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दो गोदामों से एक करोड़ रुपये की सैंपल की दवाएं बरामद

Fri, 13 May 2022 01:48 AM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Fri, 13 May 2022 01:48 AM IST
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Sample medicines worth one crore rupees recovered from two godowns
आगरा। एसटीएफ ने बृहस्पतिवार को ताजगंज क्षेत्र में दो गोदामों में छापा मारकर सैंपल की दवाओं का जखीरा पकड़ लिया। यहां से तकरीबन एक करोड़ रुपये की दवाएं बरामद की गईं। इनमें नामी कंपनियों की 150 तरह की दवाएं हैं। एसटीएफ ने संचालक को पकड़ने के बाद यह कार्रवाई की है। जांच के लिए औषधि विभाग की टीम को भी बुला लिया गया। यहां देर रात तक कार्रवाई चल रही थी।
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एसटीएफ की आगरा यूनिट को सूचना मिली थी कि ताजगंज में सैंपल की दवाओं का अवैध कारोबार चल रहा है। इस मामले में एसटीएफ ने पिनाहट निवासी सोनू अग्रवाल को पकड़ा था। उससे पूछताछ की गई। उसने ताजगंज के बाग खिन्नी महल में वासुदेव कुशवाहा के मकान में गोदाम बनाया था। यहां चार महीने पहले दो कमरे किराये पर लिए थे। बृहस्पतिवार दोपहर को टीम यहां पहुंच गई।
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टीम ने दोनों कमरों की तलाशी में बड़ी मात्रा में सैंपल की दवाएं बरामद कीं। एसटीएफ की दूसरी टीम ने शमसाबाद रोड स्थित राधे कृष्ण धाम कॉलोनी में एक घर में बने गोदाम पर छापा मारा। यह भी सोनू अग्रवाल का था। यहां पर भी बड़ी मात्रा में सैंपल की दवाएं मिलीं।
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एसटीएफ के निरीक्षक हुकुम सिंह ने बताया कि दो गोदामों पर छापा मारकर बड़ी मात्रा में सैंपल की दवाएं पकड़ी गई हैं। दवाओं की कीमत बाजार में तकरीबन एक करोड़ रुपये के आसपास है। संचालक से पूछताछ और जांच की जा रही है। औषधि विभाग की टीम को भी बुलाया गया है। पूरे नेटवर्क के बारे में पता चला किया जा रहा है।
एसटीएफ निरीक्षक ने बताया कि दोनों गोदामों से 150 तरह की दवाएं मिलीं हैं। इनमें विटामिन, दर्द निवारक, हृदय रोग, किडनी रोग, अस्थमा, बुखार, खांसी आदि से संबंधित टैबलेट, सीरप, इंजेक्शन हैं। इसके अलावा विभिन्न प्रकार की किट भी शामिल हैं। जब्त दवाओं से 100 से अधिक बोरे भर गए। पूछताछ में पता चला कि यह सैंपल की दवाएं महाराष्ट्र से आती हैं और दुकानों पर सप्लाई की जाती हैं। सभी दवाएं नामी कंपनियों की है। आशंका है कि सैंपल की दवाओं पर कीमत की पर्ची लगा दी जाती है, क्योंकि सैंपल की दवाओं पर कीमत नहीं लिखी होती है। बाजार में बेचने के लिए दववा पर कीमत लिखी होना आवश्यक है।
पुलिस का कहना है कि सैंपल की दवाओं को फार्मा कंपनी की तरफ से डॉक्टरों को उपलब्ध कराया जाता है। इसके बाद डॉक्टर मरीजों को अपनी तरफ से दवाएं देते हैं। मगर, यह दवाएं डाक्टरों के पास नहीं पहुंची थीं।
मकान मालिक बासुदेव अपने परिवार के साथ रहते हैं। उन्होंने बताया कि सोनू अग्रवाल को चार महीने पहले कमरे किराये पर दिए थे। खुद को दवा कारोबारी बताया था। इस बात की जानकारी नहीं थी कि दवाएं सैंपल की हैं।
एसटीएफ के मदद से दो गोदाम पकड़े गए हैं। इनमें 150 तरह की दवाएं मिली हैं। आठ दवाओं के सैंपल लिए गए हैं। दोनों गोदाम पर कार्रवाई लगातार की जा रही है। सौ से अधिक बोरों में दवाएं भर ली गई हैं। - राजकुमार शर्मा, औषधि निरीक्षक
एसटीएफ की पूछताछ में सोनू अग्रवाल ने बताया कि महाराष्ट्र से सैंपल की दवाएं लाने के बाद इनको मध्य प्रदेश, बिहार, झारखंड, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल तक एजेंट की मदद से सप्लाई करता है। अब एसटीएफ पूरे नेटवर्क के बारे में पता कर रही है।

ताजनगरी में नशे की दवाओं का बड़ा कारोबार पहले पकड़ा जा चुका है। पांच साल पहले पंजाब में नशे का कारोबार पकड़े जाने पर यह बात सामने आई थी कि आगरा से बड़े पैमाने पर नशे की दवाइयों की तस्करी की जाती हैं।
- वर्ष 2019 में सिकंदरा के निखिल गार्डन में दो करोड़ रुपये कीमत की अवैध दवाएं जब्त की गईं थीं।
- वर्ष 2019 में ही यमुनापार में मालवा कंपनी के गोदाम से 60 लाख रुपये कीमत की दवाएं मिलीं थीं।
- अगस्त 2020 में ग्वालियर की नारकोटिक्स की टीम ने फ्रीगंज में छापा मारा था। दो गोदाम से 225 करोड़ रुपये कीमत की नारकोटिक्स की दवाएं पकड़ीं थीं।
- वर्ष 2020 में कमला नगर में अरोड़ा बंधुओं के घर से कई बार में करोड़ों रुपये की दवा बिक्री के बिल मिले थे।
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