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UP News: तुम जीते, न हम हारे...दो परिवारों की रंजिश, 24 साल से चल रहा था मुकदमा; एक लाइन पर हो गया खत्म
Sun, 22 Sep 2024 09:23 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Sun, 22 Sep 2024 09:23 AM IST
सार
दो परिवारों की रंजिश में 24 साल से चल रहा मुकदमा सिर्फ ये कहने पर खत्म हो गया कि तुम जीते, न हम हारे। दोनों पक्षों की सहमति देख सीजेएम अचल प्रताप सिंह ने समझौते पर अपनी मोहर लगा दी।
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- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
आगरा के हरीपर्वत थाना क्षेत्र के दो परिवारों में 24 साल से चली आ रही रंजिश खत्म हो गई। इनमें दुश्मनी ऐसी हो गई थी कि कोई भी एक-दूसरे की सूरत देखना पसंद नहीं करता था। शनिवार को अदालत में दोनों पक्षों ने तुम जीते, न हम हारे बोलकर समझौता कर लिया। दोनों पक्षों की सहमति देख सीजेएम अचल प्रताप सिंह ने समझौते पर अपनी मोहर लगा दी।
हरीपर्वत निवासी राजवीर सिंह ने वर्ष 2000 में थाने में तहरीर दी थी। आरोप लगाया कि उनके मोहल्ले में रहने वाले पप्पू उर्फ संजय शर्मा और गोविंद शर्मा उनसे गालीगलौज कर रहे थे। विरोध करने पर दोनों ने मिलकर उनके साथ मारपीट की। जान से मार देने की धमकी देने पर वह पुलिस के पास पहुंचे। पुलिस ने मारपीट, गालीगलौज, धमकी आदि की धारा में केस दर्ज किया। विवेचना और अदालत में पैरवी के दौरान उनमें रंजिश बढ़ती चली गई थी।
शनिवार को अदालत में दोनों पक्ष ने अपने गिले शिकवे दूर किए। एक-दूसरे को गले लगाया और कहा कि तुम जीते, ना हम हारे। इस शर्त पर आपस में समझौता कर लिया।
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हरीपर्वत निवासी राजवीर सिंह ने वर्ष 2000 में थाने में तहरीर दी थी। आरोप लगाया कि उनके मोहल्ले में रहने वाले पप्पू उर्फ संजय शर्मा और गोविंद शर्मा उनसे गालीगलौज कर रहे थे। विरोध करने पर दोनों ने मिलकर उनके साथ मारपीट की। जान से मार देने की धमकी देने पर वह पुलिस के पास पहुंचे। पुलिस ने मारपीट, गालीगलौज, धमकी आदि की धारा में केस दर्ज किया। विवेचना और अदालत में पैरवी के दौरान उनमें रंजिश बढ़ती चली गई थी।
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शनिवार को अदालत में दोनों पक्ष ने अपने गिले शिकवे दूर किए। एक-दूसरे को गले लगाया और कहा कि तुम जीते, ना हम हारे। इस शर्त पर आपस में समझौता कर लिया।