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वसूली के आरोप में घिरी क्राइम ब्रांच टीम पर एसएसपी की कार्रवाई, जमा कराई गाड़ी और हथियार
Wed, 18 Mar 2020 12:37 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Wed, 18 Mar 2020 12:37 AM IST
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एसएसपी बबलू कुमार
- फोटो : अमर उजाला
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आगरा में एसएसपी बबलू कुमार ने क्रिमिनल इंटेलीजेंस विंग (क्राइम ब्रांच) को भंग कर दिया है। इसमें तैनात एक दरोगा और आठ सिपाहियों ने आदेश के बाद पुलिस लाइन में आमद भी करा ली। सरकारी गाड़ी और हथियार भी जमा करा लिए गए। लंबे समय से टीम वसूली के आरोपों में घिरी थी। अब नए सिरे से टीम का गठन किया जाएगा।
क्रिमिनल इंटेलीजेंस विंग में एसआई राजकुमार गिरी, सिपाही तहसीन, हृदेश, सचिन, रवेंद्र, आशुतोष त्रिपाठी, अमित चौहान, चालक मुकेश तैनात थे। एसएसपी बबलू कुमार के मुताबिक, दरोगा और सिपाही काफी समय से जमे हुए थे। उनके बारे में गोपनीय जांच कराई गई थी। अब नई टीम का गठन किया जाएगा। इसमें चरित्र पंजिका देखकर सिपाहियों का चयन होगा।
चार सिपाहियों के ट्रांसफर
इससे पहले जिले के चार सिपाहियों के तबादले किए जा चुके हैं। इनमें शाकिर, अमित, परमेश और आशुतोष शामिल हैं। तबादले एडीजी ने शिकायत मिलने पर गैर जनपदों में किए हैं। हालांकि इन सिपाहियों को रिलीव नहीं किया गया है।
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क्रिमिनल इंटेलीजेंस विंग में एसआई राजकुमार गिरी, सिपाही तहसीन, हृदेश, सचिन, रवेंद्र, आशुतोष त्रिपाठी, अमित चौहान, चालक मुकेश तैनात थे। एसएसपी बबलू कुमार के मुताबिक, दरोगा और सिपाही काफी समय से जमे हुए थे। उनके बारे में गोपनीय जांच कराई गई थी। अब नई टीम का गठन किया जाएगा। इसमें चरित्र पंजिका देखकर सिपाहियों का चयन होगा।
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चार सिपाहियों के ट्रांसफर
इससे पहले जिले के चार सिपाहियों के तबादले किए जा चुके हैं। इनमें शाकिर, अमित, परमेश और आशुतोष शामिल हैं। तबादले एडीजी ने शिकायत मिलने पर गैर जनपदों में किए हैं। हालांकि इन सिपाहियों को रिलीव नहीं किया गया है।
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पहले भी हो चुकी है कार्रवाई
इससे पहले भी टीमों को भंग किया जा चुका है। वर्ष 2014 में टीम ने संजय प्लेस में लाखों का जुआ लूटा था। इस मामले में थाना हरीपर्वत में डकैती का मुकदमा भी दर्ज हुआ था। हालांकि बाद में वादी ने पुलिसकर्मियों के पक्ष में शपथ पत्र दे दिया था। इससे पुलिसकर्मियों को क्लीन चिट मिल गई थी। पूर्व में एसओजी भी कई बार भंग की जा चुकी है।
इससे पहले भी टीमों को भंग किया जा चुका है। वर्ष 2014 में टीम ने संजय प्लेस में लाखों का जुआ लूटा था। इस मामले में थाना हरीपर्वत में डकैती का मुकदमा भी दर्ज हुआ था। हालांकि बाद में वादी ने पुलिसकर्मियों के पक्ष में शपथ पत्र दे दिया था। इससे पुलिसकर्मियों को क्लीन चिट मिल गई थी। पूर्व में एसओजी भी कई बार भंग की जा चुकी है।