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आगरा: जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव में प्रत्याशी नहीं उतारने से अखिलेश खफा, सपा जिलाध्यक्ष रामगोपाल को हटाया
Sun, 27 Jun 2021 10:45 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Sun, 27 Jun 2021 10:45 AM IST
सार
रामगपोल बघेल एक साल तक जिलाध्यक्ष रहे। 25 जून, 2020 को उन्हें जिलाध्यक्ष मनोनीत किया गया था। प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल ने शनिवार को रामगोपाल को पदमुक्त करने के आदेश जारी किए हैं।
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आगरा समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष पद से हटाए गए रामगोपाल बघेल
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
भाजपा प्रत्याशी के विरोध में प्रत्याशी नहीं उतारने का खामियाजा समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष रामगोपाल बघेल को भुगतना पड़ा। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने आगरा समेत 11 जिलों के जिलाध्यक्षों को हटा दिया है। जहां भाजपा प्रत्याशी निर्विरोध जीत गए हैं।
रामगपोल बघेल एक साल तक जिलाध्यक्ष रहे। 25 जून, 2020 को उन्हें जिलाध्यक्ष मनोनीत किया गया था। प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल ने शनिवार को रामगोपाल को पदमुक्त करने के आदेश जारी किए हैं। जिले में सपा के पांच सदस्य थे। पूर्व में तीन बार जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर सपा जीत चुकी है। पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष गणेश यादव की पत्नी बिरमा देवी वार्ड 10 से इस बार सपा की टिकट पर जिला पंचायत सदस्य चुनी गई हैं। उन्होंने अध्यक्ष पद के लिए नामांकन नहीं किया। सपा की तरफ से कोई प्रत्याशी नहीं उतरा। ऐसे में भाजपा की मंजू भदौरिया का निर्विरोध निर्वाचन तय हो गया है।
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रामगपोल बघेल एक साल तक जिलाध्यक्ष रहे। 25 जून, 2020 को उन्हें जिलाध्यक्ष मनोनीत किया गया था। प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल ने शनिवार को रामगोपाल को पदमुक्त करने के आदेश जारी किए हैं। जिले में सपा के पांच सदस्य थे। पूर्व में तीन बार जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर सपा जीत चुकी है। पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष गणेश यादव की पत्नी बिरमा देवी वार्ड 10 से इस बार सपा की टिकट पर जिला पंचायत सदस्य चुनी गई हैं। उन्होंने अध्यक्ष पद के लिए नामांकन नहीं किया। सपा की तरफ से कोई प्रत्याशी नहीं उतरा। ऐसे में भाजपा की मंजू भदौरिया का निर्विरोध निर्वाचन तय हो गया है।
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आगरा कलक्ट्रेट में नामांकन करने जातीं भाजपा प्रत्याशी मंजू भदौरिया (नीली साड़ी) (फाइल)
- फोटो : अमर उजाला
एमबीए-पीएचडी कर चुकी मंजू भदौरिया पहली महिला जिला पंचायत अध्यक्ष होंगी। शनिवार को नामांकन के साथ ही उनकी जीत तय हो गई। विरोध में सपा, बसपा समेत किसी दल ने प्रत्याशी नहीं उतारा। 29 जून को मंजू भदौरिया को प्रमाणपत्र मिलेगा।
35 वर्षीय मंजू भदौरिया ने प्रबंधन विषय में पीएचडी हैं। वह शमसाबाद में जीआर कॉस्मिक विद्यालय की चेयरमैन और फतेहाबाद में मेडिकल रिसर्च सेंटर की निदेशक हैं। शमसाबाद के वार्ड 36 से भाजपा समर्थित प्रत्याशी के रूप में जिला पंचायत सदस्य चुनाव में उन्होंने 10,500 वोटों से जिले में सबसे बड़ी जीत दर्ज की थी। उनके पति संजय सिंह एलएलबी हैं। वर्ष 2008 में उनका विवाह हुआ था। ससुर डॉ. राजेन्द्र सिंह एमबीबीएस हैं। वर्ष 2007 में डॉ. राजेन्द्र सिंह भाजपा से विधानसभा का चुनाव लड़े थे और विधायक चुने गए। उन्होंने सपा प्रत्याशी को तब छह हजार मतों से हराया था। फिर 2012 में डॉ. सिंह सपा से विधानसभा चुनाव लड़े। 300 वोट से हार गए। वर्ष 2017 में फिर सपा की टिकट पर भाजपा से हार गए। वर्ष 2019 लोकसभा चुनाव में राजेन्द्र सिंह ने भाजपा का दामन थामा।
नामांकन के बाद मंजू भदौरिया ने कहा कि उनकी प्राथमिकता जिले में विकास व शिक्षा को बढ़ावा देना है। पार्टी ने जो विश्वास जताया है, उस पर वह खरा उतरने का प्रयास करेंगी। डॉ. राजेन्द्र सिंह ने कहा कि उनकी पुत्रवधू ने स्वयं अपना चुनाव प्रबंधन किया है।
35 वर्षीय मंजू भदौरिया ने प्रबंधन विषय में पीएचडी हैं। वह शमसाबाद में जीआर कॉस्मिक विद्यालय की चेयरमैन और फतेहाबाद में मेडिकल रिसर्च सेंटर की निदेशक हैं। शमसाबाद के वार्ड 36 से भाजपा समर्थित प्रत्याशी के रूप में जिला पंचायत सदस्य चुनाव में उन्होंने 10,500 वोटों से जिले में सबसे बड़ी जीत दर्ज की थी। उनके पति संजय सिंह एलएलबी हैं। वर्ष 2008 में उनका विवाह हुआ था। ससुर डॉ. राजेन्द्र सिंह एमबीबीएस हैं। वर्ष 2007 में डॉ. राजेन्द्र सिंह भाजपा से विधानसभा का चुनाव लड़े थे और विधायक चुने गए। उन्होंने सपा प्रत्याशी को तब छह हजार मतों से हराया था। फिर 2012 में डॉ. सिंह सपा से विधानसभा चुनाव लड़े। 300 वोट से हार गए। वर्ष 2017 में फिर सपा की टिकट पर भाजपा से हार गए। वर्ष 2019 लोकसभा चुनाव में राजेन्द्र सिंह ने भाजपा का दामन थामा।
नामांकन के बाद मंजू भदौरिया ने कहा कि उनकी प्राथमिकता जिले में विकास व शिक्षा को बढ़ावा देना है। पार्टी ने जो विश्वास जताया है, उस पर वह खरा उतरने का प्रयास करेंगी। डॉ. राजेन्द्र सिंह ने कहा कि उनकी पुत्रवधू ने स्वयं अपना चुनाव प्रबंधन किया है।