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Agra News: बदहाल संस्कृत विद्यालय, अस्तित्व पर संकट

Wed, 07 Aug 2024 03:46 AM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा Updated Wed, 07 Aug 2024 03:46 AM IST
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Sanskrit school in bad shape, existence in danger
कासगंज। जिले के संस्कृत विद्यालय अपने अस्तित्व के लिए जूझ रहे हैं। विद्यालयों में बच्चों को पढ़ने के लिए मेज, कुर्सी की ही व्यवस्था है और न ही पढ़ाने के लिए पर्याप्त शिक्षक। इससे छात्रों का मोह संस्कृत विद्यालयों से टूट रहा है।जिले में शासकीय सहायता प्राप्त आठ संस्कृत विद्यालय संचालित हो रहे हैं। इनमें से दो विद्यालयों में हाईस्कूल (पूर्व मध्यमा), चार विद्यालयों में उत्तर मध्यमा एवं दो विद्यालयों में आचार्य तक की शिक्षा की व्यवस्था है। नगला कटीला में संचालित विद्यालय में कक्षा छह से उत्तर मध्यमा की शिक्षा की व्यवस्था है। इस विद्यालय में 75 छात्र पंजीकृत हैं, लेकिन छात्रों के लिए पर्याप्त फर्नीचर नहीं है। आवासीय विद्यालय होने के बाद भी छात्रों के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं है। 10 छात्र ही यहां रहते हें। इनको तख्त पर सोना पड़ता है। अर्श गुरुकुल प्रहलादपुर में कक्षा छह से उत्तर मध्यमा तक शिक्षा दी जाती है। इस स्कूल में 50 बच्चे पंजीकृत हैं। गौतम प्राच्य विद्यालय में आचार्य (परा स्नातक ) स्तर की शिक्षा की व्यवस्था है। इस विद्यालय का भवन जर्जर हाल में है। सोरोंजी में संचालित आदर्श मेहता संस्कृत माध्यमिक, महाविद्यालय में 50 छात्र शिक्षारत हैं। कमोबेश यही हाल अन्य विद्यालयों का है। विद्यालयों में शिक्षकों की स्थिति काफी खराब है। आठ विद्यालयों में मात्र 6 नियमित शिक्षक ही वर्तमान में तैनात हैं। शासन से इन स्कूलों में 23 शिक्षकों को संविदा पर रखा गया है, लेकिन इनकी संविदा मार्च 2025 तक ही है।
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