{"_id":"68ce0df922e517fd9d071534","slug":"shardiya-navratri-2025-date-ghatasthapana-shubh-muhurat-mata-ki-sawari-2025-09-20","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Shardiya Navratri 2025: इस बार 9 नहीं 10 दिन के शारदीय नवरात्र, कलश स्थापना के लिए दो शुभ मुहूर्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shardiya Navratri 2025: इस बार 9 नहीं 10 दिन के शारदीय नवरात्र, कलश स्थापना के लिए दो शुभ मुहूर्त
Sat, 20 Sep 2025 10:08 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Sat, 20 Sep 2025 10:08 AM IST
सार
Shardiya Navratri 2025: अश्विन मास की प्रतिपदा 22 सितंबर को है। इसी दिन से शारदीय नवरात्र शुरू हो रहे हैं। तृतीया तिथि बढ़ जाने के कारण एक अक्तूबर को नवरात्र पूर्ण होंगे।
विज्ञापन
Shardiya Navratri 2025
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
शारदीय नवरात्र सोमवार से शुरू हो रहे हैं। इस बार मां जगत जननी दुर्गाजी का आगमन हाथी पर होगा। तृतीया तिथि बढ़ जाने के कारण एक अक्तूबर को नवरात्र पूर्ण होंगे। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार हाथी पर मां का आगमन शुभ माना जाता है। नवरात्र में जो भक्त सच्चे मन से पूजा करते हैं माता उनकी झोली खुशियों से भर देती हैं। नवरात्र की तैयारी को लेकर बाजारों में भी रौनक बढ़ गई है। जगह-जगह दुर्गा प्रतिमाएं तैयार की जा रही हैं। वहीं श्रद्धालु पोशाक और शृंगार के सामान की खरीदारी कर रहे हैं। दुकानें माता की चुनरी और अन्य पूजन सामग्री से सज गई हैं।
विज्ञापन
कलश स्थापना के लिए दो शुभ मुहूर्त
ज्योतिषाचार्य डॉ. पूनम वार्ष्णेय ने बताया कि हाथी पर मां के आगमन से देश और जन समुदाय में सुख-समृद्धि, वैभव एवं यश की प्राप्ति होगी। मातारानी सभी को ऐश्वर्य, विजय एवं संपन्नता प्रदान करेंगी। कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त सुबह 6:03 से लेकर 8:22 तक और 10:40 से लेकर दोपहर 12:56 तक अति शुभ रहेगा। इस बार गज पर आगमन होने से माता धन-धान्य की वृद्धि, कृषि कार्य में बढ़ोतरी, अच्छी वर्षा, सुख-समृद्धि एवं विजय प्रदान करेंगी।
ज्योतिषाचार्य डॉ. पूनम वार्ष्णेय ने बताया कि हाथी पर मां के आगमन से देश और जन समुदाय में सुख-समृद्धि, वैभव एवं यश की प्राप्ति होगी। मातारानी सभी को ऐश्वर्य, विजय एवं संपन्नता प्रदान करेंगी। कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त सुबह 6:03 से लेकर 8:22 तक और 10:40 से लेकर दोपहर 12:56 तक अति शुभ रहेगा। इस बार गज पर आगमन होने से माता धन-धान्य की वृद्धि, कृषि कार्य में बढ़ोतरी, अच्छी वर्षा, सुख-समृद्धि एवं विजय प्रदान करेंगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
देवी पूजन से पहले कलश स्थापना बेहद जरूरी
ज्योतिषाचार्य आशिमा शर्मा ने बताया कि इस बार शारदीय नवरात्र 22 सितंबर से प्रारंभ होंगे और एक अक्तूबर को पूर्ण होंगे। जब भी सोमवार से नवरात्र शुरू होते है तो मातारानी हाथी पर सवार होकर आती हैं जो बहुत शुभ और फलदायी माने जाते हैं। हिंदू पुराणों में मान्यता है कि कलश को भगवान विष्णु का रूप माना जाता है इसलिए देवी की पूजा से पहले कलश का पूजन किया जाता है।
ज्योतिषाचार्य आशिमा शर्मा ने बताया कि इस बार शारदीय नवरात्र 22 सितंबर से प्रारंभ होंगे और एक अक्तूबर को पूर्ण होंगे। जब भी सोमवार से नवरात्र शुरू होते है तो मातारानी हाथी पर सवार होकर आती हैं जो बहुत शुभ और फलदायी माने जाते हैं। हिंदू पुराणों में मान्यता है कि कलश को भगवान विष्णु का रूप माना जाता है इसलिए देवी की पूजा से पहले कलश का पूजन किया जाता है।
बाजार में बंगाली दुर्गा प्रतिमाएं भी
मूर्ति विक्रेता ऋषि कुशवाह ने बताया कि शारदीय नवरात्र पर श्रद्घालु पंडाल में मां दुर्गा की स्थापना करते हैं। हमारे यहां एक फीट से लेकर साढ़े सात फीट तक की प्रतिमाएं तैयार की जा रही हैं। भक्तों की मांग पर बंगाली दुर्गा प्रतिमाएं भी तैयार की गई हैं। दुर्गा प्रतिमा पांच सौ रुपये से आठ हजार रुपये की कीमत में उपलब्ध हैं।
मूर्ति विक्रेता ऋषि कुशवाह ने बताया कि शारदीय नवरात्र पर श्रद्घालु पंडाल में मां दुर्गा की स्थापना करते हैं। हमारे यहां एक फीट से लेकर साढ़े सात फीट तक की प्रतिमाएं तैयार की जा रही हैं। भक्तों की मांग पर बंगाली दुर्गा प्रतिमाएं भी तैयार की गई हैं। दुर्गा प्रतिमा पांच सौ रुपये से आठ हजार रुपये की कीमत में उपलब्ध हैं।