइन आवेदन करने पर निरीक्षण किया जाता है। मानक पूरे होने पर ही एनओसी जारी की जाती है। विभाग की ओर से समय-समय पर अभियान चलाया जाता है। अग्निशमन विभाग के दायरे में जो बिल्डिंग नहीं आती हैं, उनमें भी अग्नि सुरक्षा के इंतजाम देखे जाते हैं। संचालकों को अग्निशमन उपकरण लगाने के लिए जागरूक किया जाता है। शहर में तीन कोचिंग के पास ही फायर एनओसी हैं। यह कोचिंग न्यू आगरा और सिकंदरा क्षेत्र में हैं। यह व्यावसायिक भवनों में संचालित हो रही हैं। अभियान चलाकर कोचिंग सेंटर में चेकिंग की जाएगी।
30 मई को ककुआ में लाइब्रेरी में लगी थी आग
आगरा ग्वालियर सड़क पर ककुआ गांव के पास चारमंजिला इमारत में आग लगी थी। इसमें एक लाइब्रेरी संचालित हो रही थी। घटना के समय करीब 100 छात्र पढ़ाई कर रहे थे। दो परिवार और छात्र ऊपरी तल पर थे। सिलिंडरों में धमाके हुए थे। पुलिस और अग्निशमन विभाग की टीम ने सभी को सुरक्षित बाहर निकाला था। कई को रस्सी के सहारे निकाला गया था। इस घटना के बाद खानापूर्ति का अभियान चलाया गया। किसी भी कोचिंग सेंटर को नोटिस नहीं दिया गया।
आगरा ग्वालियर सड़क पर ककुआ गांव के पास चारमंजिला इमारत में आग लगी थी। इसमें एक लाइब्रेरी संचालित हो रही थी। घटना के समय करीब 100 छात्र पढ़ाई कर रहे थे। दो परिवार और छात्र ऊपरी तल पर थे। सिलिंडरों में धमाके हुए थे। पुलिस और अग्निशमन विभाग की टीम ने सभी को सुरक्षित बाहर निकाला था। कई को रस्सी के सहारे निकाला गया था। इस घटना के बाद खानापूर्ति का अभियान चलाया गया। किसी भी कोचिंग सेंटर को नोटिस नहीं दिया गया।
चलाया जाएगा जागरूकता अभियान
15 मीटर से कम ऊंचाई के भवन के लिए फायर एनओसी की आवश्यकता नहीं होती है। अग्निशमन विभाग की ओर से समय-समय पर व्यावसायिक भवन का निरीक्षण कर लोगों को जागरूक किया जाता है। तीनों जोन के डीसीपी, सीएफओ के साथ बैठक की गई है। तय किया गया है कि जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। बिना एनओसी के व्यावसायिक गतिविधि पर कार्रवाई की जाएगी। - दीपक कुमार, पुलिस आयुक्त
15 मीटर से कम ऊंचाई के भवन के लिए फायर एनओसी की आवश्यकता नहीं होती है। अग्निशमन विभाग की ओर से समय-समय पर व्यावसायिक भवन का निरीक्षण कर लोगों को जागरूक किया जाता है। तीनों जोन के डीसीपी, सीएफओ के साथ बैठक की गई है। तय किया गया है कि जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। बिना एनओसी के व्यावसायिक गतिविधि पर कार्रवाई की जाएगी। - दीपक कुमार, पुलिस आयुक्त
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
लखनऊ की घटना ने सभी को डरा दिया है। बच्चों की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है और प्रशासन को सभी कोचिंग संस्थानों की जांच करनी चाहिए। विनीता, दयालबाग निवासी
फायर एनओसी और इमरजेंसी एग्जिट की व्यवस्था हो
2- फीस और पढ़ाई के साथ-साथ सुरक्षा मानकों का पालन भी जरूरी है। हर कोचिंग में फायर एनओसी और इमरजेंसी एग्जिट की व्यवस्था होनी चाहिए। रुचि सिंघल। दयालबाग निवासी
ऐसी कोचिंग करा देना चाहिए बंद
3- बच्चे कई घंटे कोचिंग में बिताते हैं, इसलिए किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त इंतजाम होने चाहिए। जिस कोचिंग में सुरक्षा के इंतजाम नहीं है उसे बंद करा देना चाहिए। कीर्ति, कमला नगर निवासी
लखनऊ की घटना ने सभी को डरा दिया है। बच्चों की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है और प्रशासन को सभी कोचिंग संस्थानों की जांच करनी चाहिए। विनीता, दयालबाग निवासी
फायर एनओसी और इमरजेंसी एग्जिट की व्यवस्था हो
2- फीस और पढ़ाई के साथ-साथ सुरक्षा मानकों का पालन भी जरूरी है। हर कोचिंग में फायर एनओसी और इमरजेंसी एग्जिट की व्यवस्था होनी चाहिए। रुचि सिंघल। दयालबाग निवासी
ऐसी कोचिंग करा देना चाहिए बंद
3- बच्चे कई घंटे कोचिंग में बिताते हैं, इसलिए किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त इंतजाम होने चाहिए। जिस कोचिंग में सुरक्षा के इंतजाम नहीं है उसे बंद करा देना चाहिए। कीर्ति, कमला नगर निवासी