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मॉकड्रिल मामले में मजाक बनी जांच, अभी तक नहीं बनी आईएमए जांच समिति की रिपोर्ट
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आगरा। श्रीपारस हॉस्पिटल में दमघोंटू मॉकड्रिल की जांच मजाक बनकर रह गई है। आईएमए की जांच समिति ने अभी तक रिपोर्ट बनाना ही शुरू नहीं किया है। समिति के संयोजक डॉ. सुधीर धाकरे ने मरीजों के बयानों की लिखित कॉपी नहीं मिलने की बात कही है, जबकि मरीजों से बात कर बयान दर्ज कराने वाले डॉ. मुनीश्वर गुप्ता ने रिपोर्ट संयोजक को देने का दावा किया है।
श्रीपारस हॉस्पिटल में दमघोंटू मॉकड्रिल का वीडियो वायरल होने के बाद 11 जून को आईएमए ने जांच समिति बनाई। समिति को डॉ. अरिन्जय जैन ने 91 मरीजों की सूची उपलब्ध कराई। इसमें दर्ज नंबरों पर मरीज और उनके परिजनों से 26 अप्रैल की दमघोंटू मॉकड्रिल संबंधी जानकारी कर रिपोर्ट बनाने का जिम्मा दिया गया। दस दिन पहले सभी मरीज और तीमारदारों से बात हो चुकी है, समिति ने सात दिन में जांच रिपोर्ट तैयार कर सार्वजनिक करने की बात कही, लेकिन 10 दिन बीतने पर भी रिपोर्ट जारी नहीं हुई। हकीकत यह है कि अभी तक रिपोर्ट का एक भी पन्ना नहीं लिखा गया है। ऐसे में प्रशासन की तरह आईएमए की जांच भी दिखावटी साबित हो रही है।
स्थिति नहीं हुई स्पष्ट
डॉ. शरद गुप्ता ने दिया इस्तीफा
पांच सदस्यीय जांच समिति के सदस्य रहे डॉ. शरद गुप्ता ने समिति के गठन होने के 12 दिन बाद ही इस्तीफा दे दिया। दमघोंटू मॉकड्रिल की बीच जांच में कमेटी से इस्तीफा देने की उन्होंने कोई ठोस वजह भी नहीं बताई।
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डॉ. डीवी शर्मा बैठक में शामिल नहीं
जांच समिति के एक और वरिष्ठ सदस्य डॉ. डीवी शर्मा एक दिन भी बैठक में शामिल नहीं हुए। उन्होंने कमेटी से इस्तीफा भी नहीं दिया। बैठक से दूर रहने और इस्तीफा न देने की वजह तो डॉ. शर्मा ने नहीं बताई। आईएमए अध्यक्ष ने भी इस बाबत डॉ. शर्मा से जानकारी नहीं की।
आमने-सामने
मुझे नहीं मिली बयानों की रिपोर्ट : डॉ. सुधीर धाकरे
जांच समिति के संयोजक डॉ. सुधीर धाकरे ने कहा कि मरीज-उनके परिजनों से बात कर बयान दर्ज करने का जिम्मा डॉ. मुनीश्वर गुप्ता को दिया था। उनसे दस दिन से रिपोर्ट मांग रहा हूं, लेकिन अभी तक नहीं मिली है। अगर वह मरीजों के बयानों के आधार पर डॉ. अरिन्जय जैन को दोषी मानकर रिपोर्ट देते हैं तो उस पर संस्तुति करते हुए रिपोर्ट तैयार कर दूंगा।
रिपोर्ट संयोजक को दे चुका हूं : डॉ. मुनीश्वर गुप्ता
जांच समिति के वरिष्ठ सदस्य डॉ. मुनीश्वर गुप्ता ने कहा कि मैंने 91 मरीज और उनके परिजनों से बात की, जिसमें से 10 मरीजों की मौत 26 अप्रैल को हुई हैं, बयान में अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी बताई गई है। इसकी रिपोर्ट और जानकारी संयोजक डॉ. सुधीर धाकरे को दे चुका हूं। अब उनको ही निष्कर्ष निकालकर अंतिम रिपोर्ट तैयार करनी है।
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श्रीपारस हॉस्पिटल में दमघोंटू मॉकड्रिल का वीडियो वायरल होने के बाद 11 जून को आईएमए ने जांच समिति बनाई। समिति को डॉ. अरिन्जय जैन ने 91 मरीजों की सूची उपलब्ध कराई। इसमें दर्ज नंबरों पर मरीज और उनके परिजनों से 26 अप्रैल की दमघोंटू मॉकड्रिल संबंधी जानकारी कर रिपोर्ट बनाने का जिम्मा दिया गया। दस दिन पहले सभी मरीज और तीमारदारों से बात हो चुकी है, समिति ने सात दिन में जांच रिपोर्ट तैयार कर सार्वजनिक करने की बात कही, लेकिन 10 दिन बीतने पर भी रिपोर्ट जारी नहीं हुई। हकीकत यह है कि अभी तक रिपोर्ट का एक भी पन्ना नहीं लिखा गया है। ऐसे में प्रशासन की तरह आईएमए की जांच भी दिखावटी साबित हो रही है।
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स्थिति नहीं हुई स्पष्ट
डॉ. शरद गुप्ता ने दिया इस्तीफा
पांच सदस्यीय जांच समिति के सदस्य रहे डॉ. शरद गुप्ता ने समिति के गठन होने के 12 दिन बाद ही इस्तीफा दे दिया। दमघोंटू मॉकड्रिल की बीच जांच में कमेटी से इस्तीफा देने की उन्होंने कोई ठोस वजह भी नहीं बताई।
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डॉ. डीवी शर्मा बैठक में शामिल नहीं
जांच समिति के एक और वरिष्ठ सदस्य डॉ. डीवी शर्मा एक दिन भी बैठक में शामिल नहीं हुए। उन्होंने कमेटी से इस्तीफा भी नहीं दिया। बैठक से दूर रहने और इस्तीफा न देने की वजह तो डॉ. शर्मा ने नहीं बताई। आईएमए अध्यक्ष ने भी इस बाबत डॉ. शर्मा से जानकारी नहीं की।
आमने-सामने
मुझे नहीं मिली बयानों की रिपोर्ट : डॉ. सुधीर धाकरे
जांच समिति के संयोजक डॉ. सुधीर धाकरे ने कहा कि मरीज-उनके परिजनों से बात कर बयान दर्ज करने का जिम्मा डॉ. मुनीश्वर गुप्ता को दिया था। उनसे दस दिन से रिपोर्ट मांग रहा हूं, लेकिन अभी तक नहीं मिली है। अगर वह मरीजों के बयानों के आधार पर डॉ. अरिन्जय जैन को दोषी मानकर रिपोर्ट देते हैं तो उस पर संस्तुति करते हुए रिपोर्ट तैयार कर दूंगा।
रिपोर्ट संयोजक को दे चुका हूं : डॉ. मुनीश्वर गुप्ता
जांच समिति के वरिष्ठ सदस्य डॉ. मुनीश्वर गुप्ता ने कहा कि मैंने 91 मरीज और उनके परिजनों से बात की, जिसमें से 10 मरीजों की मौत 26 अप्रैल को हुई हैं, बयान में अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी बताई गई है। इसकी रिपोर्ट और जानकारी संयोजक डॉ. सुधीर धाकरे को दे चुका हूं। अब उनको ही निष्कर्ष निकालकर अंतिम रिपोर्ट तैयार करनी है।