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देश में सड़क हादसे भयावह : उत्तर प्रदेश और आगरा की स्थिति गंभीर

Sun, 14 Jun 2026 02:12 AM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Sun, 14 Jun 2026 02:12 AM IST
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Road accidents in the country are alarming: Situation in Uttar Pradesh and Agra is critical.
आगरा। केंद्र सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की रोड एक्सीडेंट इन इंडिया रिपोर्ट-2024 ने सड़क हादसों की भयावह स्थिति उजागर की है। वर्ष 2024 में देश में 4,87,707 दुर्घटनाएं हुईं, जिनमें 1,77,175 लोगों की मृत्यु हुई और 4,71,441 घायल हुए। यह 2023 की तुलना में दुर्घटनाओं में 1.5 फीसदी और मौतों में 2.5 फीसदी की वृद्धि दर्शाती है।
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उत्तर प्रदेश में 2024 में 46,052 दुर्घटनाओं में 24,118 लोगों की जान गई, जो राष्ट्रीय मौतों का 13.6 फीसदी है। रिपोर्ट के अनुसार, दुर्घटनाओं की संख्या में तमिलनाडु शीर्ष पर है, जबकि मौतों में उत्तर प्रदेश लगातार पांचवें वर्ष देश में प्रथम है। राष्ट्रीय राजमार्गों पर भी उत्तर प्रदेश की स्थिति गंभीर है, जहां 17,113 दुर्घटनाओं में 9,560 मौतें हुईं। आगरा मिलियन प्लस शहरों में सड़क दुर्घटना मौतों में 2023 के 11वें स्थान से 2024 में सीधे छठे स्थान पर आ गया। यहां एक साल में मौतें 499 से बढ़कर 586 हो गईं, जो लगभग 17.4 फीसदी की वृद्धि है।
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दिल्ली 50 मिलियन प्लस शहरों में मौतों के आधार पर पहले स्थान पर है, जबकि शीर्ष 10 में उत्तर प्रदेश के चार शहर (आगरा, लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज) शामिल हैं। ओवरस्पीडिंग 70.3 फीसदी मौतों का सबसे बड़ा कारण है, और 46.2 फीसदी मौतें दोपहिया सवारों की हुईं, जिनमें हेलमेट न पहनना मुख्य वजह है। ग्रामीण क्षेत्रों में 62.4 फीसदी दुर्घटनाएं और 70.8 फीसदी मौतें हुईं, जबकि हिट-एंड-रन से 19.2 फीसदी मौतें दर्ज की गईं।
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सड़क सुरक्षा सुधार के लिए प्रमुख मांगें
अधिवक्ता केसी जैन ने कहा कि अब केवल चालक की गलती कहकर काम नहीं चलेगा, बल्कि सड़क डिजाइन, गति नियंत्रण, हेलमेट-सीट बेल्ट और आघात देखभाल पर ध्यान देना होगा। आगरा सहित सभी उच्च-मृत्यु शहरों और राष्ट्रीय राजमार्गों के लिए 90 दिन के भीतर विशेष सड़क सुरक्षा ऑडिट कराया जाए। हेलमेट और सीट बेल्ट प्रवर्तन को जीवन बचाने की मुहिम के रूप में चलाया जाए, जिसमें स्कूल, कॉलेज और उद्योगों को जोड़ा जाए। ग्रामीण क्षेत्रों में एंबुलेंस प्रतिक्रिया समय, ट्रॉमा सेंटर की दूरी और जिला अस्पताल की तैयारी को सड़क सुरक्षा योजना का अनिवार्य हिस्सा बनाया जाए। राष्ट्रीय राजमार्गों पर अनधिकृत कट, अंधे मोड़, खराब रोशनी और अवैध पार्किंग रोकने के लिए संयुक्त अभियान चलाए जाएं।
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