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Agra News: धड़ल्ले से चल रहे बिना मान्यता के स्कूल, अफसरों को खबर तक नहीं
Thu, 18 May 2023 11:57 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Updated Thu, 18 May 2023 11:57 PM IST
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मैनपुरी।
बेसिक शिक्षा विभाग बिना मान्यता के एक भी स्कूल जिले में संचालित न होने का दावा करता है। लेकिन हाल ये है कि धड़ल्ले से बिना मान्यता के स्कूल चल रहे हैं। अफसरों का दावा है कि उनके संज्ञान में ऐसा एक भी स्कूल नहीं है, जो बिना मान्यता के संचालित हो रहा है। हकीकत ये है कि बेसिक शिक्षा विभाग की नाक के नीचे ही बिना मान्यता के स्कूल संचालित हो रहे हैं। आज तक इन पर कोई कार्रवाई नहीं की गई।
एक अप्रैल से शिक्षा सत्र 2023-24 का शुभारंभ हो चुका है। नवीन शिक्षा सत्र को डेढ़ महीना बीत चुका है। शिक्षा सत्र के साथ ही जिले में बड़ी संख्या में बिना मान्यता के स्कूलों का संचालन शुरू हो गया है। इसके बाद भी जिम्मेदार जानकर भी अनजान बने हुए हैं। इसके चलते बिना मान्यता के संचालित स्कूल संचालकों के मंसूबे बढ़ते जा रहे हैं। कहने के लिए विभाग हर साल बिना मान्यता के संचालित स्कूलों को बंद कराने के लिए उन्हें चिन्हित कराता है और नोटिस भी जारी करता है। लेकिन थोड़े दिन बाद फिर से ये स्कूल संचालित होने लगते हैं। वर्तमान समय में भी यदि जिले में देखा जाए तो 50 से अधिक स्कूल बिना मान्यता के संचालित हो रहे हैं। जिन पर विभाग कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। इसमें से आधा दर्जन स्कूल तो अकेले शहर में ही हैं।
सिस्टम की बदहाली देखिए कि बीएसए कार्यालय से कुछ दूरी पर ही एक स्कूल बिना मान्यता के संचालित हो रहा है, लेकिन बेसिक शिक्षा अधिकारी, खंड शिक्षाधिकारी किसी को इसी खबर ही नहीं है। अगर उनसे इस बारे में पूछा जाता है तो एक ही जवाब मिलता है कि उनकी जानकारी में कोई भी स्कूल बिना मान्यता के संचालित नहीं हो रहा है।
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दो साल पहले 120 स्कूलों को जारी हुए थे नोटिस
वर्ष 2021 में तत्कालीन बेसिक शिक्षाधिकारी ने खंड शिक्षाधिकारियों की मदद से जिले भर में अभियान चलाकर बिना मान्यता के संचालित स्कूलों का चिन्हांकन कराते हुए नोटिस जारी किए थे। कुरावली और घिरोर क्षेत्र में कुछ स्कूल तत्कालीन खंड शिक्षाधिकारी सुमित कुमार वर्मा ने बंद भी कराए थे। लेकिन उनके जाने के बाद फिर से इन स्कूलों का संचालन शुरू करा दिया गया।
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कार्रवाई से बचने के लिए ले लेते हैं कोचिंग संचालन की अनुमति
शासन ने कोचिंग संचालन के लिए अनुमति देने का आदेश जारी किया है। बिना मान्यता के स्कूल संचालन करने वाले लोग इस आदेश की फायदा उठाकर जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय से कोचिंग संचालन की अनुमति ले रहे हैं। इससे कि निरीक्षण के दौरान बता सकें कि वे कोचिंग संचालित कर रहे हैं। हालांकि कोचिंग का संचालन स्कूल समय में नहीं हो सकता है।
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केस एक
-शहर के राजा के बाग में बीएसए कार्यालय से महज चार सौ मीटर की दूरी पर एक स्कूल का संचालन बिना मान्यता के होता है। बीएसए कार्यालय के कर्मचारी कई बार इस रास्ते से होकर गुजरते होंगे, लेकिन उन्हें ये स्कूल आज तक नजर नहीं आया।
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केस दो
-शहर के राधारमन रोड पर रंगोली मंडप के पास गली में एक बिना मान्यता के स्कूल का संचालन हो रहा है। आज तक इस विद्यालय की मान्यता नहीं हो सकी। लेकिन इसके बाद भी संचालन धड़ल्ले से किया जा रहा है। विभाग को इसकी कोई जानकारी नहीं है।
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केस तीन
-विकास खंड मैनपुरी के गांव हलपुरा में भी बिना मान्यता के स्कूल का संचालन किया जा रहा है। इसमें सौ से अधिक बच्चे भी पंजीकृत हैं। लेकिन शायद यहां आज तक कोई शिक्षा विभाग का अधिकारी पहुंचा ही नहीं। ऐसे में कार्रवाई की बात करना ही बेकार है।
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-मेरी जानकारी में कोई भी स्कूल बिना मान्यता के संचालित नहीं हो रहा है। यदि किसी के पास जानकारी है तो उपलब्ध कराए। जांच कराकर तुरंत कार्रवाई की जाएगी।
-दीपिका गुप्ता बीएसए
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बेसिक शिक्षा विभाग बिना मान्यता के एक भी स्कूल जिले में संचालित न होने का दावा करता है। लेकिन हाल ये है कि धड़ल्ले से बिना मान्यता के स्कूल चल रहे हैं। अफसरों का दावा है कि उनके संज्ञान में ऐसा एक भी स्कूल नहीं है, जो बिना मान्यता के संचालित हो रहा है। हकीकत ये है कि बेसिक शिक्षा विभाग की नाक के नीचे ही बिना मान्यता के स्कूल संचालित हो रहे हैं। आज तक इन पर कोई कार्रवाई नहीं की गई।
एक अप्रैल से शिक्षा सत्र 2023-24 का शुभारंभ हो चुका है। नवीन शिक्षा सत्र को डेढ़ महीना बीत चुका है। शिक्षा सत्र के साथ ही जिले में बड़ी संख्या में बिना मान्यता के स्कूलों का संचालन शुरू हो गया है। इसके बाद भी जिम्मेदार जानकर भी अनजान बने हुए हैं। इसके चलते बिना मान्यता के संचालित स्कूल संचालकों के मंसूबे बढ़ते जा रहे हैं। कहने के लिए विभाग हर साल बिना मान्यता के संचालित स्कूलों को बंद कराने के लिए उन्हें चिन्हित कराता है और नोटिस भी जारी करता है। लेकिन थोड़े दिन बाद फिर से ये स्कूल संचालित होने लगते हैं। वर्तमान समय में भी यदि जिले में देखा जाए तो 50 से अधिक स्कूल बिना मान्यता के संचालित हो रहे हैं। जिन पर विभाग कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। इसमें से आधा दर्जन स्कूल तो अकेले शहर में ही हैं।
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सिस्टम की बदहाली देखिए कि बीएसए कार्यालय से कुछ दूरी पर ही एक स्कूल बिना मान्यता के संचालित हो रहा है, लेकिन बेसिक शिक्षा अधिकारी, खंड शिक्षाधिकारी किसी को इसी खबर ही नहीं है। अगर उनसे इस बारे में पूछा जाता है तो एक ही जवाब मिलता है कि उनकी जानकारी में कोई भी स्कूल बिना मान्यता के संचालित नहीं हो रहा है।
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दो साल पहले 120 स्कूलों को जारी हुए थे नोटिस
वर्ष 2021 में तत्कालीन बेसिक शिक्षाधिकारी ने खंड शिक्षाधिकारियों की मदद से जिले भर में अभियान चलाकर बिना मान्यता के संचालित स्कूलों का चिन्हांकन कराते हुए नोटिस जारी किए थे। कुरावली और घिरोर क्षेत्र में कुछ स्कूल तत्कालीन खंड शिक्षाधिकारी सुमित कुमार वर्मा ने बंद भी कराए थे। लेकिन उनके जाने के बाद फिर से इन स्कूलों का संचालन शुरू करा दिया गया।
कार्रवाई से बचने के लिए ले लेते हैं कोचिंग संचालन की अनुमति
शासन ने कोचिंग संचालन के लिए अनुमति देने का आदेश जारी किया है। बिना मान्यता के स्कूल संचालन करने वाले लोग इस आदेश की फायदा उठाकर जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय से कोचिंग संचालन की अनुमति ले रहे हैं। इससे कि निरीक्षण के दौरान बता सकें कि वे कोचिंग संचालित कर रहे हैं। हालांकि कोचिंग का संचालन स्कूल समय में नहीं हो सकता है।
केस एक
-शहर के राजा के बाग में बीएसए कार्यालय से महज चार सौ मीटर की दूरी पर एक स्कूल का संचालन बिना मान्यता के होता है। बीएसए कार्यालय के कर्मचारी कई बार इस रास्ते से होकर गुजरते होंगे, लेकिन उन्हें ये स्कूल आज तक नजर नहीं आया।
केस दो
-शहर के राधारमन रोड पर रंगोली मंडप के पास गली में एक बिना मान्यता के स्कूल का संचालन हो रहा है। आज तक इस विद्यालय की मान्यता नहीं हो सकी। लेकिन इसके बाद भी संचालन धड़ल्ले से किया जा रहा है। विभाग को इसकी कोई जानकारी नहीं है।
केस तीन
-विकास खंड मैनपुरी के गांव हलपुरा में भी बिना मान्यता के स्कूल का संचालन किया जा रहा है। इसमें सौ से अधिक बच्चे भी पंजीकृत हैं। लेकिन शायद यहां आज तक कोई शिक्षा विभाग का अधिकारी पहुंचा ही नहीं। ऐसे में कार्रवाई की बात करना ही बेकार है।
-मेरी जानकारी में कोई भी स्कूल बिना मान्यता के संचालित नहीं हो रहा है। यदि किसी के पास जानकारी है तो उपलब्ध कराए। जांच कराकर तुरंत कार्रवाई की जाएगी।
-दीपिका गुप्ता बीएसए