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मानव संपदा पोर्टल की सूची देखकर उड़े शिक्षामित्र के होश, जानिये क्या है पूरा मामला
Fri, 10 Jul 2020 12:34 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फिरोजाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फिरोजाबाद
Published by: Abhishek Saxena
Updated Fri, 10 Jul 2020 12:34 AM IST
सार
- शिक्षामित्र ने नहीं लिया बीएड में प्रवेश
- शिक्षामित्र को बनाया शिक्षक
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Fake Teacher
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विस्तार
मानव संपदा पोर्टल पर फीडिंग के दौरान शिक्षामित्र को फर्जी बीएडधारक दिखाकर सूची में शामिल कर दिया गया। वहीं लिपिक ने मौखिक रूप से अभिलेख दिखाने के लिए शिक्षामित्र को कार्यालय बुलाया और जमकर हड़काया। सफाई देने पर लिपिक ने शिक्षामित्र को एफआईआर कराने तक की चेतावनी दे डाली। अब परेशान शिक्षामित्र अधिकारियों के चक्कर लगा रहा है।
शिकोहाबाद ब्लॉक के प्राइमरी विद्यालय साढूपुर में तैनात शिक्षामित्र राजेंद्र सिंह को मानव संपदा पोर्टल की डाटा फीडिंग के दौरान फर्जी शिक्षक दर्शा दिया गया है। सूची में अपना नाम देखकर शिक्षामित्र के होश उड़ गए। इधर, सूची में नाम आने के बाद बीएसए कार्यालय के पटल बाबू ने शिक्षामित्र को कार्यालय बुलाया और हड़काने लगे।
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शिक्षामित्र ने बताया कि उसने अभी बीएड नहीं की है। इसके साथ ही शिक्षामित्र राजेंद्र सिंह ने अन्य जानकारियां भी उपलब्ध कराईं। बीएसए अरविंद पाठक का कहना है कि शिक्षामित्र को फर्जी शिक्षकों की सूची में शामिल करने के मामले की जांच कराई जा रही है। यदि शिक्षामित्र सही है तो कोई कार्रवाई नहीं होगी।
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शिकोहाबाद ब्लॉक के प्राइमरी विद्यालय साढूपुर में तैनात शिक्षामित्र राजेंद्र सिंह को मानव संपदा पोर्टल की डाटा फीडिंग के दौरान फर्जी शिक्षक दर्शा दिया गया है। सूची में अपना नाम देखकर शिक्षामित्र के होश उड़ गए। इधर, सूची में नाम आने के बाद बीएसए कार्यालय के पटल बाबू ने शिक्षामित्र को कार्यालय बुलाया और हड़काने लगे।
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शिक्षामित्र ने बताया कि उसने अभी बीएड नहीं की है। इसके साथ ही शिक्षामित्र राजेंद्र सिंह ने अन्य जानकारियां भी उपलब्ध कराईं। बीएसए अरविंद पाठक का कहना है कि शिक्षामित्र को फर्जी शिक्षकों की सूची में शामिल करने के मामले की जांच कराई जा रही है। यदि शिक्षामित्र सही है तो कोई कार्रवाई नहीं होगी।
बीएड में प्रवेश ही नहीं लिया
शिक्षामित्र राजेंद्र सिंह की 26 जुलाई 2004 की नियुक्ति हुई है। 2011-2012 में विभाग से अनुमति लेकर शिक्षामित्र ने बीए की। खास बात है कि शिक्षामित्र की नियुक्ति के लिए योग्यता बीएड नहीं है।
शिक्षामित्र राजेंद्र सिंह की 26 जुलाई 2004 की नियुक्ति हुई है। 2011-2012 में विभाग से अनुमति लेकर शिक्षामित्र ने बीए की। खास बात है कि शिक्षामित्र की नियुक्ति के लिए योग्यता बीएड नहीं है।