{"_id":"bdddc5c740cd0c7a460c590d035cb06b","slug":"see-you-next-year-nri-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अगले साल फिर मिलेंगे एनआरआई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अगले साल फिर मिलेंगे एनआरआई
ब्यूरो अमर उजाला, आगरा
Updated Wed, 06 Jan 2016 02:21 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गुजरात और पंजाब की तर्ज पर उत्तर प्रदेश में पहली बार हुए प्रवासी दिवस सम्मेलन को अगले साल भी किया जाएगा। प्रदेश सरकार ने आईटीसी मुगल में पहले प्रवासी सम्मेलन के सत्र समापन पर एलान किया कि चार जनवरी को दुनिया भर के एनआरआई फिर मिलेंगे और अगले साल भी 4 से 6 जनवरी तक इसे आयोजित किया जाएगा। एक साल के अंदर दुनिया भर में फैले प्रवासी भारतीयों को एक माला के रूप में प्रदेश सरकार जोड़ने की कवायद करेगी, ताकि अगले साल ज्यादा प्रवासी भारतीय सम्मेलन का हिस्सा बन सकें।
समापन सत्र में कारागार मंत्री बलवंत सिंह रामूवालिया ने बेहद चुटीले और हल्के फुल्के अंदाज में प्रवासी भारतीयों से कहा कि वह अगले साल खुद भी आएं और एक को साथ लाएं। एक के साथ एक फ्री वाली स्कीम की तरह। रेशम के धागे से वह दुनिया भर में फैले यूपी के प्रवासियों को पिरोएंगे। रामूवालिया ने कहा कि प्रदेश सरकार प्रवासियों के पूर्वजों की धरती की तस्वीर बदलना चाहती है। आपने कोई शिकायत, शिकवा नहीं किया, इसके लिए शुक्रगुजार और एहसानमंद हैं।
सत्र में फिक्की के यूपी चेयरमैन एलके झुनझुनवाला, प्रमुख सचिव एनआरआई संजीव सरन, कमिश्नर प्रदीप भटनागर, श्रीनाथ सिंह, सुमन कपूर, मधुकर जेटली ने सम्मेलन को मील का पत्थर करार दिया।
विज्ञापन
प्रवासी दिवस के आयोजन पर भाजपा ने उठाया सवाल
लखनऊ। यूपी प्रवासी दिवस सम्मेलन के औचित्य पर भारतीय जनता पार्टी ने सवाल उठाते हुए प्रदेश सरकार से पूछा कि प्रदेश में निवेश को लेकर इससे पहले भी अखिलेश सरकार ने कई एमओयू पर हस्ताक्षर किए हैं, परिणाम क्या हुआ। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता विजय बहादुर पाठक ने कहा कि आगरा में भी जो एमओयू किए गए हैं उसका भी वही हश्र होगा, जो मुंबई सम्मेलन में हुआ था।
जो एमओयू किए गए हैं, उसकी विस्तार से जानकारी जनता को भी देनी चाहिए। प्रदेश में निवेश के लिए आधारभूत ढांचे के विकास में सरकार फेल है। कानून-व्यवस्था दुरुस्त नहीं होगी, तब तक कोई भी निवेशक नहीं आएगा।
विज्ञापन
समापन सत्र में कारागार मंत्री बलवंत सिंह रामूवालिया ने बेहद चुटीले और हल्के फुल्के अंदाज में प्रवासी भारतीयों से कहा कि वह अगले साल खुद भी आएं और एक को साथ लाएं। एक के साथ एक फ्री वाली स्कीम की तरह। रेशम के धागे से वह दुनिया भर में फैले यूपी के प्रवासियों को पिरोएंगे। रामूवालिया ने कहा कि प्रदेश सरकार प्रवासियों के पूर्वजों की धरती की तस्वीर बदलना चाहती है। आपने कोई शिकायत, शिकवा नहीं किया, इसके लिए शुक्रगुजार और एहसानमंद हैं।
विज्ञापन
सत्र में फिक्की के यूपी चेयरमैन एलके झुनझुनवाला, प्रमुख सचिव एनआरआई संजीव सरन, कमिश्नर प्रदीप भटनागर, श्रीनाथ सिंह, सुमन कपूर, मधुकर जेटली ने सम्मेलन को मील का पत्थर करार दिया।
विज्ञापन
प्रवासी दिवस के आयोजन पर भाजपा ने उठाया सवाल
लखनऊ। यूपी प्रवासी दिवस सम्मेलन के औचित्य पर भारतीय जनता पार्टी ने सवाल उठाते हुए प्रदेश सरकार से पूछा कि प्रदेश में निवेश को लेकर इससे पहले भी अखिलेश सरकार ने कई एमओयू पर हस्ताक्षर किए हैं, परिणाम क्या हुआ। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता विजय बहादुर पाठक ने कहा कि आगरा में भी जो एमओयू किए गए हैं उसका भी वही हश्र होगा, जो मुंबई सम्मेलन में हुआ था।
जो एमओयू किए गए हैं, उसकी विस्तार से जानकारी जनता को भी देनी चाहिए। प्रदेश में निवेश के लिए आधारभूत ढांचे के विकास में सरकार फेल है। कानून-व्यवस्था दुरुस्त नहीं होगी, तब तक कोई भी निवेशक नहीं आएगा।