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Agra News: लंबित शस्त्र पत्रावली पर डीएम से 30 दिन में मांगी आख्या
Tue, 14 May 2024 05:58 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Updated Tue, 14 May 2024 05:58 PM IST
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लंबित शस्त्र पत्रावली पर डीएम से 30 दिन में मांगी आख्या
-पीडि़ता की शिकायत पर उपभोक्ता आयोग ने आदेश दिया
संवाद न्यूज एजेंसी
मैनपुरी। तहसील भोगांव के गांव सहारा की रहने वाली बाला चौहान एडवोकेट द्वारा दायर की गई याचिका पर जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने जिलाधिकारी से 30 दिन में आख्या मांगी है। पीड़ित ने विरासत के शस्त्र लाइसेंस के आवेदन का छह साल में निस्तारण नहीं करने का आरोप लगाया है। आदेश का पालन नहीं होने पर 30 दिन बाद पीड़िता दोबारा याचिका दायर कर सकती है।
बाला चौहान ने दायर की गई याचिका में कहा है कि उसके बाबा धनपाल चौहान के नाम शस्त्र लाइसेंस था। उसके बाबा की मृत्यु 7 नवंबर 2017 को हो चुकी है। 22 फरवरी 2018 को उसने विरासत का शस्त्र लाइसेंस बनवाने के लिए औपचारिकताएं पूरी करके आवेदन किया है। आवेदन का आज तक निस्तारण नहीं किया गया है। उसने याचिका में कहा है लाइसेंसी शस्त्र दुकान पर जमा होने के कारण उसको बेवजह दुकानदार को किराया देना पड़ रहा है।
आयोग में उसने प्रमाण भी प्रस्तुत किए। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के अध्यक्ष शशिभूषण पांडेय, नीतिका दास, नंद कुमार ने सुनाए गए निर्णय में कहा है कि जिलाधिकारी से 30 दिन में आख्या जमा कराएं। 30 दिन में आख्या नहीं मिलने पर ही आगे की कार्रवाई हो सकेगी। पीड़िता का मुआवजा पाने का अधिकार सुरक्षित रहेगा। आदेश का पालन नहीं होने पर 30 दिन बाद पीड़िता दोबारा याचिका दायर कर सकती है।
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-पीडि़ता की शिकायत पर उपभोक्ता आयोग ने आदेश दिया
संवाद न्यूज एजेंसी
मैनपुरी। तहसील भोगांव के गांव सहारा की रहने वाली बाला चौहान एडवोकेट द्वारा दायर की गई याचिका पर जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने जिलाधिकारी से 30 दिन में आख्या मांगी है। पीड़ित ने विरासत के शस्त्र लाइसेंस के आवेदन का छह साल में निस्तारण नहीं करने का आरोप लगाया है। आदेश का पालन नहीं होने पर 30 दिन बाद पीड़िता दोबारा याचिका दायर कर सकती है।
बाला चौहान ने दायर की गई याचिका में कहा है कि उसके बाबा धनपाल चौहान के नाम शस्त्र लाइसेंस था। उसके बाबा की मृत्यु 7 नवंबर 2017 को हो चुकी है। 22 फरवरी 2018 को उसने विरासत का शस्त्र लाइसेंस बनवाने के लिए औपचारिकताएं पूरी करके आवेदन किया है। आवेदन का आज तक निस्तारण नहीं किया गया है। उसने याचिका में कहा है लाइसेंसी शस्त्र दुकान पर जमा होने के कारण उसको बेवजह दुकानदार को किराया देना पड़ रहा है।
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आयोग में उसने प्रमाण भी प्रस्तुत किए। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के अध्यक्ष शशिभूषण पांडेय, नीतिका दास, नंद कुमार ने सुनाए गए निर्णय में कहा है कि जिलाधिकारी से 30 दिन में आख्या जमा कराएं। 30 दिन में आख्या नहीं मिलने पर ही आगे की कार्रवाई हो सकेगी। पीड़िता का मुआवजा पाने का अधिकार सुरक्षित रहेगा। आदेश का पालन नहीं होने पर 30 दिन बाद पीड़िता दोबारा याचिका दायर कर सकती है।
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