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मनोचिकित्सक की सलाह: कोरोना काल में खुद पर हावी न होने दें तनाव, परिवार के साथ बिताएं वक्त
Sun, 25 Apr 2021 12:03 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sun, 25 Apr 2021 12:03 AM IST
सार
मनोचिकित्सक ने कहा कि मोबाइल पर इंटरनेट मीडिया के बजाय परिवार के लोगों के साथ ज्यादा समय बिताएं। कोरोना से बचाव के उपचार के साथ ही लोगों को अपनी सकारात्मक मानसिकता को भी बनाए रखना होगा।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : iStock
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विस्तार
कोरोना के संक्रमण से बचने के लिए लोग घरों से कम ही बाहर निकल रहे हैं। ऐसे में इंटरनेट मीडिया को जानकारी का माध्यम बना लिया है। लेकिन, नकारात्मकता लाने वाले एक जैसे वीडियो कंटेंट और जानकारी को बार-बार देखने से भी तनाव बढ़ सकता है। ऐसे में प्रतिरोधक क्षमता कम हो सकती है, इसलिए सकारात्मक वीडियो कंटेंट देखने को ही प्राथमिक दें। यह कहना है आगरा के मानसिक स्वास्थ्य संस्थान एवं चिकित्सालय के अधीक्षक डॉ. दिनेश राठौर का। उन्होंने कहा कि कोरोना के तनाव से बचना है तो अच्छा सुनें, अच्छा देखें।
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उन्होंने कहा कि मोबाइल पर इंटरनेट मीडिया के बजाय परिवार के लोगों के साथ ज्यादा समय बिताएं। कोरोना से बचाव के उपचार के साथ ही लोगों को अपनी सकारात्मक मानसिकता को भी बनाए रखना होगा। जब हम नकारात्मकता के बारे में ज्यादा सोचते हैं तो घबराहट होने लगती है। इससे सांस लेने की गति बढ़ जाती है। सांस की मांसपेशियों के काम अधिक करने की वजह से ऑक्सीजन की मांग बढ़ जाती है। इससे ऑक्सीजन की कमी हो सकती है।
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ऑफ स्क्रीन परिवार के साथ समय बिताएं
डॉ. दिनेश राठौर का कहना है कि लोगों को चाहिए कि वह सकारात्मकता लाने के लिए अपना समय परिवार के साथ बिताएं। यह समय ऑन स्क्रीन नहीं, बल्कि ऑफ स्क्रीन होना चाहिए। मोबाइल, टीवी और कंप्यूटर से दूरी होनी चाहिए। समय पर टहलने जाएं और व्यायाम करें। यह भी शरीर को स्वस्थ रखने के लिए आवश्यक है। इससे मन हल्का होगा। सकारात्मकता का भाव आएगा। परिवार के लोगों के बीच भी दूरी कम हो जाएगी। मानसिक रूप से भी शक्ति प्राप्त होगी।
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मोबाइल की हिस्ट्री कर दें डिलीट: साइबर एक्सपर्ट
एडीजी जोन ऑफिस साइबर सेल के एक्सपर्ट अमित कुमार ने बताया कि इंटरनेट मीडिया पर जब हम किसी कंटेंट और वीडियो को बार-बार देखते हैं तो उसी तरह के और भी कंटेंट मोबाइल पर प्राथमिकता के तौर पर नजर आने लगते हैं। न चाह कर भी लोग इसे देखते हैं।
इन वीडियो और कंटेंट को मोबाइल के इंटरनेट मीडिया पर आने से रोका जा सकता है। इसके लिए वेब ब्राउजर की हिस्ट्री को डिलीट कर देना चाहिए। इंटरनेट मीडिया पर भी सेटिंग में जाकर नॉट इंटरेस्टेड विकल्प चुनें। किसी वीडियो चैनल को सब्सक्राइव, फॉलो नहीं करें। पूर्व में सब्सक्राइव और फॉलो किया है तो उसे हटा दें। इससे बार-बार एक जैसे वीडियो नहीं आएंगे। नए वीडियो भी नजर आने लगेंगे।
एडीजी जोन ऑफिस साइबर सेल के एक्सपर्ट अमित कुमार ने बताया कि इंटरनेट मीडिया पर जब हम किसी कंटेंट और वीडियो को बार-बार देखते हैं तो उसी तरह के और भी कंटेंट मोबाइल पर प्राथमिकता के तौर पर नजर आने लगते हैं। न चाह कर भी लोग इसे देखते हैं।
इन वीडियो और कंटेंट को मोबाइल के इंटरनेट मीडिया पर आने से रोका जा सकता है। इसके लिए वेब ब्राउजर की हिस्ट्री को डिलीट कर देना चाहिए। इंटरनेट मीडिया पर भी सेटिंग में जाकर नॉट इंटरेस्टेड विकल्प चुनें। किसी वीडियो चैनल को सब्सक्राइव, फॉलो नहीं करें। पूर्व में सब्सक्राइव और फॉलो किया है तो उसे हटा दें। इससे बार-बार एक जैसे वीडियो नहीं आएंगे। नए वीडियो भी नजर आने लगेंगे।