{"_id":"586bf9884f1c1b943a1592e6","slug":"smart-city-a-company-formed-to-address-stopped-by","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्मार्ट सिटी : एक पते ने रोका कंपनी का गठन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
स्मार्ट सिटी : एक पते ने रोका कंपनी का गठन
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
Updated Wed, 04 Jan 2017 12:50 AM IST
विज्ञापन
स्मार्ट सिटी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत ताजनगरी का चयन तो हो गया है लेकिन अभी तक इस पर काम आगे नहीं बढ़ा है। न तो स्पेशल परपज व्हीकल (एसपीवी) का गठन हुआ और न ही कंपनी एक्ट के तहत कंपनी का गठन। कंपनी गठन की प्रक्रिया में महज एक अधिकारी के एड्रेस ने अड़चन पैदा कर दी है।
दरअसल, स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत पहले चरण में एसपीवी का गठन होगा। एसपीवी के सदस्य योजना के तहत विकास का खाका खींचेंगे। इसके साथ ही एक कंपनी का गठन किया जाएगा। इसी कंपनी के खाते में भारत सरकार और राज्य सरकार अपना-अपना अंशदान देंगी। कंपनी के चेयरमैन का दायित्व मंडलायुक्त का होगा। नगर आयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी होंगे। निदेशक मंडल में भारत सरकार और राज्य सरकार के दो नामित अधिकारियों के अलावा एडीए उपाध्यक्ष, दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड एमडी, जल निगम जीएम सहित कई विभागों के अधिकारी होंगे। कंपनी के सभी पदाधिकारियों की डिटेल में उनके वर्तमान पते के साथ-साथ स्थाई पते का भी उल्लेख करना होगा लेकिन अधिकारियों ने मंडलायुक्त के पते के कालम में केवल आगरा में सरकारी आवास का पता भरा, जिसे रिजेक्ट कर दिया गया। ऐसा ही एडीए उपाध्यक्ष के एड्रेस को लेकर भी हुआ था। उधर, प्रदेश में चल रहे राजनीतिक घटनाक्रम की वजह से शासनस्तर पर भी योजना ठंडे बस्ते में चली गई है। चार जनवरी को योजना के तहत शासनस्तर पर एक बैठक प्रस्तावित थी लेकिन इस बैठक को स्थगित कर दिया गया है।
विज्ञापन
दरअसल, स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत पहले चरण में एसपीवी का गठन होगा। एसपीवी के सदस्य योजना के तहत विकास का खाका खींचेंगे। इसके साथ ही एक कंपनी का गठन किया जाएगा। इसी कंपनी के खाते में भारत सरकार और राज्य सरकार अपना-अपना अंशदान देंगी। कंपनी के चेयरमैन का दायित्व मंडलायुक्त का होगा। नगर आयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी होंगे। निदेशक मंडल में भारत सरकार और राज्य सरकार के दो नामित अधिकारियों के अलावा एडीए उपाध्यक्ष, दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड एमडी, जल निगम जीएम सहित कई विभागों के अधिकारी होंगे। कंपनी के सभी पदाधिकारियों की डिटेल में उनके वर्तमान पते के साथ-साथ स्थाई पते का भी उल्लेख करना होगा लेकिन अधिकारियों ने मंडलायुक्त के पते के कालम में केवल आगरा में सरकारी आवास का पता भरा, जिसे रिजेक्ट कर दिया गया। ऐसा ही एडीए उपाध्यक्ष के एड्रेस को लेकर भी हुआ था। उधर, प्रदेश में चल रहे राजनीतिक घटनाक्रम की वजह से शासनस्तर पर भी योजना ठंडे बस्ते में चली गई है। चार जनवरी को योजना के तहत शासनस्तर पर एक बैठक प्रस्तावित थी लेकिन इस बैठक को स्थगित कर दिया गया है।
विज्ञापन