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सीटें नहीं होंगी तो कैसे होंगे प्रवेश
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
Updated Wed, 13 Apr 2016 01:56 AM IST
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सीटें नहीं होंगी तो कैसे होंगे प्रवेश
- फोटो : Amar Ujala
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शिक्षा अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत गरीब परिवारों के बच्चों का प्राइवेट स्कूलों में प्रवेश कराना चुनौती बन गया है। बेसिक शिक्षा विभाग अभी तक फार्म भरवाने में लगा है, वहीं अधिकतर स्कूलों ने पर्याप्त संख्या में विद्यार्थियों का प्रवेश ले लिया है। एक अप्रैल से नया सत्र और चार अप्रैल से पढ़ाई शुरू हो चुकी है। विभाग ने 293 पात्र बच्चों के आवेदन नगर शिक्षा अधिकारी और खंड शिक्षा अधिकारी को सौंप दिया है। बच्चों के अभिभावकों ने जिन स्कूलों में पढ़ाई कराने की इच्छा जताई है, उसमें प्रवेश कराने की कोशिश की जाएगी। जिलाधिकारी ने प्रवेश प्रक्रिया जल्द पूरी कराने के निर्देश दिए हैं। 793 बच्चों के आवेदन प्राप्त हुए हैं, कुछ और आने की संभावना है। इनमें से पात्र बच्चों की सूची प्रवेश देने के लिए स्कूलों को दी जाएगी। विभाग ने करीब 1100 फार्म बंटवाए हैं।
जिलाधिकारी के आदेश का अनुपालन किया जाएगा। जितने भी बच्चों का आवेदन प्राप्त हो रहा है, सभी का प्रवेश संबंधित प्राइवेट स्कूलों में कराया जाएगा।
धर्मेंद्र कुमार सक्सेना, बेसिक शिक्षा अधिकारी
जिलाधिकारी की बैठक में कहा गया था कि 31 मार्च तक विद्यार्थियों की सूची उपलब्ध करा दी जाएगी। ऐसा नहीं हुआ, अधिकतर प्राइवेट विद्यालयों ने क्षमता के अनुसार प्रवेश ले लिया है। उन्हीं में प्रवेश हो पाएगा, जिनमें जगह खाली होगी।
संजय तोमर, अध्यक्ष, अप्सा
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जिलाधिकारी के आदेश का अनुपालन किया जाएगा। जितने भी बच्चों का आवेदन प्राप्त हो रहा है, सभी का प्रवेश संबंधित प्राइवेट स्कूलों में कराया जाएगा।
धर्मेंद्र कुमार सक्सेना, बेसिक शिक्षा अधिकारी
जिलाधिकारी की बैठक में कहा गया था कि 31 मार्च तक विद्यार्थियों की सूची उपलब्ध करा दी जाएगी। ऐसा नहीं हुआ, अधिकतर प्राइवेट विद्यालयों ने क्षमता के अनुसार प्रवेश ले लिया है। उन्हीं में प्रवेश हो पाएगा, जिनमें जगह खाली होगी।
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संजय तोमर, अध्यक्ष, अप्सा