मैनपुरी। लोकसभा उपचुनाव में नवीन मंडी का अधिग्रहण न करने की मांग को लेकर आढ़ती सोमवार को जिलाधिकारी से मिले। उन्होंने व्यापार प्रभावित होने के साथ ही बड़े वर्ग की आय प्रभावित होने का हवाला दिया। उन्होंने किसी अन्य भवन का अधिग्रहण करने की मांग की है। हालांकि जिलाधिकारी की ओर से फिलहाल कोई ठोस जवाब नहीं दिया गया।
चुनाव आयोग ने मैनपुरी लोकसभा सीट पर उपचुनाव की घोषणा कर दी है। इसके साथ ही नवीन मंडी के अधिग्रहण का भी आदेश जारी हो गया है। इस आदेश से आढ़तियों में खलबली मच गई है। दरअसल एक माह तक उपचुनाव के चलते लगभग 70 प्रतिशत तक मंडी बंद रहेगी। ऐसे में धान की बिक्री प्रभावित होगी। अपनी समस्या को लेकर फूडग्रेन कमीशन एजेंट एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष रामबाबू सिंह कुशवाह के नेतृत्व में आढ़ती जिलाधिकारी से मिले। उन्होंने बताया कि वर्तमान में नवीन मंडी में मैनपुरी व आसपास के जिलों से लगभग एक लाख बोरी धान की आवक होती है। इसके चलते पहले से ही जगह कम पड़ रही है। वहीं अगर एक माह तक मंडी में कारोबार नहीं होगी तो संकट खड़ा हो जाएगा। किसान अगर धान रोकता है तो धान खराब होगा तो वहीं आढ़ती, पल्लेदार और मुनीम की भी रोजी रोटी का संकट खड़ा हो जाएगा। आढ़तियों ने जिलाधिकारी से सहानुभूतिपर्वूक विचार करते हुए उप चुनाव के लिए मंडी का अधिग्रहण न किए जाने की मांग की है। उन्होंने सैनिक स्कूल, राजकीय पॉलीटेक्निक या फिर स्टेडियम का अधिग्रहण कर चुनाव कराने की अपील की है। वहीं, अभी जिलाधिकारी ने इस पर कोई निर्णय नहीं दिया है। इस दौरान अखिलेश यादव, लक्ष्मीनारायण गुप्ता, वोट सिंह, सियाराम यादव, अनुपम कुशवाह, रामवीर यादव, जनार्दन गुप्ता, अअमित यादव, शैलेश, टीटू चौहान, गौरव चौहान, रोहित चौहार, मोहित चौहान आदि मौजूद रहे।