आगरा: थाना ताजगंज प्रभारी निरीक्षक लाइन हाजिर, न्यू आगरा को चेतावनी, जानें क्या है वजह
थाना ताजगंज क्षेत्र में शमसाबाद रोड के भूखंड पर रातों रात अवैध तरीके से दीवार बना दी गई थी। वहीं न्यू आगरा में सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारी की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा नहीं लिखा था।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
आगरा के थाना ताजगंज के प्रभारी निरीक्षक ओम हरि वाजपेयी को लाइन हाजिर कर दिया गया है। मामला एक भूखंड पर दबंगई से दीवार बनाने के मामले में लापरवाही का है। भूखंड पर रात में दीवार बनाकर पुताई करवा दी गई। पुलिस से शिकायत पर भी कार्रवाई नहीं की। वहीं थाना न्यू आगरा के प्रभारी निरीक्षक भूपेंद्र बालियान को चेतावनी दी गई है। उन्होंने सेवानिवृत्त अधिकारी की शिकायत पर मुकदमा दर्ज नहीं किया।
एडीजी जोन राजीव कृष्ण के मुताबिक, ताजगंज क्षेत्र का एक पक्ष पेश हुआ था। बताया कि उनकी जमीन पर दबंगई से कब्जा किया गया है। रात में दीवार बना ली गई। कई मजदूर लगाए गए थे। बाद में पुताई भी कर दी गई। निर्माण की जानकारी थाना ताजगंज पुलिस को दी गई। निरीक्षक को भी जानकारी थी। मगर, ध्यान नहीं दिया गया।
एडीजी ने पीड़ित को एसएसपी सुधीर कुमार सिंह के पास भेजा। पीड़ित की शिकायत पर जांच हुई। जांच में मामला सही निकला। पुलिस ने निर्माण को तुड़वा दिया। पांच के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस की शह पर कब्जे की बात सामने आई। लापरवाही के आरोप में थाना ताजगंज के प्रभारी निरीक्षक ओम हरि वाजपेयी को लाइन हाजिर कर दिया गया।
दूसरे मामले में दिव्यांग से मारपीट
दूसरे मामले में न्यू आगरा कॉलोनी निवासी कैप्टन प्रदीप कृष्ण अस्थाना सेवानिवृत्त और दिव्यांग हैं। आरोप के मुताबिक, उनसे पड़ोसी सत्यवीर सिंह चौधरी पक्ष ने मारपीट की थी। प्रदीप कृष्ण ने एडीजी से शिकायत की। बताया कि उन्होंने पड़ोसी को जमीन दी थी। एग्रीमेंट किया था कि दो मंजिल से अधिक का निर्माण नहीं होगा। मगर, वो रात के अंधेरे में तीसरी मंजिल का निर्माण करा रहा था। विरोध पर उन्हें पीट दिया गया। पत्नी ने किसी तरह जान बचाई।
थाने में तहरीर दी, लेकिन मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। निरीक्षक भूपेंद्र बालियान से मिले, लेकिन मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। दूसरे पक्ष की तरफ से एक मजदूर से एससी-एसटी एक्ट में आरोप लगाते हुए तहरीर ले ली गई। उसकी तहरीर का भय दिखाया गया। एडीजी ने नाराजगी जाहिर की। इसके बाद मुकदमा दर्ज कर लिया गया। निरीक्षक को चेतावनी दी गई है।