खुशखबरी: दो दिन निशुल्क ताज देख सकेंगे पर्यटक, गुस्ल की रस्म साथ होगी उर्स की शुरुआत,देखने को मिलेगी असली कब्र
शाहजहां के 368वें उर्स के मौके पर दो दिन पर्यटकों को ताजमहल में निशुल्क प्रवेश दिया जाएगा। इस मौके पर ही तहखाना में स्थित शाहजहां और मुमताज की असली कब्रों को देखने का मौका मिलेगा।
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उत्तर प्रदेश की ताजनगरी आगरा में शाहजहां का 368वां उर्स 17 से 19 फरवरी तक ताजमहल में मनाया जाएगा। तीन दिवसीय उर्स में दो दिन दोपहर दो बजे के बाद और तीसरे दिन यानी 19 फरवरी को पूरे दिन पर्यटक निशुल्क प्रवेश कर सकेंगे। उर्स के मौके पर ही तहखाना में स्थित शाहजहां और मुमताज की असली कब्रों को देखने का मौका मिलेगा।
मंगलवार को ताजमहल में उपअधीक्षण पुरातत्वविद सुनीता तेवतिया की अध्यक्षता में बैठक हुई, जिसमें उर्स कमेटी के सदस्य भी शामिल हुए। इस बैठक में बताया गया कि शाहजहां का उर्स 17 से 19 फरवरी तक होगा। उर्स की शुरुआत गुस्ल की रस्म साथ होगी। संदल की रस्म, कुलशरीफ, कुरानीखानी, आदि की रस्में होती हैं। शाहजहां के उर्स में आखिरी दिन चादरपोशी यहां आकर्षण का केंद्र रहती है।
खुद्दाम-ए-रोजा कमेटी के अध्यक्ष ताहिरउद्दीन ताहिर ने बताया कि इस बार 1880 मीटर लंबी चादर चढ़ाएंगे। बैठक में एएसआई के इंजीनियर राजनरायण, अमरनाथ गुप्ता, प्रिंस वाजपेयी तथा कमेटी से आरिफ तैमूरी, इब्राहीम जैदी, मुनव्वर अली आदि मौजूद रहे।
अहमद बुखारी का उर्स भी 17 से
ताजमहल के पूर्वी गेट स्थित दरगाह हजरत सैयद अहमद बुखारी शाह का 433वां उर्स भी 17 से 19 फरवरी तक आयोजित किया जाएगा। दरगाह के गद्दीनशीं और कमेटी के अध्यक्ष मोहम्मद निजाम शाह के निर्देशन में कलेक्ट्रेट पर कलेक्ट्रेट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष ब्रजेंद्र रावत की अध्यक्षता में मंगलवार को बैठक हुई।
निजाम शाह ने बताया कि कार्यक्रम तीन सत्रों में होंगे। 17 फरवरी को रात नौ बजे मिलादे-ए-शरीफ आरंभ होगा। दूसरे दिन 18 फरवरी को चार बजे उर्स का शुभारंभ किया जाएगा। इसी दिन 4.30 बजे झंडारोहण और चादर जोशी की जाएगी। रात में नौ बजे महफिल-ए कव्वाली में प्रसिद्ध कलाकार भाग लेंगे। तीसरे दिन 19 फरवरी को सद्भावना व फूल चादर शाम 4:30 बजे होगा।