जूता फैक्टरी अग्निकांड: नियमों की हो रही थी अनदेखी, संचालक को नोटिस देने की तैयारी
मकान की दूसरी मंजिल पर संचालित जूता फैक्टरी में आग लग गई थी। फैक्टरी के लिए कोई एनओसी अग्निशमन विभाग से नहीं ली गई थी। इलाका घनी आबादी में है। इससे बड़ा हादसा हो सकता था।
विस्तार
आगरा के शहीद नगर स्थित बागराजपुर की एक जूता फैक्टरी में शुक्रवार रात को आग लगी थी। आरोप है कि फैक्टरी नियमों की अनदेखी कर चलाई जा रही थी। अग्निशमन विभाग संचालक को नोटिस देने की तैयारी कर रहा है। उधर, शहर में 500 से अधिक जूता कारखाने, होटल, ढाबे भी बिना फायर एनओसी के चल रहे हैं।
बागराजपुर में हाजी याकूब की फैक्टरी घर की पहली मंजिल पर चल रही थी। केमिकल के ड्रम भी रखे थे। फैक्टरी के लिए कोई एनओसी अग्निशमन विभाग से नहीं ली गई थी। इलाका घनी आबादी में है। इससे बड़ा हादसा हो सकता था।
मंटोला अग्निकांड में नहीं आई तहरीर
पिछले दिनों मंटाला के टीला नंदराम में भी सोल पर रंग करने वाली फैक्टरी में आग लगी थी। केमिकल के ड्रम फट गए थे। बिना पंजीकरण के फैक्टरी चल रही थी। फायर एनओसी भी नहीं ली गई थी। थाना मंटाेला के प्रभारी निरीक्षक आलोक सिंह ने बताया कि मामले में किसी ने तहरीर नहीं दी है। हालांकि क्षेत्र में चल रहे जूता कारखानों के संबंध में अधिकारियों को रिपोर्ट दी गई है।
ये भी पढ़ें - UP: शादी करने के लिए पीछे पड़ गया सिरफिरा, बोला- मेरी नहीं हुई, तो बिगाड़ दूंगा चेहरा
फायर एनओसी इनके पास भी नहीं
शहर में आग लगने का यह पहला मामला नहीं है। शहर के जगदीशपुरा, लोहामंडी, न्यू आगरा, हरीपर्वत, सदर, ताजगंज, एमएम गेट, मंटोला, रकाबगंज, कोतवाली आदि इलाकों में 500 से अधिक जूता कारखाने चल रहे हैं। इनके अलावा होटल, रेस्टोरेंट और ढाबे भी संचालित हो रहे हैं। एक मंजिल से लेकर तीन मंजिला तक भवन बना लिए गए हैं। मगर, अग्निशमन विभाग से एनओसी नहीं ली जा रही है। यह कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं।