आगरा: अनुसूचित जाति के लिए बना अलग श्मशान घाट, दबंगों ने नहीं जलने की थी महिला की चिता
- इसी गांव में 20 जुलाई को नट समाज की महिला के शव को दबंगों ने चिता से हटवा दिया था
- मामला सियासत में तूल पकड़ गया, घटना के नौ दिन बाद प्रशासन के अफसर हरकत में आए
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आगरा में प्रशासन ने अछनेरा के रायभा गांव में बुधवार को नट समाज (अनुसूचित जाति) के लिए अलग से श्मशान घाट बनवा दिया। इसके लिए गांव के मुख्य श्मशान घाट में से ही 750 वर्ग गज जमीन दी गई। साथ ही बोर्ड भी लगवा दिया गया।
मुख्य श्मशान घाट में ही 20 जुलाई को नट समाज की महिला पूजा का शव चिता से हटवा दिया गया था। पुलिस ने बाद में इसी के पास में दाह संस्कार कराया था। मामला सियासी तूल पकड़ गया तो घटना के नौ दिन बाद प्रशासन के अफसर हरकत में आए।
एसडीएम किरावली सुमित सिंह राजस्व टीम के साथ गांव पहुंचे। उन्होंने नट समाज के लोगों से बात की। इसके बाद श्मशान घाट में जमीन की पैमाइश कराई। इसी में जमीन चिह्नित की। तुरंत ही आवंटन कर दिया।
नट समाज के लोगों को बताया कि उनका श्मशान घाट तय हो गया है। यह मुख्य श्मशान घाट में ही है। इसका बोर्ड भी लगा दिया गया। एसडीएम ने बताया कि श्मशान भूमि आवंटित कर दी गई है।
दबंगों पर कार्रवाई नहीं की
बसपा सुप्रीमो मायावती और कांग्रेस ने यह मुद्दा उठाया तो प्रशासन ने आनन-फानन में नट समाज के लिए श्मशान भूमि की व्यवस्था तो कर दी, लेकिन उन दबंगों पर कोई कार्रवाई नहीं की जिन्होंने पूजा का शव चिता से उतारा था। पूजा की मौत बीमारी से हुई थी। परिवार और समाज के लोग मौजूद थे। तभी दबंग लोगों ने धमकी देकर शव उतरवा दिया था। पुलिस ने दबंगों पर एक्शन लेने के बजाय पूजा के परिजनों पर ही दबाव बनाया कि दाह संस्कार दूसरी जगह कर लें।
रहने के लिए पट्टे भी दिए जाएंगे
एसडीएम सुमित सिंह ने बताया कि अनुसूचित जाति (नट समाज) के लोगों को रहने के लिए पट्टे पर जमीन दी जाएगी। इसके लिए परिवारों से प्रस्ताव मांगे हैं। लोगों ने रहने के लिए जमीन नहीं होने की बात ही थी। इसके बाद उन्हें वैध रूप से रहने के लिए जमीन के पट्टे आवंटित करने का निर्णय हुआ है।
शासन ने मांगी रिपोर्ट
पीड़ित दहशत में, नहीं दी तहरीर
पूजा के परिजन अब तक दहशत में है। सीओ अछनेरा वीर सिंह वीर ने उनसे मंगलवार को बात की थी। उन्होंने कहा था कि पुलिस जो चाहे कार्रवाई करे, वे तहरीर नहीं देंगे। बुधवार को एसडीएम से भी इन लोगों ने कहा कि वे रिपोर्ट दर्ज नहीं कराएंगे। सवाल यह उठ रहा है कि इस मामले में पुलिस ने अपनी ओर से केस दर्ज क्यों नहीं किया।