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श्रीमद् भागवत कथा मानव कल्याण का सबसे बड़ा साधन: सतेंद्र मिश्रा
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मैनपुरी। दन्नाहार क्षेत्र के गांव बटरौली स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर पर रविवार से श्रीमद् भागवत कथा का शुभारंभ हो गया। कथा के शुभारंभ अवसर पर गांव में भव्य कलश यात्रा निकाली गई। कथा के पहले दिन आचार्य सतेंद्र मिश्रा ने श्रीमद् भागवत कथा के इतिहास पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि कलियुग में श्रीमद् भागवत कथा मानव कल्याण का सबसे प्रमुख साधन है।
रविवार की दोपहर प्राचीन हनुमान मंदिर से कलश यात्रा का शुरू हुई। लोअर गंग नहर कानपुर ब्रांच दन्नाहार पुल से कलश भरे गए। कलश यात्रा वापस प्राचीन हनुमान मंदिर पहुंची। यहां आचार्य सतेंद्र मिश्रा ने मंत्रोच्चारण के साथ कलश स्थापना कराई। प्रथम दिन कथा में आचार्य ने कहा कि श्रीमद् भागवत कथा मानव जीवन के लिए बहुत ही उपयोगी है।
कलियुग में श्रीमद् भागवत कथा ही मानव जीवन के कल्याण का सबसे बड़ा साधन है। कथा के दौरान उन्होंने गोकरण और धुंधकारी की कथा भी सुनाई। इस अवसर पर परीक्षत सत्यवीर चौहान, सीमा देवी चौहान, शिवराज सिंह चौहान, दीपक चौहान, माया देवी भदौरिया, रुद्रभान सिंह भदौरिया, सविता राठौर, शिवप्रकाश सिंह राठौर, ज्योती भदौरिया, महंत हेमचंद्र मिश्रा विदुर आदि लोग मौजूद रहे।
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रविवार की दोपहर प्राचीन हनुमान मंदिर से कलश यात्रा का शुरू हुई। लोअर गंग नहर कानपुर ब्रांच दन्नाहार पुल से कलश भरे गए। कलश यात्रा वापस प्राचीन हनुमान मंदिर पहुंची। यहां आचार्य सतेंद्र मिश्रा ने मंत्रोच्चारण के साथ कलश स्थापना कराई। प्रथम दिन कथा में आचार्य ने कहा कि श्रीमद् भागवत कथा मानव जीवन के लिए बहुत ही उपयोगी है।
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कलियुग में श्रीमद् भागवत कथा ही मानव जीवन के कल्याण का सबसे बड़ा साधन है। कथा के दौरान उन्होंने गोकरण और धुंधकारी की कथा भी सुनाई। इस अवसर पर परीक्षत सत्यवीर चौहान, सीमा देवी चौहान, शिवराज सिंह चौहान, दीपक चौहान, माया देवी भदौरिया, रुद्रभान सिंह भदौरिया, सविता राठौर, शिवप्रकाश सिंह राठौर, ज्योती भदौरिया, महंत हेमचंद्र मिश्रा विदुर आदि लोग मौजूद रहे।
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