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अखाड़ा बनी शहर की संसद
ब्यूरो, अमर उजाला अागरा
Updated Tue, 27 Oct 2015 02:06 AM IST
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शहर की संसद सोमवार को अखाड़ा बन गई। जनसमस्याओं पर चर्चा के दौरान सपा और बसपा पार्षद भिड़ गए। दोनों के बीच खींचतान की नौबत आ गई। दोनों दलों के पार्षद चुनौती देते हुए एक-दूसरे को मारने के लिए झपटे। नगर आयुक्त और वरिष्ठ पार्षदों के बीच-बचाव कर पार्षदों को रोका। इससे पहले विशेष सदन की मांग को लेकर भाजपा और बसपा पार्षदों ने जमकर हंगामा किया। सपा के भी कुछ पार्षद विशेष सदन के तहत त्योहार से पहले जनसमस्याओं के समाधान पर चर्चा चाहते थे। पार्षदों के विरोध को देखते हुए महापौर को झुकना पड़ा। इन विवादों के चलते सदन की कार्रवाई लगभग डेढ़ घंटे बाद शुरू हो सकी।
नगर निगम सदन के 22वें अधिवेशन की स्थगित बैठक सोमवार दोपहर दो बजे से शुरू हुई। महापौर इंद्रजीत सिंह आर्य और नगर आयुक्त इंद्रविक्रम सिंह के सदन में आते भाजपा पार्षद दल की नेता कुंदनिका शर्मा के नेतृत्व में पार्षद डायस के सामने एकत्रित हो गए। कांग्रेस, बसपा और सपा के भी कुछ पार्षदों ने महापौर का घेराव कर दिया। इनकी मांग थी कि पार्षदों के प्रस्तावों पर चर्चा बाद में हो सकती है, दीवाली और वाल्मीकि जयंती को देखते हुए पहले विशेष सदन के तहत प्रकाश व्यवस्था और गंदगी के निस्तारण पर चर्चा कराई जाए। इसको लेकर लगभग आधा घंटे तक हंगामा होता रहा। ऐसे में महापौर ने विशेष सदन की मांग को मानते हुए वाल्मीकि जयंती की तैयारियों पर चर्चा शुरू करा दी। एक-दो पार्षदों के बाद बसपा पार्षद दल के नेता कर्मवीर भारती ने शहर की समस्याओं पर बोलना शुरू किया। वह प्रस्तावों पर चर्चा के दौरान पार्षदों द्वारा की जाने वाली टीका-टिप्पणी पर अपना पक्ष रख रहे थे, सपा पार्षद दल के नेता मुकेश यादव ने आपत्ति व्यक्त की। इस पर दोनों में तनातनी हो गई। देखते ही देखते दोनों दलों के पार्षद चीखते-चिल्लाते एक-दूसरे को मारने के लिए आगे बढ़े। एक-दूसरे का हाथ पकड़कर खींचने की कोशिश की। स्थिति बिगड़ती देख नगर आयुक्त और अन्य वरिष्ठ पार्षदों ने हस्तक्षेप कर दोनों को रोका। बड़ी मुश्किल से दोनों दलों के पार्षद शांत हुए। इसके बाद ही सदन की कार्रवाई शुरू हो सकी। शाम साढ़े पांच बजे तक सदन चला। समय के अभाव को देखते हुए सदन स्थगित कर दिया गया। पार्षदों के प्रस्तावों पर चर्चा के लिए सदन की कार्रवाई अब दो नवंबर को दोपहर 12 बजे से होगी।
इसको लेकर बनी टकराव की स्थिति
चर्चा के दौरान कर्मवीर भारती महापौर के समक्ष अपना पक्ष रख रहे थे। उनका कहना था कि जब कोई पार्षद अपना प्रस्ताव या समस्या रखता है तो दूसरे पार्षद उस पर टिप्पणी शुरू कर देते हैं। उनका कहना था कि यदि किसी पार्षद को उक्त पार्षद के प्रस्ताव के संबंध में अपनी बात रखनी है तो वह महापौर के समक्ष अपनी बात रखे। किसी को अपने हिसाब से सदन चलाने की छूट नहीं मिलनी चाहिए। यह बात कहने के दौरान उनके हाथ का इशारा सपा पार्षदों की तरफ था। इसको लेकर सपा पार्षद दल के नेता का गुस्सा भड़क गया और टकराव की स्थिति बन गई।
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भाजपा-सपा पार्षदों में तनातनी
सोमवार को सदन का माहौल शुरू से ही गर्म रहा। विशेष सदन की मांग पर हंगामा शांत हुआ तो सपा पार्षद उमेश यादव ने पार्षदों के क्रिया-कलापों पर सवाल उठाना शुरू कर दिया। इस पर भाजपा पार्षद भड़क गए। उन्होंने सपा पार्षदों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। दोनों दलों के पार्षदों के बीच काफी तनातनी हुई। बड़ी मुश्किल से शांत हुए।
दीवाली से पहले रोशन होगा शहर
विशेष सदन के तहत पार्षदों ने दीवाली और वाल्मीकि जयंती पर विभिन्न क्षेत्रों में प्रकाश व्यवस्था की मांग की। उनका कहना था कि बहुत से क्षेत्रों में स्ट्रीट लाइटें खराब पड़ी हैं और कुछ जगह पर प्रकाश की कोई व्यवस्था नहीं है। ऐसे में महापौर और नगर आयुक्त ने प्रत्येक पार्षद को अपने-अपने क्षेत्र में दस-दस स्ट्रीट लाइट लगवाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।
जीएम जलकल को फिर घेरा
सदन की कार्रवाई के दौरान भाजपा पार्षद मदन लाल तिमोरी ने अपने क्षेत्र में सीवर लाइन के मैनहोलों से ढक्कन गायब होने की शिकायत रखी। कहा कि इससे आए दिन हादसे होते रहते हैं। जीएम जलकल को उन्होंने कई बार बताया लेकिन समस्या का समाधान करने की बजाय जीएम ने अनसुना कर दिया। इस पर सभी पार्षदों ने एकजुट होकर जीएम जलकल की टेबल थपथपाकर निंदा की।
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नगर निगम सदन के 22वें अधिवेशन की स्थगित बैठक सोमवार दोपहर दो बजे से शुरू हुई। महापौर इंद्रजीत सिंह आर्य और नगर आयुक्त इंद्रविक्रम सिंह के सदन में आते भाजपा पार्षद दल की नेता कुंदनिका शर्मा के नेतृत्व में पार्षद डायस के सामने एकत्रित हो गए। कांग्रेस, बसपा और सपा के भी कुछ पार्षदों ने महापौर का घेराव कर दिया। इनकी मांग थी कि पार्षदों के प्रस्तावों पर चर्चा बाद में हो सकती है, दीवाली और वाल्मीकि जयंती को देखते हुए पहले विशेष सदन के तहत प्रकाश व्यवस्था और गंदगी के निस्तारण पर चर्चा कराई जाए। इसको लेकर लगभग आधा घंटे तक हंगामा होता रहा। ऐसे में महापौर ने विशेष सदन की मांग को मानते हुए वाल्मीकि जयंती की तैयारियों पर चर्चा शुरू करा दी। एक-दो पार्षदों के बाद बसपा पार्षद दल के नेता कर्मवीर भारती ने शहर की समस्याओं पर बोलना शुरू किया। वह प्रस्तावों पर चर्चा के दौरान पार्षदों द्वारा की जाने वाली टीका-टिप्पणी पर अपना पक्ष रख रहे थे, सपा पार्षद दल के नेता मुकेश यादव ने आपत्ति व्यक्त की। इस पर दोनों में तनातनी हो गई। देखते ही देखते दोनों दलों के पार्षद चीखते-चिल्लाते एक-दूसरे को मारने के लिए आगे बढ़े। एक-दूसरे का हाथ पकड़कर खींचने की कोशिश की। स्थिति बिगड़ती देख नगर आयुक्त और अन्य वरिष्ठ पार्षदों ने हस्तक्षेप कर दोनों को रोका। बड़ी मुश्किल से दोनों दलों के पार्षद शांत हुए। इसके बाद ही सदन की कार्रवाई शुरू हो सकी। शाम साढ़े पांच बजे तक सदन चला। समय के अभाव को देखते हुए सदन स्थगित कर दिया गया। पार्षदों के प्रस्तावों पर चर्चा के लिए सदन की कार्रवाई अब दो नवंबर को दोपहर 12 बजे से होगी।
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इसको लेकर बनी टकराव की स्थिति
चर्चा के दौरान कर्मवीर भारती महापौर के समक्ष अपना पक्ष रख रहे थे। उनका कहना था कि जब कोई पार्षद अपना प्रस्ताव या समस्या रखता है तो दूसरे पार्षद उस पर टिप्पणी शुरू कर देते हैं। उनका कहना था कि यदि किसी पार्षद को उक्त पार्षद के प्रस्ताव के संबंध में अपनी बात रखनी है तो वह महापौर के समक्ष अपनी बात रखे। किसी को अपने हिसाब से सदन चलाने की छूट नहीं मिलनी चाहिए। यह बात कहने के दौरान उनके हाथ का इशारा सपा पार्षदों की तरफ था। इसको लेकर सपा पार्षद दल के नेता का गुस्सा भड़क गया और टकराव की स्थिति बन गई।
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भाजपा-सपा पार्षदों में तनातनी
सोमवार को सदन का माहौल शुरू से ही गर्म रहा। विशेष सदन की मांग पर हंगामा शांत हुआ तो सपा पार्षद उमेश यादव ने पार्षदों के क्रिया-कलापों पर सवाल उठाना शुरू कर दिया। इस पर भाजपा पार्षद भड़क गए। उन्होंने सपा पार्षदों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। दोनों दलों के पार्षदों के बीच काफी तनातनी हुई। बड़ी मुश्किल से शांत हुए।
दीवाली से पहले रोशन होगा शहर
विशेष सदन के तहत पार्षदों ने दीवाली और वाल्मीकि जयंती पर विभिन्न क्षेत्रों में प्रकाश व्यवस्था की मांग की। उनका कहना था कि बहुत से क्षेत्रों में स्ट्रीट लाइटें खराब पड़ी हैं और कुछ जगह पर प्रकाश की कोई व्यवस्था नहीं है। ऐसे में महापौर और नगर आयुक्त ने प्रत्येक पार्षद को अपने-अपने क्षेत्र में दस-दस स्ट्रीट लाइट लगवाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।
जीएम जलकल को फिर घेरा
सदन की कार्रवाई के दौरान भाजपा पार्षद मदन लाल तिमोरी ने अपने क्षेत्र में सीवर लाइन के मैनहोलों से ढक्कन गायब होने की शिकायत रखी। कहा कि इससे आए दिन हादसे होते रहते हैं। जीएम जलकल को उन्होंने कई बार बताया लेकिन समस्या का समाधान करने की बजाय जीएम ने अनसुना कर दिया। इस पर सभी पार्षदों ने एकजुट होकर जीएम जलकल की टेबल थपथपाकर निंदा की।