आगरा: जोधपुर झाल में मिले 47 प्रजातियों के 1179 पक्षी, शोधार्थियों ने की गणना
- संकटग्रस्त सूची में शामिल सात सहित प्रवासी पक्षियों की 27 प्रजातियां
- वेटलैंड्स इंटरनेशनल की ओर से जलीय पक्षियों को किया गया चिह्नित
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वेटलैंड्स इंटरनेशनल और बायोडायवर्सिटी रिसर्च एंड डेवलपमेंट सोसाइटी की ओर से पहली बार आगरा-मथुरा जिले की सीमा पर स्थित जोधपुर झाल वेटलैंड (आर्द्रभूमि) में प्रवासी जलीय पक्षियों की गणना की गई। रविवार को तीन घंटे की गणना में 47 प्रजातियों के 1179 पक्षियों की मौजूदगी मिली। इसमें संकटग्रस्त सूची में शामिल सात प्रजातियों सहित कुल 27 प्रवासी और 20 आवासीय प्रजातियों को चिह्नित किया गया।
ईकोलॉजिस्ट टीके राव के निर्देशन और पक्षी विशेषज्ञ डॉ. केपी सिंह की निगरानी में प्रवासी जलीय पक्षियों की गिनती की गई। बार हेडेड गूज, ब्लैक टेल्ड गोडविट और नोर्दन शोवलर की संख्या सैकड़ों में हैं।
इसके अलावा टैमिनिक स्टिंट, कॉमन टील, काम्ब डक, रेड क्रिस्टिड पोचार्ड, व्हाइट टेल्ड लेपविंग, पाइड एवोसेट, वेगटेल, कॉमन रेडशेंक, रूफ, कॉमन स्नाइप, नोर्दन पिनटेल की मौजूदगी पाई गई। गेडवाल, स्पोटिड ईगल, मार्श हैरियर, लिटिल रिंग्ड प्लोवर, कॉमन पिनटेल, कॉमन सेन्डपाइपर, ग्रीन शेन्क, रेड शेन्क, बूली नेक्ड स्टार्क, पेन्टेड स्टार्क, ब्लैक हेडेड आईबिश, ग्रे हैरोन, पर्पल हैरोन, ब्लैक बिग्ड स्टिल्ट, डार्टर, सारस क्रेन, ब्लैक नेक्ड स्टार्क आदि भी गणना के दौरान चिह्नित किए गए।
वेटलैंड्स इंटरनेशनल के समन्वयक ईकोलॉजिस्ट टीके राव के मुताबिक जोधपुर झाल प्रवासी पक्षियों का अद्भुत प्राकृतिक आवास है। अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के सहयोग से इसके संरक्षण के प्रयास किए जाएंगे।
सात वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल में की गणना
सात वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल में पक्षियों की गणना की गई। दो टीमों में डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के शोधार्थी एवं वरिष्ठ प्रोफेसर और बायोडायवर्सिट रिसर्च एंड डेवलपमेंट सोसाइटी के सदस्य शामिल थे। इसमें प्रमुख रूप से डॉ. अमिता सरकार, डॉ. पुष्पेंद्र विमल, हिमांशी सागर, शमी सैयद, नेहा शर्मा, नितिश परिहार, मेहरान, आकाश जैन, वीरेंद्र गुप्ता, नवीन चंद्र, शिवेंद्र, सुनीता रहे।
जोधपुर झाल की अंतरराष्ट्रीय पहचान बनेगी
जोधपुर झाल पर अध्ययन कर रहे बायोडायवर्सिटी रिसर्च एंड डेवलपमेंट सोसाइटी के अध्यक्ष डॉ. केपी सिंह के मुताबिक जोधपुर झाल पर करीब 150 पक्षियों की प्रजातियों को सूचीबद्ध किया जा चुका है। इसमें प्रवासी एवं आवासीय प्रजातियां शामिल हैं। इस गणना से जोधपुर झाल की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनेगी।