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पानी के लिए हाहाकार, लगाया जाम
अमर उजाला आगरा
Updated Sun, 24 Apr 2016 12:49 AM IST
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जल सम्ास्या
- फोटो : अमर उजाला ब्यूूराो
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गर्मी में पानी न मिलने पर शहर के कई हिस्सों में लोगाें का आक्रोश भड़कने लगा है। जल संकट गहराने पर शनिवार को गुस्साए लोगों ने मटके फोड़कर विरोध प्रदर्शन करने के बाद रोड जाम कर दी। काफी देर तक यातायात बाधित रहा। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो जल संस्थान का घेराव करेंगे।
जगदीशपुरा, गुलाब नगर, बीधा नगर, सरस्वती नगर और शांति नगर में जल संस्थान की पाइप लाइन होने के बावजूद सालों से इसमें पानी नहीं आया। हैंडपंप और विधायक निधि से लगे सबमर्सिबल पंप से लोग अब तक गुजारा करते आ रहे थे। मगर, पिछले कुछ दिनों से सबमर्सिबल पंप भी पानी छोड़ते जा रहे हैं। क्षेत्र में जल संकट गहराने पर लोगों का आक्रोश भड़क गया। शाम लगभग छह बजे के आसपास दर्जनों की संख्या में महिलाएं, बच्चे और पुरुष सड़क पर उतर आए। जल संस्थान के अधिकारियों का विरोध करते हुए पहले तो मटके फोड़े, इसके बाद बोदला-लोहामंडी मार्ग जाम कर दिया। सूचना के बाद भी जल संस्थान के अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे। इससे लोगों का गुस्सा और भड़क गया। उन्होंने नारेबाजी शुरू कर दी। सूचना मिलने के बाद पहुंची पुलिस ने लोगों को समझाबुझा कर जाम खुलवाया। लगभग एक घंटे तक आवागमन प्रभावित रहा। कैलाश माहौर, विजय गोस्वामी, नरेंद्र कुमार तमोरी, सुभाष दिवाकर, मुकेश बघेल, महाराज सिंह सक्सेना आदि मौजूद थे। इधर, नामनेर क्षेत्र में भी पानी की समस्या पर स्थानीय लोगों में आक्रोश व्याप्त हो गया। पिछले कई दिनों से सप्लाई बाधित होने से गुस्साए महिलाओं और बच्चों ने रोड जाम कर दी। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि भीषण गर्मी में भी उन्हें पानी उपलब्ध नहीं हो पा रहा है।
न्यू कृष्णा नगर में टैंकरों पर निर्भर लोग
न्यू कृष्णा नगर में भी जल संकट गहराया हुआ है। यहां पानी की सप्लाई न होने पर लोग टैंकरों पर ही निर्भर हैं। क्षेत्रीय निवासी राधाकांत कई बार जल संस्थान के अधिकारियों से इसकी शिकायत कर चुके हैं लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो सका है।
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हर रोज पानी से वंचित
रह जाता है आधा शहर
जलापूर्ति के लिए सरकारी संसाधन भी पर्याप्त नहीं है। स्थिति यह है कि हर रोज लगभग आधा पानी से वंचित रह जाता है। क्षेत्रों में सबमर्सिबल पंप और टैंकरों से पानी की सप्लाई न हो तो पूरे शहर में पानी के लिए हाहाकार की स्थिति बन जाए। इतना ही नहीं, पानी की पाइप लाइन भी ठीक नहीं हैं। आए पाइप लाइन लीक हो जाने की वजह से किसी न किसी क्षेत्र की जलापूर्ति बाधित हो जाती है।
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जगदीशपुरा, गुलाब नगर, बीधा नगर, सरस्वती नगर और शांति नगर में जल संस्थान की पाइप लाइन होने के बावजूद सालों से इसमें पानी नहीं आया। हैंडपंप और विधायक निधि से लगे सबमर्सिबल पंप से लोग अब तक गुजारा करते आ रहे थे। मगर, पिछले कुछ दिनों से सबमर्सिबल पंप भी पानी छोड़ते जा रहे हैं। क्षेत्र में जल संकट गहराने पर लोगों का आक्रोश भड़क गया। शाम लगभग छह बजे के आसपास दर्जनों की संख्या में महिलाएं, बच्चे और पुरुष सड़क पर उतर आए। जल संस्थान के अधिकारियों का विरोध करते हुए पहले तो मटके फोड़े, इसके बाद बोदला-लोहामंडी मार्ग जाम कर दिया। सूचना के बाद भी जल संस्थान के अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे। इससे लोगों का गुस्सा और भड़क गया। उन्होंने नारेबाजी शुरू कर दी। सूचना मिलने के बाद पहुंची पुलिस ने लोगों को समझाबुझा कर जाम खुलवाया। लगभग एक घंटे तक आवागमन प्रभावित रहा। कैलाश माहौर, विजय गोस्वामी, नरेंद्र कुमार तमोरी, सुभाष दिवाकर, मुकेश बघेल, महाराज सिंह सक्सेना आदि मौजूद थे। इधर, नामनेर क्षेत्र में भी पानी की समस्या पर स्थानीय लोगों में आक्रोश व्याप्त हो गया। पिछले कई दिनों से सप्लाई बाधित होने से गुस्साए महिलाओं और बच्चों ने रोड जाम कर दी। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि भीषण गर्मी में भी उन्हें पानी उपलब्ध नहीं हो पा रहा है।
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न्यू कृष्णा नगर में टैंकरों पर निर्भर लोग
न्यू कृष्णा नगर में भी जल संकट गहराया हुआ है। यहां पानी की सप्लाई न होने पर लोग टैंकरों पर ही निर्भर हैं। क्षेत्रीय निवासी राधाकांत कई बार जल संस्थान के अधिकारियों से इसकी शिकायत कर चुके हैं लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो सका है।
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हर रोज पानी से वंचित
रह जाता है आधा शहर
जलापूर्ति के लिए सरकारी संसाधन भी पर्याप्त नहीं है। स्थिति यह है कि हर रोज लगभग आधा पानी से वंचित रह जाता है। क्षेत्रों में सबमर्सिबल पंप और टैंकरों से पानी की सप्लाई न हो तो पूरे शहर में पानी के लिए हाहाकार की स्थिति बन जाए। इतना ही नहीं, पानी की पाइप लाइन भी ठीक नहीं हैं। आए पाइप लाइन लीक हो जाने की वजह से किसी न किसी क्षेत्र की जलापूर्ति बाधित हो जाती है।