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सावन विशेष: इस मंदिर की है खास मान्यता, तीन पहर में रंग बदलता है ये शिवलिंग
Thu, 18 Jul 2019 08:42 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Thu, 18 Jul 2019 08:42 AM IST
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भगवान राजेश्वर महादेव
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आगरा के चारों कोनों पर भगवान शिव का वास है। सावन महीने की शुरुआत हो चुकी है। बुधवार को शिवालयों में शिवभक्तों ने पूजा अर्चना की। वहीं सावन के पहले सोमवार को आगरा के राजेश्वर मंदिर पर मेले की शुरुआत होगी। इस मंदिर का एक बेहद रोचक महत्व है।
आगरा के शमसाबाद रोड पर राजेश्वर मंदिर स्थापित है। राजेश्वर मंदिर का इतिहास करीब 850 से 900 वर्ष पुराना बताया जाता है। मंदिर के बारे में बताया जाता है कि राजा खेड़ा का एक सेठ नर्मदा नदी के समीप से बैलगाड़ी से शिवलिंग स्थापित करने के लिए ले जा रहा था।
वर्तमान मंदिर स्थल के पास एक कुंआ था, वहां वह विश्राम के लिए रुका। आराम के दौरान उसे शिवजी ने सपना दिखाया कि उनको वहीं स्थापित कर दिया जाए। लेकिन, सेठ माना नहीं और शिवलिंग ले जाने की कोशिश करने लगा पर शिवलिंग वहां से हिला नहीं और शिवलिंग को यहीं स्थापित कर दिया गया।
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आगरा के शमसाबाद रोड पर राजेश्वर मंदिर स्थापित है। राजेश्वर मंदिर का इतिहास करीब 850 से 900 वर्ष पुराना बताया जाता है। मंदिर के बारे में बताया जाता है कि राजा खेड़ा का एक सेठ नर्मदा नदी के समीप से बैलगाड़ी से शिवलिंग स्थापित करने के लिए ले जा रहा था।
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वर्तमान मंदिर स्थल के पास एक कुंआ था, वहां वह विश्राम के लिए रुका। आराम के दौरान उसे शिवजी ने सपना दिखाया कि उनको वहीं स्थापित कर दिया जाए। लेकिन, सेठ माना नहीं और शिवलिंग ले जाने की कोशिश करने लगा पर शिवलिंग वहां से हिला नहीं और शिवलिंग को यहीं स्थापित कर दिया गया।
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राजेश्वर मंदिर के बारे में मान्यता है कि यहां स्थापित शिवलिंग दिन में तीन बार अपना रंग बदलता है। शिवलिंग सुबह की मंगला आरती के दौरान सफेद रंग, दोपहर की आरती के दौरान हल्का नीला रंग और शाम की आरती के दौरान गुलाबी रंग का प्रतीत होता है। यहां सावन के पहले सोमवार को शिवभक्तों की भारी भीड़ जुटती है।