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संक्रमण में एसएन बना सहारा, 139 की गूंजी किलकारी

Thu, 17 Feb 2022 01:38 AM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Thu, 17 Feb 2022 01:38 AM IST
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SN became Sahara in transition, 139 echoed
आगरा। कोरोना महामारी के दौरान संक्रमित गर्भवती महिलाओं के लिए एसएन मेडिकल कॉलेज बड़ा सहारा बना। महामारी के इन 24 महीनों में 139 संक्रमित गर्भवती महिलाओं के प्रसव हुए और नवजातों की किलकारी गूंजी। इसमें आगरा-अलीगढ़ मंडल की गर्भवती महिलाएं शामिल रहीं।
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एसएन के स्त्री रोग एवं प्रसूति विभागाध्यक्ष डॉ. सरोज सिंह ने बताया कि मार्च 2020 में कोरोना महामारी ने ताजनगरी में दस्तक दी। संक्रमित गर्भवती महिलाओं के सुरक्षित प्रसव के लिए एनएन में विशेष सेटअप बनाया गया। इसमें लेबर रूम, ऑपरेशन थिएटर, जांचें समेत अन्य सभी की सुविधा की गईं। कोरोना वायरस के संक्रमण में 15 फरवरी 2022 तक कोविड अस्पताल में 207 संक्रमित गर्भवती महिलाएं भर्ती हुईं। इसमें से 139 के प्रसव कराए गए, जिसमें 117 के ऑपरेशन करने पड़े और 22 की सामान्य प्रसव हुए। बाकी की महिलाएं नौ माह से कम की गर्भवती रहीं, जिनके प्रसव संक्रमण मुक्त होने के बाद में हुए। इन 207 महिलाओं में आगरा, फिरोजाबाद, मथुरा, अलीगढ़, एटा, इटावा, हाथरस, मैनपुरी, कासगंज, शिकोहाबाद समेत अन्य जिलों की गर्भवती शामिल रहीं।
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प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने बताया कि मार्च 2020 में कोरोना से डॉक्टरों का पहली बार सामना हुआ था। सुरक्षित प्रसव कराते हुए नवजात को संक्रमित से बचाना भी चुनौती था। ऐसे में स्त्री रोग, एनेस्थीसिया विभाग, बाल रोग विभाग और फिजीशियन की टीम बनाई गई। इनके प्रयासों से महज एक नवजात में संक्रमण की पुष्टि हुई। प्रदेश की पहली संक्रमित गर्भवती का प्रसव भी एसएन में ही हुआ था।
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कोविड अस्पताल के प्रभारी डॉ. जीवी सिंह ने बताया कि महामारी में निजी अस्पतालों में कोविड प्रसव कक्ष की व्यवस्था नहीं थी। प्रशासन के निर्देश पर मेडिकल कॉलेज को कोविड अस्पताल का रूप दिया था। इसी में कोविड प्रसव कक्ष भी बना। इसी कारण कई जिलों की संक्रमित गर्भवती महिलाएं यहां भर्ती हुई और उनका सुरक्षित प्रसव कराया गया।
फिरोजाबाद की 25 साल की गर्भवती महिला निजी अस्पताल में जांच कराने पर रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर एसएन में भर्ती हुईं। डॉक्टरों की टीम ने ऑपरेशन कर इनका प्रसव कराया। नवजात पीकू वार्ड में भर्ती रहा। प्रसूता की रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद डिस्चार्ज कर दिया गया।

यमुनाब्रिज की 22 साल की गर्भवती महिला की संक्रमित होने पर एसएन के कोविड अस्पताल में भर्ती हुई। 38 सप्ताह की गर्भवती थी। चिकित्सकी टीम ने इनका प्रसव कराया और 2.70 किलो का नवजात हुआ। रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद इनको डिस्चार्ज कर दिया गया।
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