Etah: सपा नेता रामनाथ यादव की दुकानों पर चला बुलडोजर, किले की जमीन पर कर रखा था अवैध कब्जा
एटा में अवैध निर्माण और अतिक्रमण पर कार्रवाई जारी है। प्रशासन ने बुधवार को एएसआई द्वारा संरक्षित किले की जमीन को कब्जामुक्त कराया। इस जमीन पर कब्जा कर सपा नेता ने दुकानों का निर्माण करा लिया था।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
एटा के अलीगंज में समाजवादी पार्टी के नेता एवं पूर्व ब्लॉक प्रमुख रामनाथ यादव की आठ दुकानों को प्रशासन ने बुधवार को बुलडोजर से ध्वस्त करा दिया। इन दुकानों को एएसआई (भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण) संरक्षित किले की जमीन पर बना लिया गया था। 127 वर्ग मीटर क्षेत्र में ये दुकानें बनी थीं, जिनकी कीमत करीब 1.25 करोड़ रुपये आंकी गई है।
अलीगंज के मोहल्ला लुहारी दरवाजा स्थित ग्रामीण न्यायालय मोड़ पर पूर्व ब्लॉक प्रमुख रामनाथ यादव ने आठ दुकान का निर्माण कराया था। वर्ष 2012 में दुकानों का निर्माण कराया गया था, जिन्हें किराये पर संचालित किया जा रहा था।
बुधवार को उपजिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह, सीओ राजकुमार सिंह, तहसीलदार राकेश कुमार और नायब तहसीलदार पुलिस बल के साथ सुबह 11 बजे पहुंचे। तीन बुलडोजर से अवैध निर्माण तोड़ने की कार्रवाई शुरू की गई। लगभग दो घंटे तक चली कार्रवाई में सभी आठ दुकानों को ध्वस्त कर दिया गया। इस दौरान पूर्व ब्लॉक प्रमुख या उनके परिवार का कोई सदस्य वहां नहीं पहुंचा।
पूर्व में ईंट भट्ठा किया जा चुका ध्वस्त
इससे पहले भी पूर्व ब्लॉक प्रमुख के विरुद्ध अवैध अतिक्रमण को लेकर कार्रवाई की जा चुकी है। अलीगंज तहसील क्षेत्र के गांव गढ़ी रोशन में एक अप्रैल को इनका ईंट भट्ठा ध्वस्त किया गया था। यह भट्ठा भी सरकारी जमीन पर बनाए जाने का आरोप था। जिसमें प्रशासन ने 15 करोड़ रुपये की 33 बीघा सरकारी जमीन मुक्त कराने का दावा किया था।
बुलडोजर को लेकर बढ़ीं धड़कनें
मंगलवार को उपजिलाधिकारी ने कस्बे में सराय बस अड्डे तक पैमाइश कराई थी। अतिक्रमण का चिह्नांकन किया गया था, जिसे लेकर यहां के स्थानीय लोग चिंतित थे। वहीं जब बुधवार को पूर्व ब्लॉक प्रमुख की दुकानें तोड़ने की कार्रवाई हुई तो इन लोगों की धड़कनें भी बढ़ गईं। आशंका सताती रही कि कहीं बुलडोजर उनके उधर भी तो नहीं पहुंच रहे हैं।
अलीगंज के एसडीएम मानवेंद्र सिंह ने बताया कि अवैध निर्माण के संबंध में पूर्व ब्लॉक प्रमुख को नगर पालिका परिषद की ओर से नोटिस दिया जा चुका था। मंगलवार को भी इसकी सूचना दी गई, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई है। किले की जमीन पर अवैध तरीके से निर्माण करा लिया गया था। उस जमीन पर मालिकाना हक राज्य सरकार है। ध्वस्तीकरण की कार्रवाई में जो भी खर्चा हुआ है, उसे भी वसूला जाएगा।