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व्यवस्था में सेंध: उड़नदस्तों की जानकारी लीक कर रहे रोडवेज के परिचालक, पैसे लेकर कराई बेटिकट यात्रा

Wed, 03 Feb 2021 12:29 PM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा Published by: Abhishek Saxena Updated Wed, 03 Feb 2021 12:29 PM IST
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Roadways Bus Conductor Leaking Information About Checking
रोडवेज की बसें - फोटो : अमर उजाला
रोडवेज के परिचालक लोगों से पैसे लेकर भी उन्हें बेटिकट यात्रा करा रहे हैं। उड़नदस्तों की जानकारी एक दूसरे को लीक कर रहे हैं। इसके लिए व्हाट्सएप की तरह काम करने वाले टेलीग्राम एप पर परिचालकों ने ग्रुप बना रखे हैं। इसकी जानकारी चेकिंग के दौरान अफसरों को मिली है। इस पर जांच शुरू करा दी गई है। जांच टीम को भी ऐसे कई टेलीग्राम ग्रुप मिले हैं। 
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चेकिंग के दौरान पता चला कि परिवहन निगम के नियमित और संविदा परिचालकों ने यात्रियों को बेटिकट सफर कराकर निगम के राजस्व को हानि पहुंचाने के लिए टेलीग्राम पर छद्म नाम जैसे जय हनुमान, राजा शनिदेव जैसे नामों से ग्रुप बना लिए हैं। क्षेत्रीय प्रबंधक मनोज कुमार पुंढीर ने बताया कि पहचान उजागर होने के डर से इन परिचालकों ने अपने ग्रुप के एडमिन के नाम टाइगर, राज, पौनिया जैसे रखे हैं, ताकि इनके सही नाम की जानकारी नहीं हो सके।
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शातिर: छिपाकर रखते हैं मोबाइल फोन
ईदगाह डिपो की बस संख्या यूपी 77 एएन-2640 और मथुरा डिपो की बस यूपी 85 एटी0652 व यूपी 85 एटी 3809 की चेकिंग के दौरान प्रकाश में आया कि इन बसों के परिचालकों के पास भी टेलीग्राम एप था, जिससे उन्हें चेकिंग दस्ते की लोकेशन बताई जा रही थी। इसके बाद जांच टीम ने पाया कि पूरे परिक्षेत्र में परिचालकों ने चेकिंग से बचने के लिए इस तरह के ग्रुप बनाए हुए हैं। इन मोबाइल फोन को परिचालक नहीं दिखाते हैं, क्योंकि ग्रुप के एडमिन का साफ निर्देश है कि अगर चेकिंग दस्ता पकड़ ले तो वह की पैड वाला मोबाइल दिखाएं।

साजिश: छह ग्रुप चिह्नित, सबसे जुड़े मिले परिचालक
जांच में छह ग्रुप प्रकाश में आए हैं। इनमें जय हनुमान, राजा शनिदेव, देख कर चल प्यारे, नाम जानकर क्या करोगे, एमटीआर, पप्पू की चेली हैं। इन ग्रुपों में 50 से लेकर 971 तक सदस्य हैं। यानी पूरे परिक्षेत्र में निगम को चूना लगाने के लिए बड़े पैमाने पर परिचालकों का कॉकस काम कर रहा है।

सख्ती: चिह्नित कर रहे परिचालक
व्हाइट्सएप और टेलीग्राम ग्रुपों से जुड़े परिचालकों को चिह्नित करके कार्रवाई की जाएगी। इस पूरे कॉकस को खत्म करने लिए कार्ययोजना तैयार कर ली गई है। जल्द ही साक्ष्य एकत्रित करके कार्रवाई की जाएगी। -मनोज कुमार पुंढीर, आरएम आगरा परिक्षेत्र

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शिकायत: दबंग परिचालक की नहीं होती चेकिंग
जांच टीम के इंचार्ज सतेंद्र सिंह ने आरएम को सौंपी रिपोर्ट में बताया कि राजेश चाहर नामक दबंग परिचालक की बस की चेकिंग एआरएम और उड़नदस्ते नहीं करते हैं। इस पर आरएम ने ताज डिपो के इस परिचालक की बस की चेकिंग नहीं करने वाले अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
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