{"_id":"60ee8fac8bfc927a856c8540","slug":"son-left-his-mother-in-forest-said-to-visits-temple","type":"story","status":"publish","title_hn":"कपूत की करतूत: भगवान के दर्शन कराने के बहाने मां को जंगल को छोड़ गए, कई घंटे भूख-प्यास और दर्द से कराहती रहीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कपूत की करतूत: भगवान के दर्शन कराने के बहाने मां को जंगल को छोड़ गए, कई घंटे भूख-प्यास और दर्द से कराहती रहीं
Wed, 14 Jul 2021 01:53 PM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Wed, 14 Jul 2021 01:53 PM IST
सार
राजामंडी की रहने वाली महादेवी कैलाश मंदिर के पीछे चार घंटे तक अपने बेटे जितेंद्र और बहू किरन के आने का इंताजर करती रही। 75 साल की बुजुर्ग महिला पर रामलाल वृद्ध आश्रम के सेवादारों की नजर पड़ी।
विज्ञापन
रामलाल वृद्धाश्रम में बुर्जुग महिला
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कैलाश मंदिर में बाबा के दर्शन कराऊंगा मां। तेरी कसम तुझे ऐसे दर्शन होंगे कि जैसे कभी फिर नहीं होंगे। बाबा के दर्शन की झूठी कसम दिलाकर जब कलयुगी बेटा अपनी मां के आंचल झटक कर जंगल में छोड़कर चल दिया, तो मां और बेटे के रिश्तों पर ऐसा दाग लगा कि लोग ‘आह’ के सिवा कुछ और नहीं बोल सके।
विज्ञापन
राजामंडी की रहने वाली महादेवी कैलाश मंदिर के पीछे चार घंटे तक अपने बेटे जितेंद्र और बहू किरन के आने का इंताजर करती रही। 75 साल की बुजुर्ग महिला पर रामलाल वृद्ध आश्रम के सेवादारों की नजर पड़ी। दर्द से कराह रही मां ने रोते हुए जब पूरा हाल बताया तो सेवादारों की आंखों में भी आंसू आ गए। रामलाल वृद्ध आश्रम पहुंची महादेवी भी उन 250 बुजुर्गों में शामिल हो गईं जिनके बेटे और बहू ने उन्हें घर से बेघर कर दिया है। महादेवी का कहना है कि उनका बेटा यह कहकर अपनी पत्नी के साथ घर से चला था कि दर्शन कराने के बाद घूमेंगे। मैं कहती हूं कि जो मेरे बेटे ने मेरे साथ किया, ऐसा कोई बेटा अपनी मां के साथ नहीं करे। पैरों में परेशानी के कारण उन्हें चलने में काफी दिक्कत हो रही है। इसके बाद भी अपने दर्द को दबाते हुए अपने बेटों को दुआ देते हुए कहती हैं कि ‘बेटा तू अगर मुझसे परेशान था, तो मैं खुद कहीं चली जाती।’
विज्ञापन
बेटे की याद आ रही
जंगल में मिली अम्मा महादेवी का इलाज आश्रम में चल रहा है। वह अपने बेटे को दिन में कई बार याद करती हैं। आश्रम में रह रहे बुजुर्गों से बातचीत करते हुए कहती हैं कि मेरे बेटे ने कोई गलती कर दी है। वो मुझे लेने आएगा। मैं उसे माफ कर दूंगी। रामलाल वृद्ध आश्रम के मैनेजर शिव प्रसाद शर्मा का कहना है कि आश्रम उन्हें अपना यहां रख रहा है। उनका इलाज भी कराया जा रहा है।
विज्ञापन