{"_id":"6a8552c5be51b4d0fb05110a","slug":"snmc-doctors-perform-complex-surgery-to-reopen-80-percent-blocked-windpipe-2026-08-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"डॉक्टरों का कमाल: 80 प्रतिशत बंद श्वास नली की जटिल सर्जरी, 15 साल की किशोरी को दिया नया जीवन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डॉक्टरों का कमाल: 80 प्रतिशत बंद श्वास नली की जटिल सर्जरी, 15 साल की किशोरी को दिया नया जीवन
Wed, 19 Aug 2026 12:22 PM IST
Dhirendra Singh
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Wed, 19 Aug 2026 12:22 PM IST
सार
सड़क हादसे के बाद 15 वर्षीय किशोरी की श्वास नली 80 प्रतिशत तक बंद हो गई थी, जिससे उसे सांस लेने में गंभीर परेशानी हो रही थी। एसएन मेडिकल कॉलेज के ईएनटी डॉक्टरों ने जटिल सर्जरी कर सिकुड़े हिस्से को हटाकर श्वास नली को दोबारा जोड़ दिया और किशोरी को नया जीवन दिया।
विज्ञापन
एसएन मेडिकल कॉलेज में ऑपरेशन।
विस्तार
आगरा के सरोजनी नायडू मेडिकल कॉलेज (एसएनएमसी) के कान, नाक, गला (ईएनटी) विभाग के डॉक्टरों ने एक बेहद जटिल सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम देकर 15 वर्षीय किशोरी की जान बचा ली है। सड़क हादसे के बाद श्वास नली सिकुड़ने (ट्रेकियल स्टेनोसिस) से जूझ रही इस किशोरी का 80 प्रतिशत बंद रास्ता ऑपरेशन के बाद खोल दिया गया है। फिलहाल पीड़िता पूरी तरह स्वस्थ है और उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है
करीब दो महीने पहले एक सड़क दुर्घटना में किशोरी का जबड़ा बुरी तरह टूट गया था। उस दौरान इलाज के लिए उसकी ट्रेकियोस्टॉमी (गर्दन के जरिये सांस देने की प्रक्रिया) की गई थी। इसके कुछ समय बाद उसकी श्वास नली सिकुड़ने लगी, जिससे उसे सांस लेने में भारी कठिनाई और घरघराहट होने लगी। एसएनएमसी में सीटी स्कैन कराने पर चौंकाने वाला खुलासा हुआ, जिसमें सामने आया कि श्वास नली का 1 सेंटीमीटर हिस्सा लगभग 80 प्रतिशत तक ब्लॉक हो चुका था।
13 अगस्त को ईएनटी विभाग के डॉ. अखिल प्रताप सिंह, डॉ. दीपा और डॉ. श्रुति की टीम ने इस चुनौतीपूर्ण सर्जरी को पूरा किया। वहीं, एनेस्थीसिया टीम से डॉ. योगिता, डॉ. निकिता और डॉ. कौस्तुभ के सहयोग से मरीज को सुरक्षित एनेस्थीसिया दिया गया। ऑपरेशन के दौरान डॉक्टरों के सामने सबसे बड़ी चुनौती मरीज की आवाज की नस (वोकल कॉर्ड नर्व) को सुरक्षित रखने की थी, जिसमें टीम पूरी तरह सफल रही। सर्जरी के तहत श्वास नली के सिकुड़े और विकृत हिस्से को काटकर हटा दिया गया और स्वस्थ हिस्सों को आपस में सफलतापूर्वक जोड़ दिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
करीब दो महीने पहले एक सड़क दुर्घटना में किशोरी का जबड़ा बुरी तरह टूट गया था। उस दौरान इलाज के लिए उसकी ट्रेकियोस्टॉमी (गर्दन के जरिये सांस देने की प्रक्रिया) की गई थी। इसके कुछ समय बाद उसकी श्वास नली सिकुड़ने लगी, जिससे उसे सांस लेने में भारी कठिनाई और घरघराहट होने लगी। एसएनएमसी में सीटी स्कैन कराने पर चौंकाने वाला खुलासा हुआ, जिसमें सामने आया कि श्वास नली का 1 सेंटीमीटर हिस्सा लगभग 80 प्रतिशत तक ब्लॉक हो चुका था।
विज्ञापन
13 अगस्त को ईएनटी विभाग के डॉ. अखिल प्रताप सिंह, डॉ. दीपा और डॉ. श्रुति की टीम ने इस चुनौतीपूर्ण सर्जरी को पूरा किया। वहीं, एनेस्थीसिया टीम से डॉ. योगिता, डॉ. निकिता और डॉ. कौस्तुभ के सहयोग से मरीज को सुरक्षित एनेस्थीसिया दिया गया। ऑपरेशन के दौरान डॉक्टरों के सामने सबसे बड़ी चुनौती मरीज की आवाज की नस (वोकल कॉर्ड नर्व) को सुरक्षित रखने की थी, जिसमें टीम पूरी तरह सफल रही। सर्जरी के तहत श्वास नली के सिकुड़े और विकृत हिस्से को काटकर हटा दिया गया और स्वस्थ हिस्सों को आपस में सफलतापूर्वक जोड़ दिया गया।
विज्ञापन