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इलाज कराना नहीं आसान: पर्चे के लिए धक्का-मुक्की, घंटों का इंतजार और लंबी कतार; एसएन की देख लें ये तस्वीर
Fri, 25 Sep 2026 09:55 AM IST
Dhirendra Singh
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Fri, 25 Sep 2026 09:55 AM IST
सार
एसएन मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में लंबी कतारों और अव्यवस्थाओं के कारण दूर-दराज से आए मरीजों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। गंभीर मरीजों के तीमारदारों ने अलग काउंटर और प्राथमिकता के आधार पर त्वरित इलाज की मांग की है।
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एसएन मेडिकल काॅलेज में मरीजों की भीड़।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
दूर-दराज के इलाकों से उम्मीद लेकर एसएन मेडिकल कॉलेज पहुंचने वाले मरीजों के लिए अस्पताल की अव्यवस्थाएं भारी पड़ रही हैं। ओपीडी की लंबी कतारों में घंटों खड़े रहने और चक्कर काटने के बाद भी गंभीर रोगियों को समय पर इलाज मिलना मुश्किल हो रहा है।
एटा से मुंह के कैंसर से पीड़ित गुड्डी देवी का एक अगस्त को ऑपरेशन हुआ था। शनिवार को वह टांके कटवाने आईं तो डॉक्टर न होने की बात कहकर उन्हें लौटा दिया गया। इसके बाद मंगलवार को भीड़ के कारण बिना दिखाए ही वापस लौटना पड़ा। लगातार चक्कर काटने के बाद पांचवें दिन उन्हें इलाज मिल सका। रामबाग निवासी 65 वर्षीय गिरिजा देवी गले के फोड़े से पीड़ित हैं।
बेटा जगदीश उन्हें तीन दिन से अस्पताल ला रहा है लेकिन जांच और रिपोर्ट के नाम पर उन्हें विगत शनिवार से बृहस्पतिवार तक लगातार टहलाया गया। तीमारदारों ने मांग की है कि इमरजेंसी और अति-गंभीर रोगियों के लिए प्राथमिकता के आधार पर अलग काउंटर व त्वरित इलाज की व्यवस्था की जाए।
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बोले प्राचार्य
एसएन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने बताया कि ओपीडी में छह नए काउंटर बनाए जा रहे हैं, जिनमें से एक काउंटर गंभीर मरीजों के लिए आरक्षित रहेगा। उन्होंने यह भी कहा कि गंभीर रोगियों को ओपीडी की बजाय सीधे इमरजेंसी में जाना चाहिए।
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एटा से मुंह के कैंसर से पीड़ित गुड्डी देवी का एक अगस्त को ऑपरेशन हुआ था। शनिवार को वह टांके कटवाने आईं तो डॉक्टर न होने की बात कहकर उन्हें लौटा दिया गया। इसके बाद मंगलवार को भीड़ के कारण बिना दिखाए ही वापस लौटना पड़ा। लगातार चक्कर काटने के बाद पांचवें दिन उन्हें इलाज मिल सका। रामबाग निवासी 65 वर्षीय गिरिजा देवी गले के फोड़े से पीड़ित हैं।
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बेटा जगदीश उन्हें तीन दिन से अस्पताल ला रहा है लेकिन जांच और रिपोर्ट के नाम पर उन्हें विगत शनिवार से बृहस्पतिवार तक लगातार टहलाया गया। तीमारदारों ने मांग की है कि इमरजेंसी और अति-गंभीर रोगियों के लिए प्राथमिकता के आधार पर अलग काउंटर व त्वरित इलाज की व्यवस्था की जाए।
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बोले प्राचार्य
एसएन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने बताया कि ओपीडी में छह नए काउंटर बनाए जा रहे हैं, जिनमें से एक काउंटर गंभीर मरीजों के लिए आरक्षित रहेगा। उन्होंने यह भी कहा कि गंभीर रोगियों को ओपीडी की बजाय सीधे इमरजेंसी में जाना चाहिए।