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Agra: ठोस कूड़ा प्रबंधन के लिए बनेगा मॉडल एक्शन प्लान, जानें क्या है तैयारी 

Mon, 20 Jun 2022 10:00 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Mon, 20 Jun 2022 10:00 AM IST
सार

आगरा का दयालबाग, मथुरा-वृंदावन और लखनऊ समेत छह शहरों में ठोस कूड़ा प्रबंधन के लिए मॉडल टाउन बनेंगे। चयनित नगर निकायों के नगर आयुक्तों व अधिशासी अधिकारियों को इसे लेकर निर्देश दिए गए हैं। 
 

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Solid Waste Management Model Action Plan Will Be Made For 6 Bodies Including Dayalbagh agra
Solid Waste Management - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

स्वच्छ भारत मिशन के तहत शहरों में सफाई व्यवस्था चाक-चौबंद करने के लिए सरकार ने नए सिरे से कवायद शुरू की है। इसके तहत पहले लखनऊ समेत छह नगर निकायों में ठोस कूड़े का वैज्ञानिक ढंग से निस्तारण के लिए मॉडल एक्शन प्लान तैयार कर काम शुरू किया जाएगा। इन निकायों में तीन बड़े (नगर निकाय) व तीन छोटे निकायों का चयन किया गया है। नगर निगम वाले निकायों में लखनऊ के अलावा वाराणसी व मथुरा-वृंदावन होंगे, जबकि छोटे निकायों में आगरा का दयालबाग नगर पंचायत, मुजफ्फरपुर का बुढ़ाना, और उरई नगर पालिका परिषद शामिल हैं।

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ये होगी खास बात 

मॉडल प्लान की खास बात यह होगी कि इन छह निकायों में ‘ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमावली-2016’ के सभी प्रावधानों के मुताबिक ठोस कूड़ा प्रबंधन से संबंधित सारे आठ कार्य पूरे कराये जाएंगे। शासन ने मॉडल प्लान तैयार करने के लिए 31 जुलाई तक का समय दिया है।

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हर 15 दिन पर होगी समीक्षा

ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमावली में कूड़ा निस्तारण के लिए सुझाए गए सभी आठ तरह के कार्यों पर आधारित मॉडल एक्शन प्लान के तहत सभी कार्यों को पूरा करने के लिए उप्र सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट मॉनिटरिंग कमेटी को हर 15 दिन में प्रगति की समीक्षा के निर्देश दिए गए हैं।

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छह माह में पूरे करने होंगे ये आठ काम

- सभी वार्डों में ठोस कूड़े का डोर-टू-डोर कलेक्शन।
- सभी वार्डों में उठान स्थल पर ही सूखा व गीले कूड़ा को अलग करना।
- दोनों तरह के कूडे़ को ढोने की अलग-अलग परिवहन व्यवस्था।
- कंपोस्ट पिट व मैटेरियल रिकवरी सेंटर (एमआरएफ) के लिए भूमि का चयन।
- सरकारी भूमि की अनुपलब्धता में लीज पर या क्रय कर भूमि की व्यवस्था करना।
- सूखे कूड़े के लिए कंपोस्ट पिट व गीला कूड़े के एमआरएफ या प्रोसेसिंग प्लांट की स्थापना।
- कूड़ा निस्तारण के लिए शहर के बाहरी क्षेत्र में गड्ढे जैसी भूमि का चयन करना।
- लीगेसी वेस्ट को चिह्नित कर उसके निस्तारण के लिए एजेंसी का चयन करना।

85 वार्डों से उठाया जा रहा कूड़ा

शहर के 100 वार्डों में डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन के लिए नगर निगम ने निजी कंपनी को जिम्मेदारी सौंपी है। अभी तक 85 वार्डों से कूड़ा कलेक्शन किया जा रहा है। कंपनी ने मैटेरियल रिकवरी सेंटर भी बना लिए हैं, लेकिन अभी तक कूड़ा कलेक्शन की रफ्तार सुस्त है। गाड़ियां गलियों के भीतर से कूड़ा एकत्र नहीं कर पा रही हैं। शहर में अब भी डलाबघरों में कूड़ा डाला जा रहा है। 

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