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हाईवे के सिक्स लेन की राह में 12 रोड़े
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 18 Oct 2016 11:49 PM IST
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एनएचएआई ने डीएम को दी कार्य में बाधा बने कारणों की रिपोर्ट
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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दिल्ली-आगरा के बीच के सफर को और सुगम बनाने के लिए हाईवे के चौड़ीकरण का कार्य फिलहाल लोगों के लिए मुसीबत बना हुआ है। लगभग दो साल से चल रहा कार्य अब तक आधा भी नहीं हो पाया है। इसकी वजह से शहरवासी हर दिन जाम की समस्या से जूझ रहे हैं। हादसे भी रोज हो रहे हैं।
बता दें कि भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा एनएच दो दिल्ली से आगरा के बीच सिक्स लेन किया जा रहा है। मगर, इस कार्य में तमाम विभागों की भागीदारी है। एनएचएआई का कार्य तो धीमी गति से हो रही है, अन्य विभाग भी लापरवाही बरत रहे हैं। पिछले महीने जिलाधिकारी ने इस प्रोजेक्ट की समीक्षा की थी। इसमें एनएचएआई की तरफ से छह लेनीकरण में बाधा बने 12 कारण गिनाए थे। इनका अब तक समाधान नहीं हो सका है। 17 अक्तूबर को एनएचएआई ने जिलाधिकारी को विस्तृत रिपोर्ट के साथ फिर से रिमाइंडर भेजा है। इन रिपोर्ट में उन विभागों का भी जिक्र किया है, जिन्होंने अब तक अपने हिस्से का कार्य नहीं किया है।
ये हैं अड़चनें
समस्या 1: भूमि अर्जन के लिए 213.80 करोड़ के सापेक्ष अब तक सिर्फ 170 करोड़ का मुआवजा वितरित किया है। साथ ही जिले के 10 गांवों में भू अर्जन किया गया है, म्यूटेशन की कार्रवाई शेष है।
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जिम्मेदार: अपर जिलाधिकारी (भू-अर्जन)
समस्या 2: वाटर वर्क्स पर सीवेज लाइन बंद होने के कारण सर्विस रोड पर जल भराव हो जाता है। इससे सड़क पर जगह-जगह कटाव हो गए हैं। इसकी वजह से यातायात बाधित हो जाता है।
जिम्मेदार: महाप्रबंधक, जलकल
समस्या 3: गुरुद्वारा गुरु का ताल के पास एनएच दो पर पानी रिसाव के कारण छह लेनीकरण कार्य में बाधा हो रही है, यातायात भी अवरुद्ध हो रहा है।
जिम्मेदार: महाप्रबंधक, जलकल
समस्या 4: सुल्तागंज की पुलिया पर स्थित दो मंदिरों को स्थानांतरित करना है। फ्लाईओवर का निर्माण कार्य प्रगति पर है एवं अप्रोच का कार्य व कंक्रीट गर्डर लाचिंग कार्य मंदिर को हटाने के बाद ही किया जा सकता है। ट्रांसपोर्ट नगर चौराहा पर भी दो मंदिरों को स्थानांतरित किया जाना है।
जिम्मेदार: जिला प्रशासन और एनएचएआई
समस्या 5: सिकंदरा से गुरुद्वारा गुरु का ताल तक भू अर्जन से प्रभावित भूमि एवं संरचनाओं को तोड़ना है।
जिम्मेदारी: जिला प्रशासन व एनएचएआई
समस्या 6: भगवान टाकीज और सुल्तानगंज के बीच 33 केवी बिजली की लाइन के लिए शटडाउन लेना है।
जिम्मेदार: टोरंट पॉवर लि.
समस्या 7: भगवान टाकीज क्षेत्र में अबूल उला की दरगाह तक अंडर ग्राउंड ड्रेन सिस्टम का ऑडिट एवं आवश्यक मरम्मत कार्य। इसकी वजह से सर्विस रोड निर्माण का कार्य रुका हुआ है।
जिम्मेदार: मुख्य अभियंता, नगर निगम
समस्या 8: खंदारी चौराहा एवं खंदारी चौराहा से भगवान टाकीज चौराहा तक की सर्विस रोड पर अतिक्रमण नहीं हट सका है।
जिम्मेदार: जिला प्रशासन
समस्या 9: सब्जी मंडी चौराहा, सिकंदरा में मंडी समिति द्वारा पूर्व के बनाए गए स्ट्रक्चर्स एवं नगर आयुक्त निवास की बाउंड्री चौड़ीकरण में प्रभावित है, जिन्हें हटाया जाना है।
जिम्मेदार: जिला प्रशासन
समस्या 10: सिकंदरा क्षेत्र में मजार हटाना या स्थानांतरित करना एवं उसमें स्थित 11 वृक्ष बाधा बने हुए हैं।
जिम्मेदार: जिला प्रशासन एवं वन विभाग
समस्या 11: टोरंट सहित कई एजेंसियां इलेक्ट्रानिक लाइन या ओएफसी केबल डाल रही हैं, इसकी वजह से यातायात बाधित हो रहा है एवं राहगीरों की सुरक्षा को खतरा बना रहता है। पुलिस का सहयोग नहीं मिल रहा।
जिम्मेदार: जिला पुलिस व प्रशासन
समस्या 12: सिकंदरा से वाटर वर्क्स के बीच दोनों ओर लगभग 150 पेड़ बाधा बने हुए हैं। इन्हें काटा जाना है।
जिम्मेदार: वन विभाग, यूपी फारेस्ट कॉरपोरेशन-इटावा
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बता दें कि भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा एनएच दो दिल्ली से आगरा के बीच सिक्स लेन किया जा रहा है। मगर, इस कार्य में तमाम विभागों की भागीदारी है। एनएचएआई का कार्य तो धीमी गति से हो रही है, अन्य विभाग भी लापरवाही बरत रहे हैं। पिछले महीने जिलाधिकारी ने इस प्रोजेक्ट की समीक्षा की थी। इसमें एनएचएआई की तरफ से छह लेनीकरण में बाधा बने 12 कारण गिनाए थे। इनका अब तक समाधान नहीं हो सका है। 17 अक्तूबर को एनएचएआई ने जिलाधिकारी को विस्तृत रिपोर्ट के साथ फिर से रिमाइंडर भेजा है। इन रिपोर्ट में उन विभागों का भी जिक्र किया है, जिन्होंने अब तक अपने हिस्से का कार्य नहीं किया है।
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ये हैं अड़चनें
समस्या 1: भूमि अर्जन के लिए 213.80 करोड़ के सापेक्ष अब तक सिर्फ 170 करोड़ का मुआवजा वितरित किया है। साथ ही जिले के 10 गांवों में भू अर्जन किया गया है, म्यूटेशन की कार्रवाई शेष है।
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जिम्मेदार: अपर जिलाधिकारी (भू-अर्जन)
समस्या 2: वाटर वर्क्स पर सीवेज लाइन बंद होने के कारण सर्विस रोड पर जल भराव हो जाता है। इससे सड़क पर जगह-जगह कटाव हो गए हैं। इसकी वजह से यातायात बाधित हो जाता है।
जिम्मेदार: महाप्रबंधक, जलकल
समस्या 3: गुरुद्वारा गुरु का ताल के पास एनएच दो पर पानी रिसाव के कारण छह लेनीकरण कार्य में बाधा हो रही है, यातायात भी अवरुद्ध हो रहा है।
जिम्मेदार: महाप्रबंधक, जलकल
समस्या 4: सुल्तागंज की पुलिया पर स्थित दो मंदिरों को स्थानांतरित करना है। फ्लाईओवर का निर्माण कार्य प्रगति पर है एवं अप्रोच का कार्य व कंक्रीट गर्डर लाचिंग कार्य मंदिर को हटाने के बाद ही किया जा सकता है। ट्रांसपोर्ट नगर चौराहा पर भी दो मंदिरों को स्थानांतरित किया जाना है।
जिम्मेदार: जिला प्रशासन और एनएचएआई
समस्या 5: सिकंदरा से गुरुद्वारा गुरु का ताल तक भू अर्जन से प्रभावित भूमि एवं संरचनाओं को तोड़ना है।
जिम्मेदारी: जिला प्रशासन व एनएचएआई
समस्या 6: भगवान टाकीज और सुल्तानगंज के बीच 33 केवी बिजली की लाइन के लिए शटडाउन लेना है।
जिम्मेदार: टोरंट पॉवर लि.
समस्या 7: भगवान टाकीज क्षेत्र में अबूल उला की दरगाह तक अंडर ग्राउंड ड्रेन सिस्टम का ऑडिट एवं आवश्यक मरम्मत कार्य। इसकी वजह से सर्विस रोड निर्माण का कार्य रुका हुआ है।
जिम्मेदार: मुख्य अभियंता, नगर निगम
समस्या 8: खंदारी चौराहा एवं खंदारी चौराहा से भगवान टाकीज चौराहा तक की सर्विस रोड पर अतिक्रमण नहीं हट सका है।
जिम्मेदार: जिला प्रशासन
समस्या 9: सब्जी मंडी चौराहा, सिकंदरा में मंडी समिति द्वारा पूर्व के बनाए गए स्ट्रक्चर्स एवं नगर आयुक्त निवास की बाउंड्री चौड़ीकरण में प्रभावित है, जिन्हें हटाया जाना है।
जिम्मेदार: जिला प्रशासन
समस्या 10: सिकंदरा क्षेत्र में मजार हटाना या स्थानांतरित करना एवं उसमें स्थित 11 वृक्ष बाधा बने हुए हैं।
जिम्मेदार: जिला प्रशासन एवं वन विभाग
समस्या 11: टोरंट सहित कई एजेंसियां इलेक्ट्रानिक लाइन या ओएफसी केबल डाल रही हैं, इसकी वजह से यातायात बाधित हो रहा है एवं राहगीरों की सुरक्षा को खतरा बना रहता है। पुलिस का सहयोग नहीं मिल रहा।
जिम्मेदार: जिला पुलिस व प्रशासन
समस्या 12: सिकंदरा से वाटर वर्क्स के बीच दोनों ओर लगभग 150 पेड़ बाधा बने हुए हैं। इन्हें काटा जाना है।
जिम्मेदार: वन विभाग, यूपी फारेस्ट कॉरपोरेशन-इटावा