{"_id":"60000f1a8ebc3e2f2741ea37","slug":"son-s-killer-father-life-imprisonment-crime-news-mainpuri","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"मैनपुरी: पुत्र के हत्यारे पिता को आजीवन कारावास, पांच साल पहले फावड़े से काटकर की थी हत्या","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मैनपुरी: पुत्र के हत्यारे पिता को आजीवन कारावास, पांच साल पहले फावड़े से काटकर की थी हत्या
Thu, 14 Jan 2021 03:00 PM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मैनपुरी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मैनपुरी
Published by: Abhishek Saxena
Updated Thu, 14 Jan 2021 03:00 PM IST
विज्ञापन
जेल
- फोटो : पिक्साबे
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मैनपुरी थाना कोतवाली क्षेत्र में पांच साल पहले फावड़े से काटकर बेटे की हत्या करने वाले पिता को अपर जिला जज चतुर्थ तरुण कुमार सिंह ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। उस पर 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। सजा सुनाए जाने के बाद उसको हिरासत में लेकर जेल भेजा गया है।
थाना कोतवाली क्षेत्र के गांव केलनपुर निवासी नीलम सिंह उर्फ कुक्कू पांच मई 2015 को दोपहर एक बजे अपने मकान के पास खुली जगह में लेटे थे। उनका अपने पिता रामनरेश से विवाद चल रहा था। रामनरेश फावड़ा लेकर वहां पहुंचे। विवाद के चलते रामनरेश ने कुक्कू की फावड़े से काटकर हत्या कर दी। इसके बाद मौके से भाग गया। कुक्कू की पत्नी ऊषादेवी ने ससुर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी। पुलिस ने बाद में रामनरेश को जेल भेज दिया। जांच के बाद चार्जशीट कोर्ट में भेज दी।
ये भी पढ़ें: आगरा: जोधपुर झाल में मिले 47 प्रजातियों के 1179 पक्षी, शोधार्थियों ने की गणना
विज्ञापन
मुकदमे की सुनवाई अपर जिला जज चतुर्थ तरुण कुमार सिंह की कोर्ट में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से वादी, विवेचक, चिकित्सक सहित गवाहों ने रामनरेश के खिलाफ कोर्ट में गवाही दी। गवाही के आधार पर रामनरेश को कुक्कू की हत्या करने का दोषी पाया गया। एडीजीसी रोहित शुक्ला ने रामनरेश को कड़ी सजा देने की दलील दी। अपर जिला जज तरुण कुमार सिंह ने रामनरेश को आजीवन कारावास की सजा सुनाकर 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
विज्ञापन
थाना कोतवाली क्षेत्र के गांव केलनपुर निवासी नीलम सिंह उर्फ कुक्कू पांच मई 2015 को दोपहर एक बजे अपने मकान के पास खुली जगह में लेटे थे। उनका अपने पिता रामनरेश से विवाद चल रहा था। रामनरेश फावड़ा लेकर वहां पहुंचे। विवाद के चलते रामनरेश ने कुक्कू की फावड़े से काटकर हत्या कर दी। इसके बाद मौके से भाग गया। कुक्कू की पत्नी ऊषादेवी ने ससुर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी। पुलिस ने बाद में रामनरेश को जेल भेज दिया। जांच के बाद चार्जशीट कोर्ट में भेज दी।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें: आगरा: जोधपुर झाल में मिले 47 प्रजातियों के 1179 पक्षी, शोधार्थियों ने की गणना
विज्ञापन
मुकदमे की सुनवाई अपर जिला जज चतुर्थ तरुण कुमार सिंह की कोर्ट में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से वादी, विवेचक, चिकित्सक सहित गवाहों ने रामनरेश के खिलाफ कोर्ट में गवाही दी। गवाही के आधार पर रामनरेश को कुक्कू की हत्या करने का दोषी पाया गया। एडीजीसी रोहित शुक्ला ने रामनरेश को कड़ी सजा देने की दलील दी। अपर जिला जज तरुण कुमार सिंह ने रामनरेश को आजीवन कारावास की सजा सुनाकर 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
जेल में रहकर लड़ा पूरा मुकदमा
रामनरेश को पुलिस ने पकड़कर जेल भेज दिया था। उसकी किसी भी अदालत से जमानत मंजूर नहीं हुई। उसको पूरा मुकदमा जेल में रहकर ही लड़ना पड़ा। बुधवार को निर्णय सुनने के लिए उसको जेल से ही अदालत में लाया गया। सजा सुनाए जाने के बाद उसको हिरासत में लेकर अदालत से ही जेल भेज दिया गया।
राजस्व की तरह वसूला जाएगा जुर्माना
अपर जिला जज तरुण कुमार सिंह ने रामनरेश पर 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। एडीजीसी रोहित शुक्ला ने बताया अपर जिला जज ने आदेश में लिखा है अगर पुत्र की हत्या करने वाला रामनरेश जुर्माने की धनराशि जमा नहीं करता है तो उसकी संपत्ति से जुर्माने की धनराशि राजस्व की तरह वसूली की जाएगी।
रामनरेश को पुलिस ने पकड़कर जेल भेज दिया था। उसकी किसी भी अदालत से जमानत मंजूर नहीं हुई। उसको पूरा मुकदमा जेल में रहकर ही लड़ना पड़ा। बुधवार को निर्णय सुनने के लिए उसको जेल से ही अदालत में लाया गया। सजा सुनाए जाने के बाद उसको हिरासत में लेकर अदालत से ही जेल भेज दिया गया।
राजस्व की तरह वसूला जाएगा जुर्माना
अपर जिला जज तरुण कुमार सिंह ने रामनरेश पर 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। एडीजीसी रोहित शुक्ला ने बताया अपर जिला जज ने आदेश में लिखा है अगर पुत्र की हत्या करने वाला रामनरेश जुर्माने की धनराशि जमा नहीं करता है तो उसकी संपत्ति से जुर्माने की धनराशि राजस्व की तरह वसूली की जाएगी।