फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   Son cried bitterly in the police station after hearing the news of father's death

पिता की तलाश: बेटे को थाने से मिली ऐसी खबर... फूट-फूटकर रोया; बोला- पापा को अंतिम बार तो दिखा देते

Thu, 15 Feb 2024 05:13 PM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, मैनपुरी
संवाद न्यूज एजेंसी, मैनपुरी Updated Thu, 15 Feb 2024 05:13 PM IST
सार

पिता की तलाश में खूब भटकने के बाद जब बेटा थाने पहुंचा। वहां पता चला कि पिता की मौत हो चुकी है। किसी दूसरे ने शिनाख्त की, जिसके बाद पोस्टमार्टम कर पुलिस ने शव उन्हें सौंप दिया। बाद में पता चला कि वो उस परिवार के बुजुर्ग नहीं थे। जिसके बाद पुलिस ने अज्ञात में वृद्ध का अंतिम संस्कार करा दिया।

विज्ञापन
Son cried bitterly in the police station after hearing the news of father's death
भोगांव थाना, मैनपुरी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मैनपुरी के भोगांव में कई दिनों से पिता की कोई खबर न मिलने के बाद नगला भगत निवासी युवक थाने में गुमशुदगी दर्ज कराने पहुंचा। वहां पहुंच कर पता चला कि कई दिन पहले मृत्यु हो चुकी है। शव का अज्ञात में अंतिम संस्कार किया जा चुका है। यह सुनकर बेटा थाने में ही फूट-फूट कर रोने लगा। थाना पुलिस ने पहचान कराने के बाद उसे वृद्ध के कपडे़ आदि सामान सौंपा।

विज्ञापन

गांव नगला भगत निवासी अजय कुमार बुधवार को थाने पहुंचा और कहा कि उसके 65 वर्षीय पिता सुरेश चंद्र चार फरवरी से लापता हैं। उन लोगों ने हर संभव जगह पर तलाश कर लिया। लेकिन उनका कहीं पता नहीं लग सका। थाने में मौजूद पुलिसकर्मी ने बताया कि छह फरवरी को छाछा के पास एक वृद्ध का शव मिला था। युवक को मृतक की फोटो, कपडे़ आदि दिखाए तो अजय के होश उड़ गए। वह पहचान गया कि छाछा के पास जो वृद्ध सड़क हादसे का शिकार हुए थे। वह उसके पिता सुरेश चंद्र थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

पिता की मौत का पता लगते ही वह थाने में फूट फूट कर रोने लगा। पुलिसकर्मियों ने उसे ढांढस बंधाते हुए परिस्थिति से सामजस्य बैठाने की बात कही। कागजी कार्रवाई पूर्ण करने के बाद पुलिस ने अजय को उसके पिता के कपडे़ आदि सामान सौंप दिया। इसके बाद पिता की मौत से दुखी युवक निराश मन से घर चला गया।
विज्ञापन

गलत पहचान पर हुआ था पोस्टमार्टम
छाछा के पास जब सुरेश चंद्र का शव मिला था तो उनकी एक परिवार ने गलत पहचान कर दी थी। रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करा दिया था। लेकिन अंतिम संस्कार से पहले ही गलत पहचान की बात सामने आ गई तो परिजन शव को छोड़ घर चले गए थे। मृतक वृद्ध की पहचान न होने की दशा में 72 घंटा पूरे होने के बाद एक सामाजिक संगठन ने वृद्ध के शव का अंतिम संस्कार किया था।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed