Vrindavan Kumbh Mela 2021: कुंभ में यमुना-गंगाजल से स्नान कर सकेंगे संत और श्रद्धालु
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वृंदावन कुंभ बैठक मेले में यमुना-गंगा के जल में संत और श्रद्धालु स्नान कर सकेंगे। 16 फरवरी को वृंदावन कुंभ मेले में पहला स्नान होगा। 25 मार्च तक चलने वाले कुंभ मेले में दूरदराज के संत और श्रद्धालु भी स्नान के लिए आएंगे। संत और महंत तो अपना डेरा भी यहां जमाएंगे। इसके लिए जिला प्रशासन ने भी युद्ध स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी हैं।
गुरुवार को जिलाधिकारी नवनीत सिंह चहल ने बताया कि कुंभ मेला स्थल को लेकर तैयारियां की जा रही हैं। गंदा पानी यमुना में गिरने से रोक दिया जाएगा। यमुना के निर्मल पानी में गंगाजल भी छोड़ा जाएगा। इससे संत और श्रद्धालु निर्मल पानी में स्नान कर सकेंगे। एक अच्छी छवि मथुरा की जाए, इस प्रकार व्यवस्था कुंभ मेला स्थल पर की जाएगी। प्रत्येक विभाग अपनी व्यवस्थाओं में जुट गया है।
गुणवत्ता पर समझौता नहीं
जिलाधिकारी ने कहा कि मथुरा-वृंदावन मार्ग का निर्माण समयावधि में पूरा कर लिया जाएगा। गुणवत्ता और अनियमितता मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। पिछले दिन शिकायत मिली थी कि सड़क निर्माण में लापरवाही हो रही है। मौका मुआयना किया गया और आईएसआई मार्का सरिया समेत अन्य निर्माण सामग्री प्रयोग करने के निर्देश दिए गए हैं। जो सरिया प्रयोग किया गया, उसकी गुणवत्ता जांच के लिए नमूना भेजा गया है।
कुंभ मेला बैठक को लेकर हर विभाग पूरी तरह से मुस्तैद नजर आ रहा है। साफ-सफाई के लिए नगर निगम ने भी खाका खींच लिया है। 750 सफाई कर्मचारी इसकी बागडोर संभालेंगे। इन सफाई कर्मचारियों की आठ-आठ घंटे की ड्यूटी होगी। मतलब एक शिफ्ट में 150 कर्मचारी मुस्तैद किए जाएंगे। प्रत्येक सेक्टर में 50 सफाई कर्मचारी तैनात रहेंगे।
रखे जाएंगे 200 डस्टबिन, 45 गाड़ियां लगेंगी
कुंभ मेला स्थल पर करीब 200 डस्टबिन रखे जाएंगे। ताकि गंदगी मेला स्थल पर दिखाई न दे। इसके अलावा डोर टू डोर कूड़ा एकत्रित करने वाली करीब 45 गाड़ियां भी कुंभ मेला स्थल पर रहेंगी। जहां भी कूड़ा दिखेगा उसे सफाई कर्मचारी उठाकर गाड़ियों में डालेंगे।