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एलाऊ डाकघर में निकला 17 लाख रुपये का गबन
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मैनपुरी। नौ माह पहले एलाऊ डाकघर में हुए गबन की जांच पूरी हो गई है। जांच में 17 लाख रुपये का गबन सामने आया है। जांच अधिकारी ने कार्रवाई के लिए डाक अधीक्षक को अपनी रिपोर्ट सौंपी है और डाक अधीक्षक ने रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी है।
अक्तूबर 2019 में एलाऊ में संचालित डाकघर के पोस्टमास्टर हिमांशु पांडेय 15 अक्तूबर को अचानक लापता हो गए। इसके बाद ग्रामीणों ने उन पर गबन का आरोप लगाया था। मामले में तीन सदस्यीय समिति को जांच सौंपी गई। इसके बाद जांच अधिकारियों की संलिप्तता प्रतीत होने पर उन्हें निलंबित कर जांच सहायक डाक अधीक्षक पीके शर्मा को सौंपी गई। उन्होंने ग्रामीणों के बयान से लेकर अभिलेखों के आधार पर जांच की। इसमें कुल 17 लाख रुपये का गबन सामने आया है। गबन की रिपोर्ट उन्होंने डाक अधीक्षक को सौंपी है। इससे पूरे विभाग में खलबली मच गई है।
नहीं दर्ज हो पाए बयान
आरोपी पोस्टमास्टर हिमांशु पांडेय के जेल में होने के चलते उनके बयान दर्ज नहीं किए जा सके हैं। रिपोर्ट आने के बाद पोस्टमास्टर पर कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों को फाइल भेजी जा रही है। हालांकि पूर्व में उन्हें निलंबित किया जा चुका है। अब आगे की कार्रवाई इस रिपोर्ट के आधार पर होगी।
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ये था मामला
15 अक्तूबर 2019 को एलाऊ डाकघर में तैनात पोस्टमास्टर हिमांशु पांडेय अचानक लापता हो गए थे। चार दिन बाद ग्रामीणों की सूचना पर डाकघर खोला गया था। इसमें कई किसानों ने धनराशि के गबन का आरोप लगाया था। मामले में पोस्टमास्टर को निलंबित कर एफआईआर भी दर्ज कराई गई थी। इसके बाद पोस्टमास्टर ने न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया था। वर्तमान में न्यायालय में उनका मामला विचाराधीन है। वहीं विभागीय जांच पूरी हो चुकी है।
जांच अधिकारियों पर भी गिरी गाज
मामला सामने आने के बाद प्राथमिक जांच के लिए उप मंडल डाक निरीक्षक अभिषेक पांडेय, ओवर सियर राजकुमार और जनसंपर्क निरीक्षक राजेश सक्सेना को नामित किया गया था। बाद में इनकी संलिप्तता सामने आने पर अभिषेक पांडेय और राजकुमार को निलंबित कर दिया गया था। अब जांच पूरी होने के बाद विभाग ने उनका स्थानांतरण भी कर दिया है। अभिषेक पांडेय को जहां समान पद पर इटावा भेजा गया है तो वहीं ओवरसियर राजेश सक्सेना को पदावनत कर पोस्टमैन के पद पर फिरोजाबाद भेजा गया है।
प्राथमिक जांच में जांच अधिकारियों की लापरवाही सामने आने के बाद जांच बदल दी गई थी। सहायक डाक अधीक्षक ने जांच कर रिपोर्ट सौंपी है। मामले में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों को लिखा जा रहा है।
विनय कुमार, डाक अधीक्षक।
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अक्तूबर 2019 में एलाऊ में संचालित डाकघर के पोस्टमास्टर हिमांशु पांडेय 15 अक्तूबर को अचानक लापता हो गए। इसके बाद ग्रामीणों ने उन पर गबन का आरोप लगाया था। मामले में तीन सदस्यीय समिति को जांच सौंपी गई। इसके बाद जांच अधिकारियों की संलिप्तता प्रतीत होने पर उन्हें निलंबित कर जांच सहायक डाक अधीक्षक पीके शर्मा को सौंपी गई। उन्होंने ग्रामीणों के बयान से लेकर अभिलेखों के आधार पर जांच की। इसमें कुल 17 लाख रुपये का गबन सामने आया है। गबन की रिपोर्ट उन्होंने डाक अधीक्षक को सौंपी है। इससे पूरे विभाग में खलबली मच गई है।
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नहीं दर्ज हो पाए बयान
आरोपी पोस्टमास्टर हिमांशु पांडेय के जेल में होने के चलते उनके बयान दर्ज नहीं किए जा सके हैं। रिपोर्ट आने के बाद पोस्टमास्टर पर कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों को फाइल भेजी जा रही है। हालांकि पूर्व में उन्हें निलंबित किया जा चुका है। अब आगे की कार्रवाई इस रिपोर्ट के आधार पर होगी।
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ये था मामला
15 अक्तूबर 2019 को एलाऊ डाकघर में तैनात पोस्टमास्टर हिमांशु पांडेय अचानक लापता हो गए थे। चार दिन बाद ग्रामीणों की सूचना पर डाकघर खोला गया था। इसमें कई किसानों ने धनराशि के गबन का आरोप लगाया था। मामले में पोस्टमास्टर को निलंबित कर एफआईआर भी दर्ज कराई गई थी। इसके बाद पोस्टमास्टर ने न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया था। वर्तमान में न्यायालय में उनका मामला विचाराधीन है। वहीं विभागीय जांच पूरी हो चुकी है।
जांच अधिकारियों पर भी गिरी गाज
मामला सामने आने के बाद प्राथमिक जांच के लिए उप मंडल डाक निरीक्षक अभिषेक पांडेय, ओवर सियर राजकुमार और जनसंपर्क निरीक्षक राजेश सक्सेना को नामित किया गया था। बाद में इनकी संलिप्तता सामने आने पर अभिषेक पांडेय और राजकुमार को निलंबित कर दिया गया था। अब जांच पूरी होने के बाद विभाग ने उनका स्थानांतरण भी कर दिया है। अभिषेक पांडेय को जहां समान पद पर इटावा भेजा गया है तो वहीं ओवरसियर राजेश सक्सेना को पदावनत कर पोस्टमैन के पद पर फिरोजाबाद भेजा गया है।
प्राथमिक जांच में जांच अधिकारियों की लापरवाही सामने आने के बाद जांच बदल दी गई थी। सहायक डाक अधीक्षक ने जांच कर रिपोर्ट सौंपी है। मामले में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों को लिखा जा रहा है।
विनय कुमार, डाक अधीक्षक।