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जन्म देने वाली मां को बेटों से मिली छह माह की कैद

Thu, 16 Jun 2022 11:19 PM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Thu, 16 Jun 2022 11:19 PM IST
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Sons imprisoned mother in dark cell for six months
आलीपुर खेड़ा। मां ने जिन बेटों को नौ महीने तक कोख में रखकर जन्म दिया उन्हीं ने मां को छह महीने तक अंधेरी कोठरी में कैद रखा। बृहस्पतिवार को ग्राम प्रधान ने वृद्धा को कैद से मुक्त कराया। कमरे से बाहर आकर महिला फफक-फफक कर रो पड़ी।
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कहते हैं कि दुनियां में मां से बढ़ा कोई नहीं है, मां के कदमों में स्वर्ग है। भोगांव थाना क्षेत्र की ग्राम पंचायत आलीपुर खेड़ा के गांव नगला इतवारी में मां के साथ बेटों द्वारा किए गए व्यवहार को सुनकर हर कोई आहत है। बृहस्पतिवार को ग्राम पंचायत आलीु र खेड़ा के ग्राम प्रधान संत प्रकाश स्वर्णकार ने एक कोठरी में करीब छह माह से बंद 70 वर्षीय विधवा सोमवती को मुक्त कराया। अंधेरी कोठरी में गंदगी और मल बिखरा पड़ा था। एक थाली में सूखा खाना रखा था। छह माह से वृद्धा इसी तरह का खाना खाकर जी रही थी। वृद्धा ने जब अपनी इस हालत के जिम्मेदार लोगों के बारे में बताया तो हर किसी की आंखे नम हो गईं।
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ग्राम प्रधान के अनुसार वृद्धा के पति मेघ सिंह की एक वर्ष पूर्व मौत हो चुकी है। एक बेटा चंद्रशेखर कुछ दूरी पर ही झोपड़ी डालकर रह रहा है। दूसरा बेटा छविनाथ गांव के अंदर मकान बनाकर परिवार के साथ रहता है। दोनों बेटों ने जन्म देने वाली मां की ये दुर्गति की है। प्रधान के साथ ग्रामीणों ने जब वृद्धा की हालत देखी तो अपने आंसू नहीं रोक सके। ग्रामीणों के नुसार वृद्धा को रुखा सूखा खाने को दिया जाता था। अंधेरी कोठरी में ही वह शौच क्रिया करती थी। ग्राम प्रधान के अनुसार उनके द्वारा पुलिस को भी पूरी घटना से अवगत कराया गया है।
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कंकाल सा नजर आ रहा शरीर
छह माह तक बेटों द्वारा दिए जा रहे कष्ट को सहते सहते वृद्धा निढाल हो चुकी थी। ग्राम प्रधान जब अंधेरी कोठरी में दाखिल हुए तो दुर्गंध की वजह से मुंह ढकना पड़ा। वृद्धा सोमवती को जब बाहर लेकर आए तो तेज धूप के कारण काफी देर तक उसकी आंखें नहीं खुलीं। आंखें खोली तो अंजान लोगों को सामने देख दर्द छलक पड़ा। वृद्धा ने कहा कि उसे इस कैद से बाहर निकालो। छह माह तक सूखी रोटी खाने की वजह से उसका शरीर कंकाल बन चुका था। उस पर ठीक ढंग से खड़ा भी नहीं हुआ जा रहा था।
बेटों ने दी सफाई
-प्रधान ने बेटों से सवाल किया तो उन्होंने मां को मानसिक रूप से बीमार बताया। प्रधान के अनुसार बेटे चंद्रशेखर ने बताया कि मां मानसिक रूप से बीमार हैं और घर से चली जाती हैं। कुछ समय पहले वह एक बोरिंग में गिर गई थीं। सुरक्षा की दृष्टि से उन्हें कमरे में रखा जा रहा था। वह खेतीबाड़ी करते हैं ऐसे में मां की हर समय निगरानी नहीं कर सकते।

घटना के संबंध में अभी कोई सूचना व शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। जानकारी के लिए एक टीम को भेजा गया है। यदि ऐसा कुछ हुआ है तो शिकायत दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
रविंद्र बहादुर, प्रभारी निरीक्षक थाना भोगांव।
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