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इस बार चांदी की कामधेनु के दूध से होगा कान्हा का अभिषेक, जन्मस्थान पर ये है दर्शन का समय
ब्यूरो/अमर उजाला मथुरा
Updated Fri, 11 Aug 2017 09:29 AM IST
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जन्मस्थान के सचिव कपिल शर्मा व सदस्य गोपेश्वरनाथ चतुर्वेदी ने दी जानकारी
- फोटो : अमर उजाला
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मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर जन्माष्टमी के दिन कान्हा के जन्म का पहला अभिषेक चांदी से बनी 51 किलो की कामधेनु के दूध से होगा। अभिषेक से पहले कामधेनु गोमाता का आह्वान किया जाएगा। जन्माभिषेक के बाद ठाकुरजी लता पताओं से बनी रत्न जड़ित कुसुम वेलि की पोशाक धारण करेंगे।
श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान के सचिव कपिल शर्मा व सदस्य गोपेश्वरनाथ चतुर्वेदी ने बताया कि 15 अगस्त को मनाई जाने वाली श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर श्रीकृष्ण का जन्म होते ही पहला अभिषेक स्वर्ण जड़ित चांदी से बनी 51 किलो की गाय के दूध से होगा। संस्थान की ओर से इस बार यह व्यवस्था की गई है।
इसमें भगवान श्रीकृष्ण के जन्म लेते ही स्वाचालित यंत्रों से तैयार की गई कामधेनु गाय के थन से दूध निकलेगा। उस दूध से पांच मिनट तक ठाकुर जी का पहला अभिषेक होगा। इसके बाद दही, घी, बूरा, शहद व दूध से दिव्य महाभिषेक होगा।
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रात 12:15 से 12:30 तक अभिषेक चलेगा। 12:30 से 12:40 तक शृंगार आरती के दर्शन होंगे। जन्म के समय रात 1:30 बजे तक जन्म के दर्शन को मंदिर खुला रहेगा।
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श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान के सचिव कपिल शर्मा व सदस्य गोपेश्वरनाथ चतुर्वेदी ने बताया कि 15 अगस्त को मनाई जाने वाली श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर श्रीकृष्ण का जन्म होते ही पहला अभिषेक स्वर्ण जड़ित चांदी से बनी 51 किलो की गाय के दूध से होगा। संस्थान की ओर से इस बार यह व्यवस्था की गई है।
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इसमें भगवान श्रीकृष्ण के जन्म लेते ही स्वाचालित यंत्रों से तैयार की गई कामधेनु गाय के थन से दूध निकलेगा। उस दूध से पांच मिनट तक ठाकुर जी का पहला अभिषेक होगा। इसके बाद दही, घी, बूरा, शहद व दूध से दिव्य महाभिषेक होगा।
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रात 12:15 से 12:30 तक अभिषेक चलेगा। 12:30 से 12:40 तक शृंगार आरती के दर्शन होंगे। जन्म के समय रात 1:30 बजे तक जन्म के दर्शन को मंदिर खुला रहेगा।
नील मयूर कुंज में विराजेंगे कान्हा
ठाकुर जी के लिए नील मयूर कुंज सजाई जा रही है। प्राचीन शैली में बनाई जा रही नील मयूर कुंज में भागवत भवन की सजावट में कमल पुष्प, कमलाकृति, मक्खन की मटकी, पत्र, पुष्प, वस्त्र आदि का अद्भुत संयोजन किया जा रहा है। साथ ही दीवारों पर मयूर की प्रतिकृति बनाई जा रही हैं।
तैयार हो रहा 125 मन प्रसाद
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर पूरे जन्मस्थान परिसर में कान्हा के जन्म का उल्लास रहेगा। जन्म के जशभन में ढोल नगाड़े बजेंगे और नृत्य किया जाएगा। 125 मन प्रसाद तैयार किया जा रहा है। जन्म के समय ढोल नगाड़े बजेंगे। नृत्य होगा, प्रसाद बंटने के साथ भंडारा भी होगा।