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एसएन में बनेगा प्रदेश का पहला विष टेस्टिंग लैब
अमर उजाला आगरा
Updated Sun, 05 Jun 2016 01:43 AM IST
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एसएन मेडिकल कालेज
- फोटो : Amar Ujala
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बर्न यूनिट के बाद एक और सौगात
नई इमारत में खुलेगी लैब, उपकरणों के लिए पहली किस्त में मिले दो करोड़, खरीद शुरू
ट्रेनिंग-टीचिंग का भी मिलेगा लाभ, जहरखुरानी के मरीजों के इलाज में भी मिलेगी मदद
बर्न यूनिट के बाद एसएन मेडिकल कालेज को एक और सौगात मिलने जा रही है। जल्द ही यहां विष परीक्षण लैब खुलेगी। इसके लिए प्रदेश सरकार से पहली किस्त के तौर पर दो करोड़ रुपये मिल चुके हैं। नवनिर्मित आठ मंजिला इमारत में यह लैब स्थापित होगी। इसका संचालन फोरेंसिक विभाग करेगा। इसमें हर तरह के विष की जांच हो सकेगी। लैब में विष, रक्त में इसकी मात्रा की सटीक जांच हो सकेगी, जिससे सर्पदंश एवं जहरखुरानी के मरीजों का इलाज आसान होगा। यहां हर महीने 40-50 मरीज जहरखुरानी के आते हैं। फोरेंसिक विभागाध्यक्ष एवं लैब प्रभारी डा. अजय अग्रवाल ने बताया कि एसएन प्रदेश में पहला मेडिकल कालेज होगा, जहां विष परीक्षण लैब होगी। मरीजों के इलाज के साथ ही मेडिकल छात्रों की टीचिंग और रनिंग प्रोग्राम में भी मदद मिलेगी। उपकरणों की खरीद शुरू हो गई है। अन्य शहरों के छात्र और जिला अस्पताल के चिकित्सक भी ट्रेनिंग पा सकेंगे।
पुलिस के जवान भी पा सकेंगे प्रशिक्षण
पुलिस में फोरेंसिक एक्सपर्ट की कमी नहीं रहेगी। यहां पुलिस के जवान भी ट्रेनिंग पा सकेंगे। विशेषज्ञ इनको हत्या, डकैती समेत तमाम संगीन अपराधों की पड़ताल में उपयोगी बारीकियां बताएंगे।
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नई इमारत में खुलेगी लैब, उपकरणों के लिए पहली किस्त में मिले दो करोड़, खरीद शुरू
ट्रेनिंग-टीचिंग का भी मिलेगा लाभ, जहरखुरानी के मरीजों के इलाज में भी मिलेगी मदद
बर्न यूनिट के बाद एसएन मेडिकल कालेज को एक और सौगात मिलने जा रही है। जल्द ही यहां विष परीक्षण लैब खुलेगी। इसके लिए प्रदेश सरकार से पहली किस्त के तौर पर दो करोड़ रुपये मिल चुके हैं। नवनिर्मित आठ मंजिला इमारत में यह लैब स्थापित होगी। इसका संचालन फोरेंसिक विभाग करेगा। इसमें हर तरह के विष की जांच हो सकेगी। लैब में विष, रक्त में इसकी मात्रा की सटीक जांच हो सकेगी, जिससे सर्पदंश एवं जहरखुरानी के मरीजों का इलाज आसान होगा। यहां हर महीने 40-50 मरीज जहरखुरानी के आते हैं। फोरेंसिक विभागाध्यक्ष एवं लैब प्रभारी डा. अजय अग्रवाल ने बताया कि एसएन प्रदेश में पहला मेडिकल कालेज होगा, जहां विष परीक्षण लैब होगी। मरीजों के इलाज के साथ ही मेडिकल छात्रों की टीचिंग और रनिंग प्रोग्राम में भी मदद मिलेगी। उपकरणों की खरीद शुरू हो गई है। अन्य शहरों के छात्र और जिला अस्पताल के चिकित्सक भी ट्रेनिंग पा सकेंगे।
पुलिस के जवान भी पा सकेंगे प्रशिक्षण
पुलिस में फोरेंसिक एक्सपर्ट की कमी नहीं रहेगी। यहां पुलिस के जवान भी ट्रेनिंग पा सकेंगे। विशेषज्ञ इनको हत्या, डकैती समेत तमाम संगीन अपराधों की पड़ताल में उपयोगी बारीकियां बताएंगे।
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