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कोरोना की दहशत के बीच आगरा से अपने देश रवाना होंगे श्रीलंका के 16 विद्यार्थी
Tue, 21 Apr 2020 12:03 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Tue, 21 Apr 2020 12:03 AM IST
सार
कोरोना वायरस की दहशत के बीच केंद्रीय हिंदी संस्थान आगरा से विदेशी छात्र-छात्राएं समय से पहले अपने वतन वापस जा रहे हैं।
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केंद्रीय हिंदी संस्थान
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
केंद्रीय हिंदी संस्थान आगरा में सर्वाधिक विदेशी विद्यार्थी श्रीलंका के हैं। इनकी संख्या 16 है। श्रीलंका के छात्र-छात्राओं को लेने के लिए कभी भी श्रीलंका से विमान आ सकता है। दूतावास से संस्थान को इस संबंध में पत्र मिला है। छात्र-छात्राओं को तैयार रहने के लिए कहा गया है। अभी तारीख नहीं बताई गई है।
संस्थान में चालू शैक्षणिक सत्र में कुल 28 देशों के 87 विदेशी छात्र-छात्राएं थे। कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए चार अप्रैल को जापान और पोलैंड की दो-दो छात्राएं और पांच अप्रैल को दक्षिण कोरिया के दो विद्यार्थी संस्थान से अपने वतन वापस गए। अभी भी 81 विद्यार्थी रह गए हैं।
सूत्रों के मुताबिक छात्र-छात्राएं ई-मेल आदि माध्यमों से अपने देशों में संपर्क भी कर रहे हैं। संस्थान के निदेशक प्रो. नंदकिशोर पांडेय ने बताया कि देशी और विदेशी सभी छात्र-छात्राओं का ध्यान रखा जा रहा है।
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हर दूसरे-तीसरे दिन संस्थान के एक-एक कमरे को सैनिटाइज भी कराया जा रहा है। जिन देशों के छात्र-छात्राओं का बुलावा आ रहा है, उनको भेजा जा रहा है। श्रीलंका के विद्यार्थियों के संबंध में पत्र मिला है, जो भी तारीख बताई जाएगी, उसके अनुरूप छात्रों को भेजा जाएगा।
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संस्थान में चालू शैक्षणिक सत्र में कुल 28 देशों के 87 विदेशी छात्र-छात्राएं थे। कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए चार अप्रैल को जापान और पोलैंड की दो-दो छात्राएं और पांच अप्रैल को दक्षिण कोरिया के दो विद्यार्थी संस्थान से अपने वतन वापस गए। अभी भी 81 विद्यार्थी रह गए हैं।
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सूत्रों के मुताबिक छात्र-छात्राएं ई-मेल आदि माध्यमों से अपने देशों में संपर्क भी कर रहे हैं। संस्थान के निदेशक प्रो. नंदकिशोर पांडेय ने बताया कि देशी और विदेशी सभी छात्र-छात्राओं का ध्यान रखा जा रहा है।
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हर दूसरे-तीसरे दिन संस्थान के एक-एक कमरे को सैनिटाइज भी कराया जा रहा है। जिन देशों के छात्र-छात्राओं का बुलावा आ रहा है, उनको भेजा जा रहा है। श्रीलंका के विद्यार्थियों के संबंध में पत्र मिला है, जो भी तारीख बताई जाएगी, उसके अनुरूप छात्रों को भेजा जाएगा।