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ऑनलाइन रिजल्ट से फर्जीवाड़ा रोकने की तैयारी
अमर उजाला आगरा
Updated Sat, 13 Aug 2016 11:14 PM IST
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अंबेडकर विवि
- फोटो : अमर उजाला ब्यूूराो
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मार्कशीट की गलतियां ठीक कराने के नाम पर हो रहे नंबरों के खेल पर ब्रेक लगने जा रहा है। डा. बीआरए विश्वविद्यालय 2010 से 2012 सत्र के आफलाइन रिजल्ट को अब आनलाइन करने जा रहा है। विधानसभा की आश्वासन समिति की जांच रिपोर्ट में इसका उल्लेख किया है।
सत्र 2013 में रिजल्ट तैयार करने वाली एजेंसी को बीते सत्रों की त्रुटिपूर्ण मार्कशीट ठीक कराने का भी जिम्मा था। इनका रिकार्ड आफलाइन था, ऐसे में 2010 से 2012 सत्र की मार्कशीट ठीक कराने के नाम पर बुकिंग की जा रही थी। आनलाइन रिजल्ट न होने पर एजेंसी मनमाने नंबर मार्कशीट में दर्ज कर देती थी। कुलसचिव केएन सिंह का कहना आफलाइन रिजल्ट को आनलाइन किया जाएगा, जिससे नंबर बढ़ाए जाने की संभावना नहीं रहेगी।
एफआईआर, अभी तक गिरफ्तारी नहीं
आधा-अधूरा परिणाम देने वाली शुभाटेक प्राइवेट लिमिटेड के संचालक पर एफआईआर हुए दो सप्ताह गुजर गए, पुलिस भी हाथ पर हाथ धरी बैठी है। अभी तक संचालक की गिरफ्तारी नहीं हुई। ऐसा ही माइंडलोजिक इन्फ्राटेक के साथ हुआ। इसके संचालक के खिलाफ भी पुलिस ने अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की।
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किराए के सर्वर से काम चला रहा विवि
डा. बीआरए यूनीवर्सिटी पर दोतरफा मार पड़ रही है। एजेंसियों ने आधा-अधूरा परिणाम देने से विवि अधिकारियों के लिए मुसीबत खड़ी हो गई है। वहीं एजेंसी विश्वविद्यालय के सर्वर का इस्तेमाल कर रही है। ऐसे में विश्वविद्यालय ने विभागीय कार्यों के लिए किराए पर सर्वर ले रखा है। इसके लिए विवि को हर महीने सवा लाख रुपये का अतिरिक्त खर्च वहन करना पड़ रहा है।
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सत्र 2013 में रिजल्ट तैयार करने वाली एजेंसी को बीते सत्रों की त्रुटिपूर्ण मार्कशीट ठीक कराने का भी जिम्मा था। इनका रिकार्ड आफलाइन था, ऐसे में 2010 से 2012 सत्र की मार्कशीट ठीक कराने के नाम पर बुकिंग की जा रही थी। आनलाइन रिजल्ट न होने पर एजेंसी मनमाने नंबर मार्कशीट में दर्ज कर देती थी। कुलसचिव केएन सिंह का कहना आफलाइन रिजल्ट को आनलाइन किया जाएगा, जिससे नंबर बढ़ाए जाने की संभावना नहीं रहेगी।
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एफआईआर, अभी तक गिरफ्तारी नहीं
आधा-अधूरा परिणाम देने वाली शुभाटेक प्राइवेट लिमिटेड के संचालक पर एफआईआर हुए दो सप्ताह गुजर गए, पुलिस भी हाथ पर हाथ धरी बैठी है। अभी तक संचालक की गिरफ्तारी नहीं हुई। ऐसा ही माइंडलोजिक इन्फ्राटेक के साथ हुआ। इसके संचालक के खिलाफ भी पुलिस ने अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की।
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किराए के सर्वर से काम चला रहा विवि
डा. बीआरए यूनीवर्सिटी पर दोतरफा मार पड़ रही है। एजेंसियों ने आधा-अधूरा परिणाम देने से विवि अधिकारियों के लिए मुसीबत खड़ी हो गई है। वहीं एजेंसी विश्वविद्यालय के सर्वर का इस्तेमाल कर रही है। ऐसे में विश्वविद्यालय ने विभागीय कार्यों के लिए किराए पर सर्वर ले रखा है। इसके लिए विवि को हर महीने सवा लाख रुपये का अतिरिक्त खर्च वहन करना पड़ रहा है।