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पीएम की रैली में हिंसा फैलाने की साजिश: तोड़फोड़ वाली कार पर बड़ा खुलासा, मथुरा से खरीदी गई थी गाड़ी
Sat, 01 Jan 2022 12:09 AM IST
Abhishek Saxena
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Sat, 01 Jan 2022 12:09 AM IST
सार
कानपुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आगमन पर समाजवादी नेताओं ने वबाल करने की कोशिश की थी। पुलिस के अनुसार इस साजिश को सपा नेताओं द्वारा रचा गया था।
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पुलिस गिरफ्त में आरोपियों के फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कानपुर रैली और जनसभा के वक्त जिस कार पर भाजपा के झंडे बैनर लगाकर उसे आग लगाई गई थी, उस कार को मथुरा के एक व्यक्ति से खरीदा गया था। इस खुलासे के बाद पुलिस की जांच टीम अब मथुरा में उस कार विक्रेता को ढूंढ रही हैं, जिसकी कार में योजनाबद्ध तरीके से आग लगाकर भाजपा को बदनाम करने की कोशिश की गई थी।
ऑनलाइन खरीदी थी कार
सपा के नेताओं ने योजनाबद्ध तरीके से ऑनलाइन इस कार को खरीदा था और ताज्जुब इस बात का है कि खरीदार ने इस कार को अपने नाम ट्रांसफर भी नहीं कराया था। कार का मालिक वर्तमान में अंकुर पटेल है, जो सपा के पिछड़ा प्रकोष्ठ का सचिव बताया जा रहा है। प्रधानमंत्री के कानपुर दौरे के समय जिस कार में भाजपा के झंडे लगे थे, उसे बुरी तरह तोड़ा-फोड़ा और जलाया गया था। इस मामले में अब यह नया खुलासा हुआ है कि आरोपियों में शामिल कार का मालिक अंकुर पटेल ने पूछताछ में बताया है कि उसने यह कार मथुरा के राधारमन सिंह से खरीदी थी, लेकिन उसने खरीदारी के बाद उस कार को अपने नाम नहीं कराया।
कहा था कार मेरी नहीं है...
गुरुवार को अदालत में पेशी के समय अंकुर पटेल ने कहा था कि जांच करा लो, यह कार मेरी नहीं है। उसने यह कहकर जांच टीम को और भी परेशान कर दिया। इस मामले में अंकुर पटेल समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि तीन अन्य संदिग्धों को हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ की जा रही है। यह कार मथुरा के राधारमन सिंह के नाम पर रजिस्टर्ड है और इसे ऑनलाइन वेबसाइट से खरीदा गया था। केवल 10 रुपये के स्टांप पेपर पर खरीद-फरोख्त की गई। इससे जाहिर हो रहा है कि पटेल ने जानबूझकर ऐसा किया, जिससे वह पकड़ा जाए तो कार के रजिस्ट्रेशन में उसका नाम न आए।
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ऑनलाइन खरीदी थी कार
सपा के नेताओं ने योजनाबद्ध तरीके से ऑनलाइन इस कार को खरीदा था और ताज्जुब इस बात का है कि खरीदार ने इस कार को अपने नाम ट्रांसफर भी नहीं कराया था। कार का मालिक वर्तमान में अंकुर पटेल है, जो सपा के पिछड़ा प्रकोष्ठ का सचिव बताया जा रहा है। प्रधानमंत्री के कानपुर दौरे के समय जिस कार में भाजपा के झंडे लगे थे, उसे बुरी तरह तोड़ा-फोड़ा और जलाया गया था। इस मामले में अब यह नया खुलासा हुआ है कि आरोपियों में शामिल कार का मालिक अंकुर पटेल ने पूछताछ में बताया है कि उसने यह कार मथुरा के राधारमन सिंह से खरीदी थी, लेकिन उसने खरीदारी के बाद उस कार को अपने नाम नहीं कराया।
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कहा था कार मेरी नहीं है...
गुरुवार को अदालत में पेशी के समय अंकुर पटेल ने कहा था कि जांच करा लो, यह कार मेरी नहीं है। उसने यह कहकर जांच टीम को और भी परेशान कर दिया। इस मामले में अंकुर पटेल समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि तीन अन्य संदिग्धों को हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ की जा रही है। यह कार मथुरा के राधारमन सिंह के नाम पर रजिस्टर्ड है और इसे ऑनलाइन वेबसाइट से खरीदा गया था। केवल 10 रुपये के स्टांप पेपर पर खरीद-फरोख्त की गई। इससे जाहिर हो रहा है कि पटेल ने जानबूझकर ऐसा किया, जिससे वह पकड़ा जाए तो कार के रजिस्ट्रेशन में उसका नाम न आए।
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