आगरा में घोर लापरवाही: फुटपाथ-डस्टबिन में फेंक दिए कोरोना के संदिग्ध मरीजों के नमूने
आगरा के जिला अस्पताल के पास रोजगार कार्यालय में कोविड-19 आरटीपीसीआर जांच केंद्र स्थापित किया गया था। यहां हर रोज कई संदिग्ध मरीजों के सैंपल लिए जाते हैं।
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आगरा में बढ़ते संक्रमण के बीच स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों की घोर लापरवाही सामने आई है। रोजगार कार्यालय स्थित कोविड जांच केंद्र पर लोगों के नमूनों को फुटपाथ और डस्टबिन में फेंक दिया गया। मीडिया की जानकारी पर कर्मचारियों ने पीपीई किट पहन नमूने उठाकर जमा किए। सीएमओ ने मामले की जांच कराने की बात कही है।
जिला अस्पताल के पास रोजगार कार्यालय स्थित बने कोविड जांच केंद्र बनाया गया है। यहां कोरोना वायरस के संदिग्ध मरीजों के नमूनों की निशुल्क जांच की जा रही है। यहां करीब एक बजे गेट के बाहर फुटपाथ पर दो वाइल में दो लोगों के नमूने पड़े हुए मिले। एक नमूना वाइल में केंद्र के अंदर रखे डस्टबिन में पड़ा था। इसकी जानकारी मीडिया को हुई तो कर्मचारी सतर्क हो गए। तत्काल पीपीई किट पहनकर आए और फुटपाथ - डस्टबिन से नमूने उठाकर अंदर ले गए।
इनके मिले नमूने
- संजय बंसल उम्र 56 साल
- चिराग बंसल उम्र 28 साल
- नवीन 29 उम्र
सुरक्षा गार्ड की भी तैनात, इनकी भी रही लापरवाही
रोजगार कार्यालय स्थित कोरोणा वायरस जांच केंद्र पर दो सुरक्षा गार्ड भी लगे हुए हैं, इनकी भी लापरवाही रही। तीन नमूने कैसे फुटपाथ और डस्टबिन में पहुंच गए इसकी उनको भनक नहीं लगी। इन्होंने ऐसा करने वाले कर्मचारी को रोका टोका नहीं और नहीं इसकी जानकारी स्वास्थ्य विभाग के बड़े अधिकारियों को दी।
बूथ के पीछे फेंके जा रहे पीपीई किट
रोजगार कार्यालय स्थित कोरोना वायरस जांच केंद्र के पीछे बायो मेडिकल वेस्ट फेंका जा रहा है। इससे यहां पर बायो मेडिकल बेस्ट का ढेर लगा हुआ है। इसमें पीपीई किट, ग्लब्स, मास्क और अन्य मेडिकल वेस्ट है। खुले में बायो मेडिकल वेस्ट खुले में फेंकने से कोरोना वायरस का खतरा और बढ़ गया है।
जिला अस्पताल के प्रमुख अधीक्षक डॉक्टर अशोक अग्रवाल ने बताया कि खुले में वाइल मिलने की जानकारी होने पर मैंने जांच शुरू कर दी है। कर्मचारियों से पूछताछ भी की जा रही है। यह लापरवाही प्रतीत हो रही है। सीएमओ डॉक्टर अरुण श्रीवास्तव ने कहा कि मामले की जांच करते हुए जिला अस्पताल के प्रमुख अधीक्षक से रिपोर्ट मांगी है। इसमें कर्मचारी की लापरवाही लग रही है।