एलआईसी कर्मचारियों से 25 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी
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आगरा में एलआईसी के कर्मचारियों के साथ की गई 25 करोड़ की धोखाधड़ी के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों विष्णु और ब्रजपाल के खिलाफ चार्जशीट लगा दी है। दोनों जेल में बंद हैं। इस मामले में और भी आरोपी हैं। उनका कोई सुराग तक नहीं लगा पाई है पुलिस। जेल में बंद आरोपियों के खाते भी फ्रीज नहीं कराए गए हैं। अभी तक कोई बरामदगी भी नहीं है।
यह धोखाधड़ी वेतनभोगी समिति बनाकर की गई। समिति का अध्यक्ष विष्णु अवतार और सचिव ब्रजपाल है। ब्रजपाल फ्रेंड्स विहार दयालबाग का रहने वाला है और विष्णु अवतार सेक्टर 11 आवास विकास का, इन दोनों की पत्नी भी आरोपी हैं।
इनके अतिरिक्त सात और कर्मचारियों के नाम आए। पुलिस ने किसी की भी गिरफ्तारी के लिए दबिश तक नहीं दी। फरार आरोपियों के वारंट लेने के लिए अर्जी तक नहीं दी गई। विष्णु और ब्रजपाल ने 27 जून को सरेंडर किया था।
पुलिस ने उन्हें रिमांड पर लिए जाने की जरूरत नहीं समझी जबकि उनसे महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती थी। आरोपियों के जेल में होने के बावजूद इनके खातों से लेनदेन किया जा रहा है। पीड़ितों ने इसकी जानकारी पुलिस को दी लेकिन पुलिस ने बहुत गंभीरता नहीं दिखाई है।
11 फीसदी ब्याज का लालच दिया था
ये लोग पैसा जमा कराकर उस पर 11 फीसदी सालाना ब्याज का लालच देते थे। इनके जाल में 100 से अधिक लोग फंसे। उनके 50 हजार से 90 लाख तक जमा किए। इस तरह लगभग 25 करोड़ रुपया हो जाने पर घरों पर ताले लगाकर भाग गए। पीड़ितों में आगरा, इटावा, फर्रुखाबाद, मैनपुरी, फिरोजाबाद समेत 13 जिलों के लोग हैं।
पैसा वापस देने के लिए भी तैयार नहीं
आरोपियों के जब 27 जून को कोर्ट में सरेंडर किया, तो इसका पता चलने पर पीड़ित भी पहुंच गए थे उन्होंने आरोपियों से कहा कि पैसा कहां गया? क्यों वापस नहीं कर रहे? इस पर एक आरोपी ने कहा कि हम कंगाल हो चुके हैं, पैसा कहां से चुकाएं। पीड़ितों का कहना है कि आरोपी पैसा वापस करने के लिए भी तैयार नहीं है।